रविवार को जालौन के जिला मुख्यालय उरई स्थित दयानंद वैदिक महाविद्यालय के मैदान में पत्रकार एकादश और पुलिस प्रशासन एकादश के बीच मैत्री मैच हुआ। पहले खेलते हुए पत्रकार एकादश की टीम 81 रन पर सिमट गई। पुलिस प्रशासन की टीम ने चार विकेट खोकर ही लक्ष्य प्राप्त कर लिया और छह विकेट से मैच जीत लिया। इस तरह पुलिस प्रशासन ने पत्रकारों को लगातार दूसरी बार हराकर पुनः कप पर कब्जा कर लिया। इस वर्ष जनवरी में हुए मैत्री मैच में अपनी हार से बौखलाए पत्रकारों ने तैयारी तो जबरदस्त की थी, लेकिन कुशल नेतृत्व के अभाव के चलते उनकी तैयारी धरी की धरी रह गई।
काफी दिन से पुलिस और पत्रकारों के बीच मैत्री मैच कराये जाने की बात चल रही थी। जैसा की हर जगह होता है पत्रकारों की आपस की गुटबाजी के चलते कुछ चुने हुए पत्रकारों ने बिना किसी
अभ्यास के ही अपनी टीम को मैदान में उतार दिया, जहाँ एक ओर पुलिस प्रशासन ने मैच में अपने धुरंधर खिलाडियों को उतारा, वहीं पत्रकारों की टीम में कुछ ही ऐसे लोग थे जो वास्तव में मैच खेलना जानते थे।
पुलिस प्रशासन एकादश की टीम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक एन चौधरी व पत्रकार एकादश की टीम का नेतृत्व शिवकुमार सिंह ने किया। टास जीतकर पुलिस प्रशासन की टीम ने पहले फील्डिंग का फैसला लिया। पत्रकार एकादश की ओर से सलामी जोड़ी सुनील शर्मा और अनुज कौशिक ने बीस रन की साझेदारी की। सात रन बनाकर अनुज कौशिक कैच आउट हो गए। बाद में पहुंचे अकील खान भी कोई जौहर नहीं दिखा पाए। उन्हें
बालिंग कर रहे बीएसए एसके तिवारी ने आउट किया। दो विकेट गिरने के बाद भी सुनील शर्मा ने तेजी से रन जोड़े लेकिन 29 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर सुनील शर्मा को अंपायर ने रन आउट आउट दे दिया।
इसी तरह संजीव श्रीवास्तव भी, जो पत्रकारों में अच्छे खिलाडी माने जाते थे, बिना रन बनाए ही आउट होकर पवेलियन वापस लौट आये, लेकिन वो विवादित फैसले का शिकार हुए। इसके बाद संजय गुप्ता और शिवकुमार सिंह ने क्रीज पर रुककर खेलने की कोशिश की। 81 रन के स्कोर पर पूरी टीम आउट हो गई। आखिरी में उतारे गये आबिद नकवी को खेलने का मौक़ा नहीं मिला और वह अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाए लेकिन नाबाद रहे। पुलिस प्रशासन की टीम की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर ने तीन विकेट लिए।
लक्ष्य का पीछा करने पुलिस प्रशासन की तरफ से बीएसए एसके तिवारी और कांस्टेबिल ज्ञानेंद्र ओपनर के रूप में उतरे। बीएसए केवल एक रन बनाकर आउट हो गए मगर ज्ञानेंद्र टिक कर खेले। संजय गुप्ता ने बालिंग करते हुए नगर मजिस्ट्रेट को क्लीन बोल्ड कर दिया। पुलिस अधीक्षक एन
चौधरी तब उतरे जब जीत के लिए दो रनों को जरूरत थी। वाइड बाल पर वे एक रन के लिए भी दौड़ गए और इस तरह पुलिस प्रशासन ने छह विकेट से मैच जीत लिया। सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज ज्ञानेंद्र व बॉलर एएसपी राकेश शंकर और बेस्ट फील्डर दूरदर्शन एवं जनसंदेश न्यूज़ के संवाददाता संजय गुप्ता रहे।
पत्रकारों की ओर से कप्तानी दैनिक जागरण के शिवकुमार सिंह जादौन ने की। उनकी टीम में संजीव श्रीवास्तव (अमर उजाला ), अलीम सिद्दीकी (इंडिया न्यूज़), अजय श्रीवास्तव ( सहारा समय), अनुज कौशिक ( पी7 न्यूज ), संजय गुप्ता ( दूरदर्शन एवं जनसंदेश न्यूज़), प्रशांत बनर्जी (ईटीवी),
आबिद नकवी (हिन्दुस्तान), अवधेश सिंह (दैनिक जागरण), ब्रजेश मिश्रा (हिन्दुस्तान), अकील (दैनिक आज), अमित द्विवेदी ( दैनिक आज), रविन्द्र सिंह ( बीपीएन टाइम्स ) एवं सुनील शर्मा ( जनसत्ता) शामिल थे।
मैच में जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर और सुधीर त्रिपाठी द्वारा की गई कमेंट्री को सुनकर सारे दर्शक हंसी से लोटपोट हो गये। इस मैच में जनपद के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे, वहीं मैच को देखने के लिए पत्रकारों में अनिल शर्मा (जिला संवाददाता, अमर उजाला), नीरज बंसल (जिला संवाददाता, वायस आफ लखनऊ), ब्रजराज सिंह, अतुल त्रिपाठी ( वरिष्ठ पत्रकार), युसूफ इश्तियाक, राहुल गुप्ता (आजाद टीवी), प्रदीप त्रिपाठी (आज़ाद टीवी), इसरार खान ( दैनिक लोकभारती) सुधीर त्रिपाठी ( बीपीएन टाइम्स) सहित काफी मात्र में दर्शक उपस्थित रहे जिन्होंने इस मैच का पूरा लुफ्त उठाया। पत्रकारों की हार के पीछे एक मुख्य वजह सही खिलाडियों का चयन न करना एवं आपस की गुटबाजी भी रही।












sonu
January 15, 2011 at 9:51 am
jab police bala sikhyega to patrkar to har jayenge… photo me orai kotwal m.p tiwri bhi hai…
pinky
December 22, 2010 at 8:40 am
Aap sabhi media group ko “Target computer college” ki taraph se hardik shubh kamnaye