वाराणसी। यहां अखबारों के बीच जंग बेहद तेज हो गयी है। सहारा की धमक बढ़ते ही बाकी सारे अखबारों ने जिनमें जागरण, अमर उजाला और हिंदुस्तान हैं, साझी रणनीति के तहत व्यावसायिक हमला बोल दिया है। इसका परिणाम यह हुआ कि सहारा की ग्रोथ रुक गयी है। इस बाबत जब सहारा के सर्कुलेशन मैनेजर तेज बहादुर सिंह से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि हां सहारा का ग्रोथ रुका है। इसकी मूल वजह जागरण से आयी है। जागरण वाराणसी का सबसे अधिक बिकने वाला अखबार है। सहारा ने आते ही जागरण की करीब चार हजार कापियां गिरा दी हैं। हालांकि सहारा ने अमर उजाला का पांच और हिंदुस्तान की चार हजार कापियां भी गिरायी हैं पर जागरण को यह बर्दाश्त नहीं हुआ।
मंगलवार को जागरण के साथ एक आई नेक्स्ट फ्री कर दिया गया। यही नहीं आई नेक्स्ट का दाम भी डेढ़ रुपये से घटाकर एक रुपया कर दिया गया। मगर आई नेक्स्ट अकेले लेने पर वितरक कमीशन जो पहले पचहत्तर पैसा था, उसे कम करके पचास पैसा कर दिया गया। इस तरह आई नेक्स्ट ने वितरक कमीशन पचीस पैसा प्रति कापी कम कर दिया। जब सुबह वितरकों ने आवाज उठायी तो जागरण के साथ आई नेक्स्ट लेने पर कमीशन बढ़ाकर एक रुपये पांच पैसे से एक रुपया तीस पैसा कर दिया गया। इस तरह जागरण के साथ आई नेक्स्ट भराई के नाम पर वितरको को एक रुपया पांच पैसे की जगह पचीस पैसा बढ़कर एक रुपया तीस पैसा मिलेगा। हिंदुस्तान ने दस कापी लेने पर एक कापी फ्री देने की स्कीम एक तारीख से चला रखी है। अमर उजाला एक सौ कापी लेने पर बीस कापी फ्री दे रहा है। मगर इससे कम लेने पर एक कापी भी फ्री नहीं देता है। इस तरह जागरण, हिंदुस्तान और अमर उजाला ने सहारा को घेरने की रणनीति अपना ली है। इसका परिणाम यह हुआ कि सहारा जो अपने दम पर मार्केट पर पकड़ बनाने की ओर अग्रसर हो रहा था, जहां का तहां रुक गया। देखिए इस खेल में आगे आगे होता है क्या!
वाराणसी से पूर्वांचलदीप के अजय कृष्ण त्रिपाठी की रिपोर्ट












shiv kumar
January 4, 2011 at 6:47 pm
Kabliat ki kami se hote me aise kam. Shiv kumar ( Lag Bani-jalandhar-9988376991
Madan Singh Kushwaha Ghazipur
January 4, 2011 at 1:59 pm
Yah Khabar Santust karane ke liye hai
Madan Singh Kushwaha Ghazipur
January 4, 2011 at 2:05 pm
khabar Pakshapat purn hai
Madan Singh Kushwaha Ghazipur
January 4, 2011 at 1:57 pm
Bakwas Hai
Madan Singh Kushwaha Ghazipur
January 4, 2011 at 1:54 pm
Bakwas hai