दो खबरें हैं। एक तो यह कि ओपी सक्सेना अब भी दैनिक जागरण, मेरठ में कार्यरत हैं। उनके हिंदुस्तान जाने की सूचना गलत थी। दूसरी खबर यह कि ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने अमर उजाला, इलाहाबाद की साढ़े पांच साल सेवा करने के बाद संस्थान गुड बाय बोलकर अब दैनिक जागरण, इलाहाबाद में बतौर उप संपादक ज्वाइऩ कर लिया है। चर्चा करते हैं पहली खबर की। दैनिक जागरण, मेरठ में कार्यरत चीफ सब एडीटर ओपी सक्सेना को लेकर पिछले दिनों खबर आई कि वे जल्द ही अच्छे पैकेज पर दैनिक हिंदुस्तान, मेरठ में ज्वाइन करने वाले हैं।
पर बाद में ओपी सक्सेना ने खुद स्पष्ट किया कि ये खबर पूरी तरह निराधार थी और वे दैनिक जागरण के प्रति हमेशा से निष्ठावान रहे हैं व आगे भी रहेंगे। किसी दूसरे संस्थान को ज्वाइन करने का सवाल ही नहीं उठता। ओपी सक्सेना मेरठ से पहले दैनिक जागरण के मुजफ्फरनगर कार्यालय के लंबे समय तक ब्यूरो चीफ रहे हैं। रपत्रकारिता की पुरानी खेप के साथ करियर शुरू करने वाले ओपी सक्सेना आज के अत्याधुनिक दौर में भी उतने ही तरोताजा व प्रखर हैं जितना कोई नई उम्र का तेज-तर्रार पत्रकार। B4M ओपी के उज्जवल भविष्य की कामना करता है।
ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने अमर उजाला के नैनी स्थित आफिस के इंचार्ज के रूप में अपना करियर शुरू किया और बाद में इलाहाबाद में अमर उजाला समूह के टैबलायड अखबार कांपैक्ट की रिपोर्टिंग टीम के पार्ट हो गए। लगभग साढ़े पांच साल के अमर उजाला से जुड़ाव के बाद आंतरिक हालात कुछ यूं बदले कि ज्ञानेंद्र खुद को वहां असहज महसूस करने लगे और उन्होंने इलाहाबाद में ही दैनिक जागरण का दामन थाम लिया। दैनिक जागरण, वाराणसी के संपादकीय प्रभारी राघवेंद्र चड्ढा ने इलाहाबाद आकर ज्ञानेंद्र को जागरण में ज्वायनिंग दिलाई। हम ज्ञानेंद्र के बेहतर भविष्य की कामना करते हैं।