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चुपचाप लांच हुआ जागरण वालों का उर्दू अखबार ‘इंकलाब’

दैनिक जागरण अखबार के जरिए एक दौर में उग्र हिंदूवाद को सपोर्ट करने वाले जागरण प्रबंधन ने अब मुस्लिमों के बीच बिजनेस करने के इरादे से उर्दू अखबार शुरू किया है. इंकलाब नामक ब्रांड को खरीदने के बाद जागरण प्रबंधन ने इसका लखनऊ संस्करण लांच कर दिया है. यह अखबार लखनऊ में बारह पेज का है और दो रुपये दाम में बिकेगा. वीकेंड में यह सोलह पेज का होगा. शुक्रवार और इतवार को सप्लीमेंट भी साथ रहेगा.

दैनिक जागरण अखबार के जरिए एक दौर में उग्र हिंदूवाद को सपोर्ट करने वाले जागरण प्रबंधन ने अब मुस्लिमों के बीच बिजनेस करने के इरादे से उर्दू अखबार शुरू किया है. इंकलाब नामक ब्रांड को खरीदने के बाद जागरण प्रबंधन ने इसका लखनऊ संस्करण लांच कर दिया है. यह अखबार लखनऊ में बारह पेज का है और दो रुपये दाम में बिकेगा. वीकेंड में यह सोलह पेज का होगा. शुक्रवार और इतवार को सप्लीमेंट भी साथ रहेगा.

जागरण प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि जो एडिटोरियल पालिसी जागरण की है, वही इंकलाब की भी रहेगी. ये सभी जानते हैं कि जागरण की एडिटोरियल पालिसी में हिंदुत्व को सपोर्ट करने की भावना रही है. ऐसे में देखना है कि इंकलाब के जरिए जागरण प्रबंधन मुसलमानों के बीच क्या मैसेज लेकर पहुंचता है. इंकलाब को बिहार और यूपी के कई शहरों में लांच करने की योजना है. इंकलाब के एडिटर शाहिद लतीफ हैं. नार्थ एडिशन के संपादक शकील शम्सी हैं.

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0 Comments

  1. surendra gayki/aurangabad

    May 27, 2011 at 7:46 pm

    thik hai, jagran walo ki policy kbhi hindu supportive rahi, par isse kya fark padta. valya se valmik bankar ramayan likhi ja sakti hai to for -Inqlaab-kyo nahi laya ja sakta…………..Aur ek baat meri samajh me nahi aati hai ki, aakhir hindutva se aaap lago ko elrgee kyo hai. … hindutva hai to hindustan hai. ——–Surendra gayki.

  2. Shareef Ahmed

    May 28, 2011 at 9:14 am

    inqilab ko jagran ne adopt kiya hai aur kuch soch kar hi kiya hai. lekin pehle din ke akhbar ko dekh kar laga ki yeh different hoga. Muslims ne is ka jis tarah lucknow men sawagat kiya us se pata chalta hai ke yeh akhbar jald hi chha jayega, Jagran ki policy ab hindutv vaadi nahi hai woh samajwadi vichar dhaara se jud gaya hai. kahin bhi jagran men ab pehli jaisi kadwahat nahi dikhti to us ke urdu paper men bhala kis tarah nazar aayegi

  3. AMEEQUE JAMI

    May 30, 2011 at 7:02 am

    @PRIYA SURINDER JI, ALERGY HINDUISM SE NAHI HINDUTWA SE HAI JISKA HINDUISM SE KOI LEN ADEN ANAHI HAI..KHIAR RAHI BAAT BAAT URDU KI YEH DESH KI ZABAAN HAI .. KISI DHARM AUR MAZHAB SE ISKA KOI LENA DENA NAHI..YEH ALAG BAAT KI JAB HAMARE DESH ME DHARMNIRPECHTA KAMZOR HUI..HINDI AUR USDU KO JUDA KARNE KI KOSHISH HUI..ISKI FAROG ME MUSALMANO KA BADA ROLE RAHA HAI..LEKIN JAGRAN HO YA SAHARA URDU INKO YEH SAMJHNA HOGA KI MUNAFA BANANA EK ALAG BAAT HAI HAI LEKIN DUNIYA ME SARE ISM DAFN HO RAH HAI..KHUD IS DESH ME SECULAR HINDU QAUM NE HINDITWA FASIWAD KO NAKAR DIYA HAI TO SAMAAJWAAD PE TO ANA HI HOGA

  4. M.KHAN

    May 30, 2011 at 10:42 am

    musalmano ki aik bari abadi M.P. BHOPAL mein bhi hai inhein yeh akhbar yahan se bhi nikalna chahiye.

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