
डा. आरएस शुक्ला
इससे पूर्व सन 2009 मे श्रीकांत पराशर एवं 2010 में नवभारत टाइम्स के पूर्व संपादक विश्च्नाथ सचदेव जी को यह पुरस्कार दिया गया था. श्याम सुन्दर ने बताया कि यह पुरस्कार इलेक्ट्रॉनिक्स एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकारों को दिया जाता है. उल्लेखनीय है कि एक वर्ष इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूसरे वर्ष प्रिंट मीडिया के लोगों को दिया जा रहा है. उनके मुताबिक हिंदीतर भाषी क्षेत्रों के हिंदी पत्रकारों एवं दूसरे वर्ष हिंदी भाषी क्षेत्रों के हिंदी पत्रकारों को यह पुरस्कार दिया जाता है. जिसके तहत डॉ. राधेश्याम शुक्ल को सन 2011 का यह पुरस्कार दिया जा रहा है.
मूलतः अयोध्या के रहने वाले डॉ. शुक्ल पिछले 41 वर्षों से हिंदी पत्रकारिता से जुड़े़ हैं. इन्होंने फैजाबाद से प्रकाशित हिंदी दैनिक “जनमोर्चा “से पत्रकारिता की शुरुआत की थी. बाद में डॉ. शुक्ल ने वहीं से प्रकाशित हिंदी दैनिक “हमलोग” में संपादक बने. उसके बाद मेरठ से प्रकाशित “अमर उजाला” एवं दैनिक जागरण को अपनी महत्त्वपूर्ण सेवाएं दीं. जनवरी 1998 में हैदराबाद से प्रकाशित हिंदी दैनिक “स्वतंत्र वार्ता ” में समूह संपादक बने. विदित हो कि “स्वतंत्र वार्ता” का प्रकाशन हैदराबाद के आलावा निज़ामाबाद एवं विशखापत्तनम से भी होता है. डॉ. शुक्ल द्वारा लिखित पुस्तक “रामजन्म भूमि का प्रमाणिक इतिहास” काफी लोकप्रिय रहा है.
श्री गोइन्का के मुताबिक केरल के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. एनई विश्वनाथ अय्यर को “गोइन्का हिंदी साहित्य सारस्वत सम्मान” तथा “बाबूलाल गोइन्का हिंदी साहित्य पुरस्कार” चेन्नई के डॉ एम शेषन को उनकी लोकप्रिय कृति “तमिल संगम” के लिए दिया गायेगा. इन्हें पुरस्कार के स्वरूप 21000 रुपये नकद, शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा. प्रेस विज्ञप्ति












mahesh rastogi
March 17, 2011 at 7:16 pm
सर बहुत बहुत बधाई.
mukesh pande
March 16, 2011 at 5:47 pm
bdhai
PUKHRAJ
March 16, 2011 at 5:54 pm
Badayee ho, Yogya sampadak ko ye samman mil raha hai. Dr. Shukla ne dhkshin Bharat me Hindi patrakarika ko naye Unchayee or disha di hai. Sam-samyeek vishyon par unki sampadkiye or Ravivar ka aank behad Gyanvardhak or Preranadayak hota hai. Aise yashaswi Sampadak ko mera vandan.
Sant Ram Pandey
March 19, 2011 at 10:15 am
Bhai Sahab
Aapko RAMNATH GOINKA PATRKAR SIROMANI Puraskar ke liye
Bahut Bahut Badhayee.
Santram Pandey
Meerut
Balesh Tiwari, Dainik Bhaskar, Nagpur
March 22, 2011 at 4:30 pm
badhayi ho sir, aapko award minle ki khabar milane par khusi huyi, isi tarah aapko aur award milta rahe. ek bar phir badhayi
vikram suryawanshi
April 8, 2011 at 5:37 am
Sir, apko bahut-bahut badhaai.