मशहूर पत्रकार दिलीप मंडल ने इस्तीफा दे दिया है। वे बतौर एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर सीएनबीसी आवाज, दिल्ली के हेड थे। वे पिछले तीन वर्षों से यहां कार्यरत थे। दिलीप कहां जा रहे हैं, अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन बहुत जल्द अपनी नई पारी के बारे में खुलासा करेंगे। दिलीप मंडल समकालीन हिंदी पत्रकारिता के जाने माने नाम हैं। वे इलेक्ट्रानिक मीडिया की पेशेगत व्यस्तता के बावजूद प्रिंट और वेब माध्यमों के लिए भी लगातार लिखते रहे हैं।
ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर अपने धारधार लेखन के जरिए सक्रिय हस्तक्षेप करने वाले दिलीप मंडल ने पत्रकारिता में काफी कम समय में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी जन पक्षधर शैली और हाशिए पर खड़े आम आदमी के दर्द को महसूस कर शब्दों के जरिए आवाज देने का अंदाज काफी चर्चित है। वे अपने लेखन के जरिए उन मुद्दों को उठाते रहे हैं जिन्हें आमतौर पर राजधानी की पत्रकारिता में भुला दिया जाता है।
दिलीप मंडल इलेक्ट्रानिक मीडिया में आठ वर्षों से हैं। सीएनबीसी आवाज से पहले स्टार न्यूज में दिल्ली डेस्क प्रभारी थे, उससे भी पहले जी न्यूज में एसाइनमेंट डेस्क के प्रभारी रहे। दिलीप देश के नंबर वन न्यूज चैनल आज तक को लांच करने वाली टीम के भी पार्ट रहे हैं। एसपी सिंह के करीबी रहे दिलीप आज भी पत्रकारिता में एसपी की तरह जमीनी सोच को आधार बना कर काम करते हैं। दिलीप ने पत्रकारिता की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। प्रिंट में कुल सात वर्षों की पारी रही। यहां वे इंडिया टुडे, दैनिक जागरण, अमर उजाला और जनसत्ता जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में कार्यरत रहे। झारखंड के बोकारो के रहने वाले दिलीप मंडल एक चर्चित ब्लागर भी हैं। रिजेक्ट माल नामक उनका ब्लाग विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर लेखन के लिए चर्चित है। इसके अलावा वे पत्रकारिता शिक्षण से भी जुड़े हुए हैं।











