अभी कुछ दिनों पहले दिल्ली के किसी अखबार (नाम वाकई याद नहीं आ रहा है) में फ्रंट पेज पर बाटम स्टोरी को पढ़ रहा था. चांद के पिछले 19 साल में पृथ्वी के सबसे करीब होने से संबंधित खबर. पूर्णिमा के दिन चांद की पृथ्वी से ऐसी करीबी को एक्स्ट्रीम सुपरमून का नाम दिया गया है. खबर में जिक्र था कि इस नजदीकी और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी पर भूकंप, ज्वालामुखी, सुनामी और अन्य आपदाएं आ सकती हैं.
वैज्ञानिकों ने भी कहा है कि एक्स्ट्रीम सुपरमून के कारण पृथ्वी पर समुद्री लहरें सामान्य से ज्यादा ऊंची या नीची होंगी. और, इस खबर को पढ़ने के कुछ ही दिनों में सुनामी आने की खबर आ चुकी है. टोक्यो से सूचना है कि पूर्वोत्तर जापान में 8.9 की तीव्रता वाले जबर्दस्त भूकंप के बाद सूनामी के चलते काफी नुकसान हुआ है. भूकंप के चलते जहां कई मकानों में आग लग गई, वही सूनामी की लहरें तटीय इलाकों में कई मकानों, कारों और पोतों को अपने साथ बहा कर ले गईं. कई लोगों के घायल होने की भी खबरें हैं, पर अधिकारी अभी आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं. फिलिपींस, इंडोनेशिया और रूस समेत 10 देशों में सूनामी की चेतावनी जारी की गई है. भारत सरकार ने कहा कि उसके तटीय इलाकों में कोई खतरा नहीं है. भूकंप रात दो बजकर 46 मिनट पर आया, जिसके बाद कई तगड़े झटके आए.
अमेरिकी भूगर्भ सर्वे ने भूकंप की तीव्रता 8.9 बताई, जबकि जापान के मौसम विज्ञान विभाग ने इसे 7.9 मापा. भूकंप के बाद मौसम विज्ञान विभाग ने जापान के पूरे प्रशांत महासागर के तट के लिए सूनामी की चेतावनी जारी की. सरकारी मीडिया एनएचके ने चेतावनी दी कि तट के नजदीक रहने वाले लोग सुरक्षित इलाकों की ओर चले जाएं. हवाई में पैसिफिक सूनामी वॉर्निंग सेंटर ने कहा कि जापान, रूस, मार्क्स आईलैंड और उत्तरी मारियाना के लिए सूनामी की चेतावनी जारी की गई है. गुआम, ताइवान, फिलिपींस, इंडोनेशिया और अमेरिकी राज्य हवाई को सुनामी पर नजर रखने को कहा गया है. मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वी तट से करीब 125 किलोमीटर की दूरी पर 10 किलोमीटर की गहराई में भूकंप के झटके आए. यह इलाका टोक्यो से 380 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है. टोक्यो में बड़ी संख्या में इमारतें हिलने लगी और सुरक्षा के लिए लोग सड़कों पर निकल आए.
टीवी फुटेज में दिखाया गया है कि एक बड़ी इमारत में आग लगी हुई है और ओदैबा जिले में घरों से धुंआ निकल रहा है. भूकंप आने के आधे घंटे बाद भी टोक्यो की बड़ी इमारतें हिलती रहीं और मोबाइल नेटवर्क ने काम करना बंद कर दिया. एनएचके के फुटेज में दिखाया गया है कि सेनडई स्थित उसके ऑफिस में कर्मचारी लुढ़क रहे हैं और किताब व अखबार मेजों से टकरा रहे हैं. सेंट्रल टोक्यो में रेलगाडि़यों को रोक दिया गया और लोग पटरियों के किनारे-किनारे चलते नजर आए. एनएचके ने कहा कि टोक्यो में एक बड़े हॉल कुदान कैकान की छत ढह गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए.
इस इलाके में पिछले कुछ समय में कई भूकंप आए, जिसमें बुधवार को आए 7.3 की तीव्रता वाला भूकंप भी शामिल है. भूकंप के केंद्र के पास समुदी तट पर आए सूनामी में कई मकान बह गए. टोक्यो से लोगों के घायल होने की भी खबर है. टीवी फुटेज में दिखाया गया है कि जापान के तटीय इलाकों में काफी क्षति हुई है और पानी में दर्जनों कारें, नाव और यहां तक कि मकान भी बह गए. एनएचके के फुटेज के मुताबिक सुनामी में एक बड़ा पोत बह गया. अधिकारी भूकंप के कारण हुई क्षति के अलावा घायलों और मृतकों की संख्या का पता लगा रहे हैं लेकिन फिलहाल उनके पास विस्तृत जानकारी नहीं है.
सुनामी से संबंधित कुछ फुटेज इस वीडियो के जरिए देख सकते हैं- जापान में सुनामी












Rajkishor bhagat
March 11, 2011 at 1:03 pm
Dainik Bhaskar me khabar chhapi thi…