
गंगाचरण मिश्र
यह पीड़ा जाहिर करते हुए नगर के वरिष्ठ पत्रकार, श्रमजीवी पत्रकार संघ के नगर अध्यक्ष और बीटीवी के संपादक गंगाचरण मिश्र की आंखें छलछला उठीं। उन्होंने बेबसी के साथ अपने साथ हुए इस घटनाक्रम की जानकारी जब पत्रकार वार्ता में शहर के तमाम पत्रकारों के सामने रखी तो सभी पत्रकार उद्वेलित हो उठे। श्री मिश्र ने बताया कि 5 और 6 दिसम्बर की दरम्यानी रात को जब वे घर पर थे, तभी पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरेन्द्रजीत सिंह का मोबाइल आया और उसने बिना कुछ पूछे ही सीधे गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि अब तू शहर में जहां मिलेगा, तुझे चाकुओं से गोद दिया जाएगा।
श्री मिश्र ने बताया कि धमकियों का यह सिलसिला लगभग दो मिनट तक जारी रहा। पहले तो पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाता था और अब सीधे हत्याएं होने लगी हैं, आखिर जननेता जिन पत्रकारों की मदद लेकर आगे बढ़ते हैं, उन्हीं के साथ इस प्रकार का व्यवहार कैसे करते हैं। श्री मिश्र ने सभी पत्रकारों को साक्ष्य के तौर पर धमकी वाले कॉल की रिकॉर्डिग वाली सीडी भी प्रदान की और उचित कार्रवाई के लिए पत्रकार जगत का सहयोग मांगा। इस मौके पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश महासचिव नलिनकांत वाजपेई, संभागीय अध्यक्ष परमानंद तिवारी और वरिष्ठ पत्रकार मोहन शशि ने भी पत्रकारों को सम्बोधित किया।
अपने साथी के साथ हुई घटना को लेकर पत्रकारों ने गजब की एकता प्रदर्शित की। पत्रकारों का कहना था कि जिस प्रकार की घटना गंगाचरण मिश्र के साथ हुई, ऐसी घटना कभी भी किसी पत्रकार के साथ न हो, इसलिए प्रशासन से शीघ्र ही उचित कार्रवाई करने दबाव बनाया जाएगा और शहर का पत्रकार जगत अपने साथी के लिए हर मोर्चे पर लड़ाई लड़ने तैयार है। पत्रवार्ता में प्रिंट और इलेट्रॉनिक मीडिया के सभी पत्रकार उपस्थित थे। पत्रकार संघ ने विधायक हरेन्द्रजीत सिंह पर तत्काल ही आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। संघ का कहना है कि धमकी वाले कॉल की रिकॉर्डिग पुलिस को उपलब्ध करा दी गई है, इसलिए अब उन पर मामला दर्ज होना चाहिए और शीघ्र ही गिरफ्तारी हो।
श्रमजीवी पत्रकार संघ ने नगर अध्यक्ष के साथ हुई वारदात की जानकारी भाजपा के संगठन सहायक गोविन्द आर्य, विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी, पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रहलाद पटेल, एडीजीपी एमआर कृष्णा, संभागायुक्त प्रभात पाराशर, कलेक्टर गुलशन बामरा, एसपी संतोष सिंह के साथ ही थाना प्रभारी लार्डगंज हरिओम शर्मा को भी दी। इसके साथ ही महामहिम राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता, प्रभारी मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा को ज्ञापन प्रेषित कर घटना की पूरी जानकारी देते हुए उचित कार्रवाई की मांग की गई है। श्री मिश्र ने पत्रकार वार्ता में कहा कि इस घटना से उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है, इसलिये परिवारजनों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को पहल करनी चाहिए। विधायक की कार्यप्रणाली देखकर ऐसा लगता है कि वे कभी भी कुछ भी करवा सकते हैं। साभार : दैनिक भास्कर












atuldube
December 10, 2010 at 10:11 am
श्री मान जी यह पत्रकार नहीं बल्कि दलाल मालिक के कहने पर पत्रकारिता की आड़ में दूसरे किस्म की दलाली करने गए थे। पत्रकार को केवल अपनी कलम से सरोकार होता है सामािजक मुद्दों से सरोकार होता है। मालिक और एक विधायक की लड़ाई में पत्रकार को कूदने की जरूरत नहीं हैं। दैनिक भास्कर का जबलपुर मालिक विधायक के विरुद्ध अपने यहां के पत्रकार नौकरों को इस्तेमाल कर रहा है। साथ ही यह नौकर पत्रकार उसमें लगे हुए हैं। उन्हें तो खुद पिटते हुए शर्म आ रही है और नही पत्रकाािरता के जनाजा निकालने पर शर्म आ रही है। यह वही अखबार है जिसने यहां काम करने वाले फोटोग्राफर की हत्या होने पर सिंगल कालम खबर प्रकाशित की थी। अब जब मालिक पर आंच आ रही है तो कर्मचारियों को ढाल बनाया जा रहा है। मूर्ख हैं कर्मचारी जो मलिक की नजायज लड़ाई में शामिल हो रहे हैं। यह पत्रकार की जंग नहीं बल्कि दो प्रापर्टी डीलरों की लड़ाई है पत्रकार इसमें न पड़ें तो पत्रकारिता का हित होगा।
akash rai
December 10, 2010 at 10:43 am
patkaro ko aaye din damkio or katal kar diye jane ki baat aam ho gai hai .
per in aropiyo per samay rahte karbaahi na hone se inke hoshle buland rahte
aaye hai . rajnetik sanrakshan prapt baahu balio per rasuka lagi jakar kaarbai
ki jane chahiye taki fir koi imandaar nispakch patkaar ke khilaaf esa dussahas
na kar paye .
Niranjan singh
December 10, 2010 at 1:36 pm
waah dubey aapne bilkul theek likha hai bhaskar ke DALAAL maalik ko maalum hai ki wo vidhayak kaa kuch nahi bigaad sakte kyonki kai baar wah vidhaayak inhe patkhani de chuka hai aur dono ko hi ek doosre ki chaddi ka naap maalum hai.Aise me bhaskar ka DALAAL maalik yah jaanta hai ki agar patrkaaron ko aage kar de to kuch baat ban jaayegui.Jo patrkar vidhayak ki dhamki se aahat hai unse yah poochna chahta hoon ki kya jaroorat hai doosron ke maamlo me taang adane ki aap patrkaar ho patrkaar hi hi raho agar deewar par likhi koi cheez mitaane jaoge to laaten khani hi padengi aur DALAL maalik par itna raham mat dikhaao ki aapke beewi-bachhe doosron ki raham ke mohtaaj ho jaayen.
Azad singh
December 10, 2010 at 1:48 pm
Waah dubey ji kya khho comment likha hai aapne.Jo samachaar me likhaa hai wah bilkul bakwaas hai aapne ja likha hai wahi koraa sach hai.
adubey
December 10, 2010 at 2:14 pm
पिछले चार वर्षों में जबलपुर में जितने पत्रकारों को छोटे बड़े हमले हुए हैं वे सभी दैनिक भास्कर के कर्मचारी रहे हैँ। संयोग हो या दुर्योग लेकिन यह सच है। एक को चाकू पड़े, एक को बका घोंपा गया, एक के घर पर बम पटका गया और चौथे को जिंदा जला दिया गया। पांचवे प्रकरण में भास्कर संस्थान में नौकरी करने वाले एक पत्रकार को कथित तौर पर चाकुओं से गोदने की धमकी दी गई। जो भी हो इन सभी मामलों में भास्कर प्रबंधन का अंध व्यवसायिक हित कहीं न कहीं जुड़ा रहा है। सबसे बड़ी विडम्बना पांचवे प्रकरण में देखने को मिलती है इसमें सड़कों पर विवाद के बाद भास्कर प्रबंधन ने कर्मचारी कैमरामेन इंम्तियाज से विधायक बब्बू के विरुद्ध रिपोर्ट करने को कहा, तो उसने मनकर दिया। बेचारे इम्तियाज को नौकरी से निकाल दिया गया। लेकिन ऐसा नहीं कि वह बेरोजगार हो गया है उसे विधायक ने अपनाते हुए दो माह का दस हजार अग्रिम दे दिया है और वादा किया है कि जब तक कहीं नौकरी नहीं मिलती पांच हजार वेतन दी जाती रहेगी। अब ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जीत किसकी होगी। भास्कर प्रबंधन विशेषकर भोपाल वालों से अनुरोध है कि वे जबलपुर वालों को समझाएं और पत्रकारिता की अर्थी निकलवाने से बाज आएं। वरना पत्रकारिता को जीवित रहेगी, लेकिन दैनिक भास्कर अस्त हो जाएगा।
ramesh kumar
December 14, 2010 at 9:26 am
जबलपुर मई श्री गंगा चरण मिश्र के साथ जो हो रहा है उसके लिए आरोपी भाजपा विद्यायक हरेन्द्र जीत सिंह बब्बू पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए …मैंने कई साल तक मिश्र जी के साथ एक पत्रकार के रूप में जबलपुर में काम किया है ..और में समझ सकता हु की ..उन्हें विधायक हरेन्द्र जीत बब्बू ने धमकी क्यों दी होगी .क्योकि बब्बू का झगडा भास्कर ग्रुप के साथ लम्बे समय से चल रहा है और मिश्र जी बी टी वी में काम करते है …इस लिए भाजपा विधायक ने अपनी दुश्मनी दैनिक भास्कर के मालिको से निकलने के लिए मिश्र जी को निशाना बनाया है ..यसवंत जी आप को बता दू की जबलपुर में भाजपा के नेताओ और विधायको की गुंडा गर्दी इस कदर है की शहर में जितने २ नंबर के काम हो रहे है उनमे .भाजपा के नेताओ पूरा सहयोग है…जिस्म फरोसी के लिए विख्य्यात कोकिला रिसोर्ट में खुले आम जिस्म फरोसी का धंधा चल रहा है ..पुलिस को इस बात की जान करी भी लेकिन फिर भी यहाँ पुलिस कार्यवाही नहीं करती क्योकि रिसोर्ट के संचालक को भाजपा के वरिष्ट नेता का पूरा संरक्षण मिला हुआ है ..इसके आलवा जुए और शराब के अड्डे घर घर चल रहे है हरेन्द जीत सिंह बब्बू भी बहुत सारे २ नम्बरों के काम में जुड़े हुए है और सत्ता का पूरा फायेदा उठा रहे है
हाल ही भास्कर के एक छायाकार की गोली मार ने के बाद पेट्रोल दाल कर जला कर हत्या कर दी गयी थी
और अब मिश्र जी को जान से मारने की धमकी दी जा रही है और धमकी देने वाला भी भाजपा का राजनेतिक गुंडा हरेन्द जीत सिंह बब्बू दे रहा है जो विधायक भी है …लेकिन अफ़सोस इस बात का है ..की जबलपुर के कुछ पत्रकार इन भाजपा नेताओ के तलुए चाटने में लगे हुए है …..क्योकि इन पत्रकारों को इस तलुए चटाई के लिए बकसीस मिलती है …जबलपुर में पहले भी पत्रकारों पर हमले हो चुके है लेकिन इसके वाबजूद भी पत्रकारों ने इन घटनाओ से सबक नहीं लिया ..और राकेश साहू की हत्या के रूप में परिणाम सामने आया ..और अब ये नया मामला सामने आया है ……निश्चित ही इस घटना से जबलपुर के कुछ पत्रकार ज़रूर खुश होंगे क्योकि यहाँ जिस पर बीतती है उसे ही अपनी लड़ाई लड़नी पड़ती है ..वाकी पत्रकार सिर्फ पुलिस को ज्ञापन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर के सो जाते है ….और इस मामले में भी भीड़ में खड़ा हर पत्रकार मिश्र जी साथ हो ऐसा नहीं है …विश्वजीत सिंह पंकज शाह ..नलिन बाजपाई ये लोग दो धारी तलवार है ..जो दोनों तरफ से कटते है …बब्बू के खासम खास लोगो में इनका नाम आता है …और ये लोग इस पुरे मामले से अपनी दुरी ज़रूर बनाने की कोशिस करेंगे