जमशेदपुर से खबर है कि यहां बुधवार को आजतक के स्ट्रिंगर अनूप कुमार सिन्हा ने अपने सहयोगी पत्रकार सुभाष कुमार को सरेआम एक चाय की दुकान पर पीट दिया. सुभाष भी आजतक से जुड़े हुए हैं. यह घटना जमशेदपुर में कई पत्रकारों के सामने हुई. कुछ पत्रकारों ने सुभाष को अनूप के चंगुल से बचाया. सुभाष ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी मेल से अपने वरिष्ठों तक पहुंचा दी है. उन्होंने इसकी जानकारी झारखंड के ब्यूरोचीफ धर्मवीर सिन्हा को भी दे दी है.
जानकारी के अनुसार जमशेदपुर में पत्रकारों के अड्डा के रूप में मशहूर कालिया की चाय की दुकान पर सुभाष एवं कई पत्रकार चाय पीने के लिए इकट्ठा हुए थे. इसी बीच अनूप कुमार सिन्हा वहां पहुंचे तथा सुभाष कुमार को अपने पास बुलाया. सुभाष उस समय फोन पर किसी से बात कर रहे थे, इसलिए वो बात करते-करते अनूप के पास पहुंचे. अनूप ने उनके हाथ से मोबाइल छीनकर काट दिया तथा वहीं सुभाष की पिटाई करने लगे. इस घटना से सभी पत्रकार भौचक्क रह गए. किसी तरह बीच बचाव करके सुभाष को उन लोगों ने अनूप के चंगुल से छुड़ाया.
अचानक हुए इस घटना से हतप्रभ सुभाष ने पूरी जानकारी झारखंड के ब्यूरोचीफ धर्मवीर सिन्हा को दी, इसके बाद इन्हों ने दिल्ली में भी अपने वरिष्ठों को मेल किया. बताया जा रहा है कि पूरा मामला वर्चस्व को लेकर है. अनूप सिन्हा काफी समय से जमशेदपुर के स्ट्रिंगर हैं. सुभाष अभी छह महीने पहले ही जमशेदपुर में आजतक से जुड़े हैं. सुभाष इसके पहले दिल्ली में आजतक से जुड़े हुए थे, परन्तु पारिवारिक दिक्कतों के चलते वे जमशेदपुर चले आए तथा यहीं आजतक की स्ट्रिंगरशिप ज्वाइन कर ली. इसके बाद से ही अनूप वर्चस्व को लेकर सुभाष से भिड़ते रहे हैं.
सूत्रों का कहना है कि अनूप को झारखंड के ब्यूरोचीफ धर्मवीर का भी पूरा वरदहस्त है. बिरादरी होने के साथ, कुछ लोगों का कहना है कि दोनों लोगों के बीच शायद दूर की रिश्तेदारी भी है, जिसके चलते धर्मवीर अनूप को पूरा प्रश्रय देते हैं, इसके चलते कोल्हान क्षेत्र के स्ट्रिंगरों पर अनूप का जबर्दस्त दबाव रहता है. वो खुद को कोल्हान क्षेत्र का रिपोर्टर बताते हैं, जिसमें जमशेदपुर, चाइबासा, चक्रधरपुर, सरायकेला, खरसावा, चांडील, घाटशिला, बहरागोरा समेत कुछ और इलाके भी आते हैं. इन सभी इलाकों के आजतक के पत्रकार अनूप के निर्देश पर ही खबरों को कवर करते हैं.
सुभाष के आने के बाद अनूप के वर्चस्व में कमी आने लगी, जिस पर इन दोनों लोगों के बीच कई बार टकराव भी हुआ. कई बार अनूप की शिकायतें धर्मवीर तक पहुंची परन्तु उन्होंने इस पर ध्यान देने या मामले को हल करने की बजाय टालमटोल का रवैया अपनाते रहे, जिसके चलते अब स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है. बताया जा रहा है कि इसकी सूचना भी धर्मवीर को दी जा चुकी है, अब वे क्या निर्णय लेंगे इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. इस संदर्भ में जब धर्मवीर सिन्हा को कॉल किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.
इस संदर्भ में जब सुभाष कुमार से बात की गई तो उन्होंने अपने साथ हुई घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हों ने तात्कालिक कोई रियेक्ट न करते हुए अपने एसाइनमेंट को मेल भेजकर इस घटना की जानकारी दे दी है. अब वरिष्ठ लोगों को ही इस मामले में निर्णय करना है. मैंने अपने ब्यूरोचीफ को भी इस घटना से अवगत करा दिया है. वहीं जब इस संदर्भ में अनूप सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने मारपीट की किसी घटना से इनकार किया तथा कहा कि वे सुभाष कुमार नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानते.












संजय ओझा
September 15, 2011 at 6:30 am
अनूप सिन्हा पत्रकार नहीं है। चैनलों की बढ़ती भीड़ ने देश भर में अनूपों की बड़ी फौज खड़ी कर दी है। इनके बैग में दर्जन भर चैनलों का माइक-लोगो रहता है। दलाली करने के लिए लौंडे पाल रखे हैं। आजतक सरीखे तेज चैनल को ऐसे ही तेज लोगों की जरूरत है। अनूप सिन्हा नन मैट्रिक है। वह अपना नाम तक ठीक तरीके से नहीं लिख सकता। ऐसे ही लोग पत्रकारिता का नाम गंदा कर रहे हैं। इससे पहले कि पूरी तालाब गंदी हो जाए, इन्हें निकालकर फेंक देना चाहिए।
संजय ओझा, जमशेदपुर
vikash
September 15, 2011 at 8:58 am
Jamshedpur ki patrakarita ka yahi standerd hai bandhu, yaha ke kuch stringer agar khud ko jharkhand ka “BC” bhi bata de to koi hairani nahi hogi, waise bhi anup g to purane khiladi hai aur phir NAPOTISM bhi to koi cheez hoti hai aap samajh hi gaye honge
SITHUN
September 15, 2011 at 9:48 am
यह पढ़ कर अजीब लग रहा है, जहा तक मै जनता हू की झारखण्ड में श्री धर्मवीर सिन्हा के साथ जितना बेहतर टीम है है वह किसी के पास नहीं है, यही नहीं धर्मवीर सिन्हा ने समाचार के मामले ना तो कभी रिश्तेदारी निभाई है और ना ही समझौता किया है, यह अलग बात है की इस तरह के दोषारोपण किये जा रहे है, मै खुद ही आश्चर्य मै हू की लिखने वाले ने किस मानसिकता के साथ लिखा है पता नहीं, जहा तक रही बात अनूप सिन्हा की वह भी मेरे दोस्तों में से है, आजतक मैंने कभी यह शिकायत नहीं सुनी, उनका व्यहार जहा अपनों के साथ मित्रवत रहा है वही छोटे के साथ छोटा भाई जैसा, कंही यह किसी को नीचा दिखाने के लीए ऐसा तो नहीं किया जा रहा है, और जबरदस्ती का इस मामले में धर्मवीर सिन्हा को भी लपेटने की कोशिश की जा रही है, क्योकि धर्मवीर सिन्हा वैसे व्यक्ति है जो गलत बर्दास्त ही नहीं कर सकते, और कम से कम इस तरह के बात से लोगो को भी बचना चाहिए
SITHUN
September 15, 2011 at 10:15 am
यह पढ़ कर अजीब लग रहा है, जहा तक मै जनता हू की झारखण्ड में श्री धर्मवीर सिन्हा के साथ जितना बेहतर टीम है है वह किसी के पास नहीं है, यही नहीं धर्मवीर सिन्हा ने समाचार के मामले ना तो कभी रिश्तेदारी निभाई है और ना ही समझौता किया है, यह अलग बात है की इस तरह के दोषारोपण किये जा रहे है, मै खुद ही आश्चर्य मै हू की लिखने वाले ने किस मानसिकता के साथ लिखा है पता नहीं, जहा तक रही बात अनूप सिन्हा की वह भी मेरे दोस्तों में से है, आजतक मैंने कभी यह शिकायत नहीं सुनी, उनका व्यहार जहा अपनों के साथ मित्रवत रहा है वही छोटे के साथ छोटा भाई जैसा, कंही यह किसी को नीचा दिखाने के लीए ऐसा तो नहीं किया जा रहा है, और जबरदस्ती का इस मामले में धर्मवीर सिन्हा को भी लपेटने की कोशिश की जा रही है, क्योकि धर्मवीर सिन्हा वैसे व्यक्ति है जो गलत बर्दास्त ही नहीं कर सकते, और कम से कम इस तरह के बात से लोगो को भी बचना चाहिए
जीतेन्द्र, टीवी पत्रकार
September 15, 2011 at 10:36 am
अनूप सिन्हा के कारण कोल्हान से आनेवाले आज तक के दूसरे रिपोर्टर काफी परेशान हैं. अनूप सिन्हा को जमशेदपुर में “ख़बरों के चोर” के रूप में जाना जाता है. वे बड़ी चालाकी से दूसरे की FTP से विसुअल चुराकर ख़बरें भेजते हैं. अनूप सिन्हा ना केवल चोर हैं बल्कि बहुत बड़े फ्रोड भी हैं. अनूप सिन्हा जिस राह जाते हैं उस राह से पत्रकार अपनी दिशा बदल लेते हैं. जमशेदपुर के पत्रकारों को डर रहता है की कहीं उन्हें किसी ने उनके साथ देख लिया तो वे भी दूसरे दिन अनूप सिन्हा की तरह रंगदारी मांगने वाला पत्रकार कहलायेगा. उनके पास देश का सर्वश्रेष्ठ न्यूज चैनल “आज तक” के अलावे न्यूज 24 की भी आईडी है. इस आईडी को उन्होंने BAG में काम करने के दौरान हासिल किया था. यही नहीं इसके अलावे वे देश की बड़ी न्यूज़ एजेंसी ANI की भी आईडी रखे हुए हैं. गाहे बगाहे लोगों को इण्डिया टीवी का भी पत्रकार बताता है. पहले तो यह महाशय आपनेआप को स्टार न्यूज के खास क्राइम शो “सनसनी” का पत्रकार बताते थे. इसके लिए इन्होने बकायदे सनसनी के नाम से कार्ड छपवाकर बांटा था और लोगों में सनसनी फैलाकर छोटे-बड़े सबसे उगाही करते रहे. एक साथ इतने सारे बड़े न्यूज़ चैनल के लिए काम करने वाला यह शख्स “आज तक” में कितनी ईमानदारी से काम करता होगा इसका अंदाजा एक सामान्य सा संपादक भी लगा सकता है. लेकिन इसके बावजूद “आज तक” प्रबंधन में हिम्मत नहीं की अनूप सिन्हा का बाल भी बांका कर सके. ऐसा लगता है की अनूप सिन्हा को प्रबंधन के ही किसी उच्च अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है. आशा नहीं पूरा विश्वास है की आपके इस सच्ची खबर से अनूप सिन्हा जैसे फ्रोड पत्रकार का कोई कुछ भी बिगाड़ने की हिम्मत नहीं करेगा. लेकिन आपके पोर्टल में फ्रोड पत्रकार अनूप सिन्हा की जो सच्ची तस्वीर उभर कर आई है उसके लिए आप धन्यवाद के पात्र हैं.
khabrilalreporter
September 16, 2011 at 8:48 am
sithun ji sayag aap anup ji ko nahi jante anup k ebare main bat karna hain un se [uche jo unke sath barso rahain hain inmain virendra.niraj tiwary ,anwar.manman pandey, or ab chandrashekhaer se puche kali logo unhone logo ka shosan kiya hain mun main gali hamesha rahta hain usko is bat taqlif hain ki koi kyo aage bad raha hain aab aapko ye bhi bata de unki ladai unke purb chele joy kumar se bhi ho chuki hain wo to sahara camera man nanak the is liye mamala bich bachao kar mamla sant hua ab yahi kah jay ki anup sinha ko chanda kar kake bheja jay
karan pratap singh
September 16, 2011 at 9:46 am
karan
पहले तो इस पुरे प्रकरण को पढ़ कर एसा लगा की अब झारखण्ड विसुअल मिडिया में भी माफिया हावी हो रहे हैं , यह बहुत घिनौना प्रकरण है | अब मुद्दे पर आये तो श्री धर्मवीर सिन्हा झारखण्ड के उन महान पत्रकारों में से एक हैं जिनके बहुत चाहनेवाले हैं उनका सम्बन्ध सभी से मधुर हैं चाहे वह आज-तक का स्ट्रिंगर हो यह फिर किसी और चेनल का |श्री सिन्हा खबरों के मामले में किसी से सम्बन्ध नहीं रखते उन्हें सिर्फ मतलब है तो एक अच्छी खबर से यही कारन है की आज वह और उनकी टीम झारखण्ड में एक अलग पहचान बना रखा है ,जो कईयों को पच नहीं रहा है |धर्मवीर सिन्हा कभी कोई राजनीती पच्रे में नहीं पड़ते ,उनपर इस तरह का आरोप लगाने वाला कोई पागल ही होगा |जहाँ तक अनूप सिन्हा और धर्मवीर सिन्हा के बिच समबन्ध की बात है तो कब से अनूप और श्री सिन्हा सम्बन्धी हो गए इससे साफ़ मालूम होता है की कोई बहार के लोग इस बैठक बजी में है |
टीवी मिडिया ब्रेकिंग न्यूज़
September 17, 2011 at 7:55 am
=#= B R E A K I N G N E W S =#=
=#=====BREAKING NEWS====#=
आजतक में नन मेट्रिक बना रिपोर्टर…
लौहनगरी जमशेदपुर से आजतक का रिपोर्टर नन मेट्रिक…
अनूप सिन्हा हैं आजतक के नन मेट्रिक रिपोटर…
आजतक ने पत्रकार बनाने की परिभाषा बदल डाली…
उच्च शिक्षा के बगैर बनें रिपोर्टर…
उच्च शिक्षा के बजाये मुंह में होनी चाहिए गन्दी-गन्दी गलियां…
कमर में होने चाहिए देसी कट्टा…
जिसके बाद आप आसानी से कर सकें उगाही और रंगदारी…
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