गढ़मुक्तेश्वर : किसान दिवस के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण का 109वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। किसान पीजी कालेज सिम्भावली में चौधरी साहब की स्मृति में हवन-पूजन, विचार गोष्ठी, वृक्षारोपण तथा पुरस्कार वितरण सम्पन्न हुआ। विचार गोष्ठी का विषय था- ‘वर्तमान समय में चौधरी चरण के चिन्तन की प्रासंगिकता।’ चौधरी साहब के निकट सहयोगी रह चुके पूर्व विधायक कनक सिंह ने गोष्ठी की अध्यक्षता की। गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. अरूण कुमार इसमें मुख्य अतिथि थे। मेरठ से पधारे प्रख्यात क्षिक्षाविद् डा. हरेन्द्र सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। विचार गोष्ठी का संयोजन व संचालन हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डा. विश्वपाल आर्य ने किया।
मुख्य अतिथि प्रो. अरूण कुमार ने चौधरी साहब को याद करते हुए कहा कि उनका चिन्तन आज भी प्रासंगिक व उपयोगी है तथा भविष्य में भी रहेगा। उन्होने कहा कि चौधरी साहब किसानों की व ग्रामीणों की खुशहाली को ही देश की असली तरक्की मानते थे। उप्र सरकार ने राजस्व मंत्री व कृषि मंत्री रहते हुए उन्होंने जो काम किये उसी से 50 वर्ष पूर्व किसानों की दशा में सुधार होना शुरू हुआ था। विशिष्ट अतिथि डा. हरेन्द्र सिंह ने कहा कि चौधरी साहब अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ थे। इन दो बुराइयों को दूर करने का सार्थक प्रयास होना चाहिए।
अध्यक्षीय भाषण में पूर्व विधायक चौ. कनक सिंह ने कहा कि आजादी के बाद जमीदारी प्रथा समाप्त करके किसानों को भूमि का मालिकाना हक देने में चौधरी साहब की मुख्य भूमिका थी। कृषि क्षेत्र में ढांचागत विकास के लिये उन्होंने सदैव प्रयास किया। जब वे केन्द्र सरकार में वित्तमंत्री बने तो केन्द्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिये अधिकतम धन का प्रावधान किया था। किसानों को उनकी मेहनत का लाभकारी मूल्य चौधरी साहब के प्रयास से ही मिलना शुरू हुआ था। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कालेज के प्राचार्य डा. अब्बास अली खान ने भी देशहित व समाजहित में चौधरी साहब को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। उनके अनुरोध पर अतिथियों ने महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया।
इस विचारगोष्ठी में क्षेत्र के प्रसिद्ध समाज सेवी चौ. मनवीर सिंह कालेज के शिक्षकगण डा. वीके चौहान, डा. जेपीएन श्रीवास्तव, डा. नफीस अहमद चौधरी, डा. प्राभात कुमार, डा. श्रीमती नीलम कुमारी, डा. सुधीर कुमार, डा. श्रीमती सुरभि मित्तल, डा. तेजवीर, डा. सुनीलदत्त, डा. योगेन्द्र कुमार, डा. अरविन्द कुमार, डा. ललित कुमार सहित सभी शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यालय अधीक्षक रवीन्द्र कुमार तेवतिया, विनोद कुमार पिलानिया, इन्द्रजीत सिंह, प्रमोद सक्सेना, बलवीर सिंह, रामकृपाल, मंगूलाल, नासिर खान आदि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भी जन्मदिवस समारोह में योगदान दिया।












Dr.H.R.Tripathi
December 28, 2010 at 1:28 am
SIR
Principal,teachers and the staff of Kisan P.G.College Simbhaoli must be praised for the celebration on kisan divas.
Shailesh Kumar
December 28, 2010 at 1:52 am
Chaudhary Saheb a god for peasants and workers.I congratulate all those who organised the programme.–Shailesh