दूरदर्शन यानी दूर के दर्शन, किसी ने शायद ठीक ही कहा है. दरअसल हुआ ये है कि पिछले दिनों दूरदर्शन भोपाल में अंशकालीन संवाददाता की भर्ती के लिए साक्षात्कार हुए थे. लेकिन इस भर्ती में जमकर घूसखोरी की गई. अगर सूत्रों की माने तो ग्वालियर से अपना भाग्य आजमाने पहुंचे थे कुल सात आवेदक. जिनमें से आधिकांश से 25000 हजार रूपये की डिमांड की गई. जिन्होंने चढ़ावा चढ़ाया उनको डीडी न्यूज की आईडी थमा दी गई. और जो नहीं दे पाए उन्हें चलता कर दिया गया.
ये कारनामा दूरदर्शन के किसी गौतम साहब ने किया है. इसका खुलासा गौतम के एक गुर्गे ने किया. हुआ ये कि साहब के पिट्ठू एक आवेदक से बोले कि अगर तुम्हे स्ट्रिंगर बनना है तो ऊपर लिखी रकम दे दो, मैं तुम्हे स्ट्रिंगर बनवा दूंगा. इतना ही नहीं गौतम साहब जब भी ग्वालियर आते हैं तो जूतों से लेकर तेल तक अपने अधीनस्थों से ले जाते हैं. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भोपाल स्तर पर दूरदर्शन में ये हो रहा है तो दिल्ली में क्या हाल होगा. हमारी बात सच है दूर के दर्शन, अगर परिश्रमी, ईमानदार और अनुभवी पत्रकार आपके साख वाले चैनल से जुड़ना चाहे तो उनके लिए यह एक महज सपना है.
ग्वालियर से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.
नोट- कानाफूसी कैटगरी की खबरें चर्चाओं और कयासों पर आधारित होती हैं. इनकी विश्वसनीयता पर भरोसा करने से पहले खुद एक बार इन चर्चाओं की पुष्टि करें और फिर हमें भी सूचित करें, नीचे दिए गए कमेंट बाक्स के जरिए.












suneel
March 18, 2011 at 5:38 pm
यशवंत जी खबर देने बाले उस पत्रकार का ना भी तो छापो ताकि हम लोग भी जाने कि वह कितने वडे हरिश्चन्द्र है, हमें विश्वास है कि जिन महाशय की नियुक्ति दूरदर्शन में नहीं हो सकी है उन्ही ने दी होगी, दूरदर्शन में दलालों को रखने प्रथा नहीं है। महाशय से निवेदन है कि अपना गिरेबान एक वार अवश्य देख लें। अगर नहीं दिखे तो अपना नाम उजागर कर दो, आईना हम दिखा देंगे।
shivkumar
March 18, 2011 at 7:28 am
जय हो
gorav
March 18, 2011 at 7:28 am
यह तो एक नमूना है गौतम के काले कारनामो का , अंशकालीन संवादाताओ की भर्ती में लाखो रुपये के वारे न्यारे किये है गौतम ने , हर जिले में डीडी का नेटवर्क फ़ैलाने के नाम पर मनमानी नियुक्ति की गयी है जो भी नया स्ट्रिन्गर बना है उसने २५००० रुपये की भेंट गौतम साहब को चढ़ाई है , गौतम का पिट्ठू आकाशवाणी भोपाल में समाचार संपादक है जो गौतम के लिए दलाली का काम करता है मध्यप्रदेश के हर जिले में पहले से ही नियुक्त स्ट्रिंगरो को खबरों के लिए गौतम को भेंट देना पड़ती है उन जिलो में एक एक और नया स्ट्रिंगर की भर्ती करके गौतम ने पैसा कमाने का नेटवर्क बढाया है , यशवंत जी आपको धन्यवाद जो आपने सरकारी मीडिया में हो रही धांधलियो को उजागर करने की शुरुआत की, दूरदर्शन भोपाल के समाचार विभाग को गौतम ने दलालों का अड्डा बना दिया है यहाँ जो केसुअल समाचार संपादक है वो सब गौतम को कमीशन देते है इसके एवज में उन्हें आकाशवाणी और दूरदर्शन में ड्यूटी मिलती है , इस मामले की खास बात यह है कि डीडी भोपाल में मात्र दो समाचार बुलेटिन प्रसारित होते है और जो पहले से जो स्ट्रिन्गेर है उन्हें स्टोरी भी नहीं मिलती थी उसपर उन जिलो में नयी नियुक्ति कि जाना दाल में काले को उजागर करता है | विभाग के आला अधिकारियों कि अब तो नींद खुलना जरूरी है.
Rajeev Verma (Kanpur)
March 17, 2011 at 6:37 pm
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gorav
March 18, 2011 at 7:27 am
यह तो एक नमूना है गौतम के काले कारनामो का , अंशकालीन संवादाताओ की भर्ती में लाखो रुपये के वारे न्यारे किये है गौतम ने , हर जिले में डीडी का नेटवर्क फ़ैलाने के नाम पर मनमानी नियुक्ति की गयी है जो भी नया स्ट्रिन्गर बना है उसने २५००० रुपये की भेंट गौतम साहब को चढ़ाई है , गौतम का पिट्ठू आकाशवाणी भोपाल में समाचार संपादक है जो गौतम के लिए दलाली का काम करता है मध्यप्रदेश के हर जिले में पहले से ही नियुक्त स्ट्रिंगरो को खबरों के लिए गौतम को भेंट देना पड़ती है उन जिलो में एक एक और नया स्ट्रिंगर की भर्ती करके गौतम ने पैसा कमाने का नेटवर्क बढाया है , यशवंत जी आपको धन्यवाद जो आपने सरकारी मीडिया में हो रही धांधलियो को उजागर करने की शुरुआत की, दूरदर्शन भोपाल के समाचार विभाग को गौतम ने दलालों का अड्डा बना दिया है यहाँ जो केसुअल समाचार संपादक है वो सब गौतम को कमीशन देते है इसके एवज में उन्हें आकाशवाणी और दूरदर्शन में ड्यूटी मिलती है , इस मामले की खास बात यह है कि डीडी भोपाल में मात्र दो समाचार बुलेटिन प्रसारित होते है और जो पहले से जो स्ट्रिन्गेर है उन्हें स्टोरी भी नहीं मिलती थी उसपर उन जिलो में नयी नियुक्ति कि जाना दाल में काले को उजागर करता है | विभाग के आला अधिकारियों कि अब तो नींद खुलना जरूरी है.
rahul
March 17, 2011 at 5:37 pm
जो शक्स इस तरह की बात कर रहे उसकी जानकारी के लिये इतना काफी है। कि ग्वालियर में किसी तरह की नियुक्ति हुई ही नही है। लेकिन नाच जाने आंगन डेढा वाली कहावत यह जनाव कर रहे है। जो प्रायवेट चैनल की तरह ही दूरदर्शन को गन्दा कह रहे है जब सारे हथकंडे अपनाने के बाद भी दूरदर्शन में जगह नही बना सके तो किचड उछाल रहे है। भले ही यह शक्स जो अपना नाम नही बता पाये है लेकिन उनकी छवि सब जानते है ग्वालियर में.मीडिया के नाम पर इनकी कितनी दूकाने चलती है यह सब जानते है…..यह जनाव औऱ उनकी मंडली के औऱ सदस्य दूरदर्शन में अपनी दूकान चलाने गये थे लेकिन समय पर इनके बारे में पता चलने पर इन्हे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया जो अब दूरदर्शन को बदनाम करने के लिये इस तरह के हथकंडे अपना रहे है। इन्हे एक ही सलाह है कि अपने प्रायवेट चैनलो की गंदगी को कृपया दूरदर्शन से दूर रखे । तो मीडिया के भविष्य के लिये अच्छा होगा। इनसे कही ज्यादा निस्पक्ष ईमानदार स्वतंत्र पत्रकार
ambi
March 17, 2011 at 6:14 pm
ye to bade sarm ki baat hai
ravi
March 18, 2011 at 8:38 am
rahul ji aapki pratikriyaa par shak ho raha hai ki kahi aap durdarshan se to nahi jude hai
rajkumar sahu, janjgir chhattisgarh
March 18, 2011 at 9:57 am
rahul ji, aapka bilkul sahi kahna hai. dd news ko bhi private channelon ki tarah taul rahe hain. doordarshan, gaflat se door hain, ham nahin, magar e baat hai, jab baat nahin bani to ab kichd uchhaala ja raha hai.
AMIT, BHIND
March 18, 2011 at 11:30 am
यदि सच्चाई लिखना दूरदर्शन पर जुडना है तो साहब ऐसा ही मान लिजिये लेकिन जो लिखा है सच्चाई ही है सहारा जैसे कितने रिजनल चैनल में बडे बडे पत्रकारो को अपने अफसरो के पैर पडते हुये देखा है इन आँखो नें और प्रायवेट चैनलो में किस तरह रोते रोते कटोरा लेकर भीख मांगते हुये भी देखा है। मैने दूरदर्शन पर कीचड उछालने वालो तथाकथित जैसे पत्रकारो को यदि इतनी ही हिम्मत है तो क्यो नही लिखते की प्रायवेट चैनल पर किस तरह गुलामी कर रहे है। खुद जब वस नही चला तो पत्थर दूसरे के घर पर पत्थर फैकने चले है बस करो यार इस कीचड को अपने प्रयावेट पैसे मांगने वाले चैनलो तक ही सीमित रखो…..क्यो सरकारी विभाग जो लगातार तरक्की कर रहा है उसे बदनाम कर रहे हो। गौतम जी मैं भले ही दूरदर्शन का साथी नही हूँ लेकिन मैं भी उसमे साक्षात्कार में शामिल हुआ था लेकिन मुझे वहाँ की कार्यविधी से कोई शिकायत नही है मैने इन घटिया प्रायवेट चैनलो में भी साक्षात्कार दिया है जहाँ यह लोग इंसान को इंसान नही समझते जानवरो की तरह व्यवहार करते है कम से कम दूरदर्शन की प्रंशसा करुगा कि वहाँ जो आदर दिया गया था वो कही नही मिला आजतक मुझे और सिस्टम में बदलाव लाने वाले ऐसे आलोचको का सामना करना ही पडता है लेकिन मुझे विस्वास है कि ऐसे दो कोडी के पत्रकारो की बातो से आप दूरदर्शन में अच्छे और काम करने वालो का साथ नही छोडेगे और आगे भी ऐसे पैसो के लिये अपने ईमान को बेचने वालो को दूरदर्शन से दूर रखेगे।
santos
March 19, 2011 at 7:00 am
Bareilly doordarshan ke Asharaf ji ne yek bahari kutta pal rakha gai. jo doordarshan ke programmane dilata hai . programmane ke istar se matab nahi. Bareilly doordarshan aur Akashmani me jamkar go Rahi hai ghus khori. purane logon ko Darkinar kar diya gaya gai.Bareilly doordarshan ka programmane Sttaf puri tarah bhrastachar me dooba hai.
ratna
March 19, 2011 at 9:21 am
i think all complents are right agianest mr. manish gautam and his gulam satyendra sharan news editor bhopal because they are exployiting so many pepples of akashwani and doordarshan bhopal. they both are taking commition from stringers. manupulate so many things. and also exployet girls. manish is always taking farzi bills for his tour. his mobile no is 942500662 and no of satyendra sharan’s mobile is 9425300110. satyendra sharan’s is deeply involve with casual news editor smradhi sharma. whose working in madhyam. even she is taking amount of her fake duties also. satyendra sharan’s ia always smoking in news room akashwani. and try to speek doble meening diglogs in front of female staff.
pragati
March 19, 2011 at 9:30 am
welldon manish ji aapka pap ka ghara kabhi to bharega hi. hakikat me yeh bhehad kharab aadmi hai. iske sare kale jhale me satyendra sharan bhi shamil hai. dalali yahi karta hai. shri suresh pachori ke pair pakadkar hamesha manish bachta hai. bechare suresh pachori ji ko bhi manish ki hakikat nahi maloom hogi.
xxx
March 19, 2011 at 9:45 am
यह शिकायत सोलह आने सही हो सकती है । पिछले तीन-चार सालों से आकाशवाणी भोपाल और दूरदर्शन भोपाल के न्यूज़ रुम का आलम तो किसी चंडूखाने से कम नहीं है । फ़र्ज़ीवाड़ा तो इतना कि असली पत्रकारों के लिये वहाँ कोई जगह नहीं है । जिन लोगों का पत्रकारिता से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं रहा है , वो लोग भेंट पूजा के ज़रिये काम पा रहे हैं ।
अनाम
March 19, 2011 at 11:09 am
अगर सच है तो वाकई शर्म की बात है। लेकिन इसमें इतना परेशान होने की बात नहीं है। दूरदर्शन में अगर नियुक्तियां हो रही हैं तो इसके लिये बाकायदा सरकार से परमिशन ली गई होगी, जो भी इंटरव्यू लेने गये हैं उनका टीए-डीए बना होगा, सब कुछ ऑन रिकॉर्ड होगा। पहले से नियुक्त संवाददाताओँ की खबरें लग नहीं रही हैं और दूसरों की नियुक्ति हो रही है तो ये भी शर्म की बात है। जिन लोगों को संबंधित अफसर के कामकाज से शिकायत है उनको सीधे अंबिका जी से शिकायत करनी चाहिये। बल्कि पहले RTI का इस्तेमाल करके सारी जानकारी ले लीजिये और फिर शिकायत कीजिये, दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।
anaam
March 20, 2011 at 9:46 am
satendra saran ne bhopal news room ki pritishtha badhai hai. unke khilaaf kisi ne bhadas nikalne ka prayas kiya hai.
Wikileaks
March 20, 2011 at 9:50 am
manish is a real luccha person . He weilds so much clout at heigher level that he used to hold three powerful charges of local offices – AKASHWANI ,DDN ,DFP till recently . names of his cotrie members are as follows—-S Sharan , S Noor .P Dewedi , P Upadhayaya ,A Tiwari,U Mishra .Other orderlies are – Javed, P Jain, M Saxena S Vyas ,S Sharma .
“No one dare to make complaints against me” -So he challanges to his collegues and jounalists .Who dared are thrown out of newsroom S Tiwari, H Hussain ,S Verma And A Singhai, J Dewedi D Mishra, P Pagare and many others.
Do someone really think that he could be exposed in real terms? Forget punishing him .Dassanan can only be beheaded when “NAABHI ” is being hitted ?
rahul
March 20, 2011 at 10:14 am
यशवंत जी मै आपके इस पोर्टल को एक बहुत अच्छा माघ्यम मानता था अपने गिले शिकवे कहने का लेकिन आज दुख हो रहा है कि आपके ही इस पोर्टल पर असंवेदनशील अमानवीय शब्दो का प्रयोग हो रहा है और आप भी उनको बिना जांचे समझे वैसा का वैसा प्रर्दशित कर रहे है। कानाफूसी सेगमेंट में वह खबर होती है जिनका कोई प्रमाण नही होता किसी की दूरदर्शन में नौकरी नही लगी और किसी नें उसका ठीकरा किसी भी फोड दिया। आपने उसे प्रकाशित कर दिया। अब यदि जिसने य़ह किया है वो दूध का धुला नही निकला तो बदनाम तो आपने पूरे दूरदर्शन और उसमे काम करने वालो को कर दिया। एक बिना प्रमाणिक खबर के चलते सभी दूरदर्शन कर्मियो पर प्रश्नचिन्ह लग गया यदि किसी की छवि को बिगाडने का इतना सरल माघ्यम है तो कल को कोई भी राह चलता लफंगा टाईप का व्यक्ति नेट पर आपका पोर्टल खोलेगा औऱ किसी के बारे में लिख देगा और बिचारा कोई व्यक्ति विना कारण बदनाम हो जायेगा और वो शक्स चार लोगो को बता रहा होगा देख कैसी बाट लगवाई मैने और इस मामले मै यही हो रहा है। क्योकि किसी भी सरकारी उपक्रम के बारे आरटीआई के द्वारा जानकारी ली जा सकती है फिर इतनी शिकायत रखने वाले क्यो ऐसा करने से कतरा रहे है इसका मतलब तो यही निकलता है कि उन्ही की दाढी में तिनका……लेकिन आप तो पत्रकार है इतना अच्छा पोर्टल है फिर आप क्यो ऐसी नासमझी कर रहे है कम से कम इस बात का ख्याल रखिये की किसी महिला के नाम का उच्चारण किया जा रहा है और उसके चरित्र के बारे में लिखा जा रहा है और आप भी वैसा ही छाप रहे है बहुत शर्म की बात है आप नाम तो साईलेंट कर सकते है यशवंत जी लिखने वालो के लिखने से पता चल रहा है कि वो किस पृष्ठभूमि के है लेकिन आप तो एक मीडिया पोर्टल चला रहे न कि कोई अश्लील सामग्री वाला ब्लोग….कृपया विचार किजिये गंभारता से औऱ उन जनाव के कमेंट पडिये जिन्होने किसी दूरदर्शन महिला के नाम लेकर किचड उछाली है कही ऐसे गुण्डे मवाली टाईप जैसे लोगो के चक्कर में आप को जबाब न देना पडे
मधु
March 20, 2011 at 10:19 am
कुछ साल पहले तक चाय की चुस्कियों पर बिकने वाले गौतम की भूख इन दिनों तेज़ी से बढ़ गई है । सत्येन्द्र शरण की मदद से आकाशवाणी और दूरदर्शन के न्यूज़ रुम में चमचों और दानदाताओं का कब्ज़ा हो चुका है । शरण की साली को रीवा से पीटीसी बनाकर दूरदर्शन में भी काम दिया जाता है । वहीं गौतम का तिलकधारी दलाल टूर के दौरान स्ट्रिंगरों से वसूली करता है । भोपाल को पत्रकारिता का तीर्थ बनाने में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता संस्थान के साथ ही अब दूरदर्शन भोपाल के समाचार कक्ष का नाम भी जुड़ गया है । माखनलाल में तो बाकायदा प्रवेश परीक्षा होती है । मोटी फ़ीस लगती है और न्यूनतम योग्यता की बंदिश रहती है । मगर दूरदर्शन में ठेकेदार , म्यूचुअल फ़ंड एजेंट, सिक्योरिटी गार्ड , प्रायमरी स्कूल शिक्षक, एक राजनीतिक दल के दफ़्तर का चपरासी और बही खाते सम्हालने वाले भी पत्रकार बन जाता है । साथ में पाता है मोटा स्टायपंड । ये अलग बात है कि इस रकम का मोटा हिस्सा साहब को भेंट्पूजा में जाता है । खबर तो ये भी है आकाशवाणी की भर्ती में चयनित लोगों से पैंतीस-पैंतीस हज़ार रुपये लिये गये थे । इस परीक्षा की भी एक दिलचस्प कहानी है ।
ravi
March 20, 2011 at 10:25 am
manish ji kay baarey main main itna hi khauga ki unhoney doordarshan bhopal mai vo parivartan kiya hai jo ishsay pehlay kabhi nahin hui hai unhoney stringer ko unka payment samay par dilwaney ki shuruaat ki hai jo issay pehlay saalon main milta tha. kai saalon say bina kaam kay jamey logo par nakel kasi ab itna accha karney par kuch mutti bhar log jinkay hit nahin ban paaye tho ab vo manish ji kay uper kichad uchaal rahay hai manish ji aap ishi tareh doordarshan main shudhaar kijiye main aap kay shaath hun
ravindra
March 20, 2011 at 7:08 pm
सब बेकार की बाते है दूरदर्शन में नियुक्तियां नियमानुसार ही होती होगी क्योकि किसी सरकारी उपक्रम में ऐसा नही होता कि कोई भी ऐरागेरा नत्थूगेरा नौकरी पा ले इलजाम लगाने वाले वेही लोग होगे जो दूरदर्शन में नौकरी पाने से वंचित रह गये होगे नही तो सबसे बडे स्ट्रींगर वाला नेटवर्क दूरदर्शन में ऐसे ही काम नही चल रहा होता कहने को तो आज लोग अपने माँ बाप तक को नही छोडते फिर मनीष जी तो केवल किसी सरकारी उपक्रम के एक कर्मी मुझे तो इल्जाम लगाने वाले केवल छोटी मानसिकता वाले नजर आते है।
ravindra
March 20, 2011 at 7:19 pm
बडे आश्चर्य़ की बात है कि किसी एक व्यक्ति नें बिना सबूत के एक इल्जाम लगा दिया औऱ कई लोग जो किसी न किसी कारण से मनीष से खफा थे उन्होने बहती गंगा में हाथ धोना शुरु कर दिया। लेकिन यह जो लोग जो खुब जोर शोर से मनीष जी के उपर किचड उछाल रहे है उनमे से एक भी ऐसा नही होगा जो सबूत के साथ बात कर सके वो तो कृपा हो यशवंत जी की जिन्होने ऐसे डरपोक और दो कोडी के पत्रकारो मंच दे दिया है जो मीडिया की ए टू जेड नही जानते नही होगे लेकिन मीडिया की ए टू जेड पडाने की दूकान खोल के बैठे है।
NARENDRA, bhopal
March 20, 2011 at 7:24 pm
भ्रष्ट्राचार कहाँ नही है लेकिन बिना किसी सबूत के किसी व्यक्ति पर इल्जाम लगा कर बदनाम करना तो बेबूनियाद है। दूरदर्शन में नियुक्तियो से पहले तो किसी ने मनीष जी के खिलाफ कुछ नही बोला लेकिन नियुक्तियां होने के बाद बिना सबूत इल्जाम लगा रहे है इससे तो जाहिर होता है कि अपने स्वार्थ के कारण ही लोग अब इस तरह की बाते कर रहे है इसमें कोई सच्चाई नजर नही आती है।
SHANKAR
March 20, 2011 at 8:50 pm
किसी के बारे मै कुछ भी कह देना और कुछ भी लिख देना बहुत सरल होता है लेकिन जब 100-200 लोगो में से मुश्किल से कुछ लोगो को चुनना हो तो यह एक कडी परीक्षा होती है और ऐसे में ज्यादा संख्या में निकले लोग उस व्यक्ति को बुरा कहने लगते है शायद मनीष जी के शायद ऐसा ही हो रहा है। अब एक व्यक्ति सब का तो प्यारा हो नही सकता ना…जहाँ तक ग्वालियर की बात करे तो ग्वालियर में बहुत लम्बे समय से औऱ सबसे पुराना सदस्य के रुप में दूरदर्शन के लिये काम करता रहा हूँ लेकिन मेरी जानकारी में तो कोई नई नियुक्ति हुई ही नही है अब यह महाशय जो ग्वालियर का अपने आप को पत्रकार बता रहे है।उनके बारे में ग्वालियर के सभी लोग जानते है कि वो मीडिया की ए टू जेड कैसे पडाते है दूसरे चैनलो के स्ट्रींगरो से स्टोरी लेते देते है अब यदि उनका सिलेक्सन नही हुआ तो वह क्यो यह पहाडा पड रहे है। औऱ जहाँ तक मुझे इनकी जानकारी है की यदि पैसे लेकर दूरदर्शन में भर्ती हो रही होती तो यह महाशय सबसे आगे खडे होते और इनके पीछे पूरे ग्वालियर के लोगो की भीड लगी होती पैसे लेकर यदि भर्ती हो रही होती तो फिर ग्वालियर में यह अपनी भर्ती क्यो नही करा पाये शायद सच्चाई यह है कि यह जो कोई भी है उसने हर संभव कोशिश की थी पैसे सिफारिस से लेकिन फिर भी काम नही बना तो उन्होने कीचड उछालनी शुरु कर दी।
ks
March 21, 2011 at 6:57 am
सब बेकार है किसी पर इल्जाम लगा कर बदनाम करना मुझे तो यह करतूत किसी दूरदर्शन कर्मी की ही नजर आती है मुखोटा पहनकर यह सब कराया है। दूरदर्शन के न्यूज रुम में मनीष जी के उपर इल्जाम लगा कर बदनाम कर रहे है दूरदर्शन के न्यूज रुम में कई ऐसी हस्ती है मनीष जी जो आपके पीठपीछे आपको बदनाम कर रही है। जहाँ तक ग्वालियर की बात करे आपके न्यूज रुम में एक आपके ही नीचे ए शब्द के नाम के शक्स है जिनका स्नेह ग्वालियर के सबसे पहले और पुराने स्ट्रींगर से हद से ज्यादा है यह सभी जानते है। जानते है औऱ स्टोरी बांटने का मौका जब उन्हे मिलता है तो वो भेदभाव करने में पीछे नही रहते वही अब उनकी गाडी चल नही रही है तो हो सकता है उन्होने आपकी पीठ में छुरा घोंप दिया हो देखिये बच के
nitin
March 22, 2011 at 8:38 pm
कोई भी कुछ भी कह देता बिना सच्चाई जाने और लोग अपनी भडास निकालने जुट जाते है जिस किसी भी पत्रकार नें यह इल्जाम लगाया है या तो वे अपने सिलेक्शन न होने के कारण दुखी है या फिर बेफकूफ है क्योकि वह दूरदर्शन की कार्यविधी से परिचित ही नही है। में भी पिछले 5 साल से दूरदर्शन में एक स्ट्रींगर के पद में कार्यरत हूँ लेकिन आज तक न तो मेरे सामने कभी ऐसे मौके आये कि किसी को धूस देकर काम करवाना पडे रह गई बात शहर में किसी बडे अफसर के आने की तो महाशय मुझे कोई यह बताये की किस चैनल और किस विभाग में आला अधिकारी के आने पर उनका स्वागत नही किया जाता हो और महाशय स्ट्रींगरो की नियुक्ति के लिये पूरा पैनल होता है और एक एक नियुक्ति की जानकारी दिल्ली तक रिकार्ड सहित जाती है तो फिर कही से सवाल ही नही उठता कि कोई भोपाल में बैठा अधिकारी कुछ गलत कर सकता है इसलिये महाशय यह गलत इल्जाम लगाकर दूरदर्शन को बदनाम मत किजिये क्योकि दूरदर्शन में नीचे से लेकर उपर तक एकता के धागे में बंधे हुये है हमलोग….प्रायवेट चैनलो की तरह नही की जब यदि कोई रिजनल चैनल का संपादक या चैनल हेड आता है तो उस चैनल के स्ट्रींगर उसके होटल के कमरे में पौंछा लगाने से भी नही चुकते और उनकी दारु से लेकर उनके हर ऐशओ आराम की व्यवस्था तक करते है वो भी किसी दूसरे को ब्लेकमैलिंग करके इसलिये अपनी तुलना हम लोगो से करना ही नही पत्रकारिता में आज भी दूरदर्शन तुम सबसे लाख गुना ईमानदार और एकता के साथ खडा हुआ है दूरदर्शन का एक छोटा सा स्ट्रींगर लेकिन तुम जैसे ब्लेक मेलर स्ट्रींगरो से कही बडा ईमानदार पत्रकार
poorva sharama, news reader akashvani . bhopal
March 23, 2011 at 6:32 am
Satyendra Sharan Bhaiya ke baare me jo bhi kaha gaya hai , woh sab jhooth hai jo log khud kuchh nahi kar paate hai to doosaro par anguli uthane ka kaam karte hain, Woh bahut hi helpful person hain aur poore news room mein galtiyo par bhi sabhi ko bachaane ki koshish karte hain, Main jaanti hoon unhone aaj tak kisi se kuchh nahi liya balki har maagne waale ki madad ki hai . agar kisi ke bhi saath unhone kuchh buraa kiya hai to apni pahchaan ke saath saamne aakar baat kariye. Peeth peechhe galat aur jhuthe naamo se comments mat kariye. Gautam ji ki jahaan tak baat hai unhone aaj tak newsroom mein kisi ka kabhi nuksaan nahi kiya, jo log doordarshan aur akashvani news se jude hain unhe kabhi bhi kisi tarah ki koi shikayat nahi rahi
poorva sharma, news reader akashvani . bhopal
March 23, 2011 at 6:33 am
Satyendra Sharan Bhaiya ke baare me jo bhi kaha gaya hai , woh sab jhooth hai jo log khud kuchh nahi kar paate hai to doosaro par anguli uthane ka kaam karte hain, Woh bahut hi helpful person hain aur poore news room mein galtiyo par bhi sabhi ko bachaane ki koshish karte hain, Main jaanti hoon unhone aaj tak kisi se kuchh nahi liya balki har maagne waale ki madad ki hai . agar kisi ke bhi saath unhone kuchh buraa kiya hai to apni pahchaan ke saath saamne aakar baat kariye. Peeth peechhe galat aur jhuthe naamo se comments mat kariye. Gautam ji ki jahaan tak baat hai unhone aaj tak newsroom mein kisi ka kabhi nuksaan nahi kiya, jo log doordarshan aur akashvani news se jude hain unhe kabhi bhi kisi tarah ki koi shikayat nahi rahi
poorva sharma, news reader akashvani . bhopal
March 23, 2011 at 6:35 am
Satyendra Sharan Bhaiya ke baare me jo bhi kaha gaya hai , woh sab jhooth hai jo log khud kuchh nahi kar paate hai to doosaro par anguli uthane ka kaam karte hain, Woh bahut hi helpful person hain aur poore news room mein galtiyo par bhi sabhi ko bachaane ki koshish karte hain, Main jaanti hoon unhone aaj tak kisi se kuchh nahi liya balki har maagne waale ki madad ki hai . agar kisi ke bhi saath unhone kuchh buraa kiya hai to apni pahchaan ke saath saamne aakar baat kariye. Peeth peechhe galat aur jhuthe naamo se comments mat kariye. Gautam ji ki jahaan tak baat hai unhone aaj tak newsroom mein kisi ka kabhi nuksaan nahi kiya, jo log doordarshan aur akashvani news se jude hain unhe kabhi bhi kisi tarah ki koi shikayat nahi rahi
poorva sharma, news reader akashvani . bhopal
March 23, 2011 at 9:02 am
Satyendra Sharan Bhaiya ke baare me jo bhi kaha gaya hai , woh sab jhooth hai jo log khud kuchh nahi kar paate hai to doosaro par anguli uthane ka kaam karte hain, Woh bahut hi helpful person hain aur poore news room mein galtiyo par bhi sabhi ko bachaane ki koshish karte hain, Main jaanti hoon unhone aaj tak kisi se kuchh nahi liya balki har maagne waale ki madad ki hai . agar kisi ke bhi saath unhone kuchh buraa kiya hai to apni pahchaan ke saath saamne aakar baat kariye. Peeth peechhe galat aur jhuthe naamo se comments mat kariye. Gautam ji ki jahaan tak baat hai unhone aaj tak newsroom mein kisi ka kabhi nuksaan nahi kiya, jo log doordarshan aur akashvani news se jude hain unhe kabhi bhi kisi tarah ki koi shikayat nahi rahi
poorva sharma
March 23, 2011 at 9:03 am
Satyendra Sharan Bhaiya ke baare me jo bhi kaha gaya hai , woh sab jhooth hai jo log khud kuchh nahi kar paate hai to doosaro par anguli uthane ka kaam karte hain, Woh bahut hi helpful person hain aur poore news room mein galtiyo par bhi sabhi ko bachaane ki koshish karte hain, Main jaanti hoon unhone aaj tak kisi se kuchh nahi liya balki har maagne waale ki madad ki hai . agar kisi ke bhi saath unhone kuchh buraa kiya hai to apni pahchaan ke saath saamne aakar baat kariye. Peeth peechhe galat aur jhuthe naamo se comments mat kariye. Gautam ji ki jahaan tak baat hai unhone aaj tak newsroom mein kisi ka kabhi nuksaan nahi kiya, jo log doordarshan aur akashvani news se jude hain unhe kabhi bhi kisi tarah ki koi shikayat nahi rahi
poorva sharma
March 23, 2011 at 9:23 am
Satyendra Sharan Bhaiya ke baare me jo bhi kaha gaya hai , woh sab jhooth hai jo log khud kuchh nahi kar paate hai to doosaro par anguli uthane ka kaam karte hain, Woh bahut hi helpful person hain aur poore news room mein galtiyo par bhi sabhi ko bachaane ki koshish karte hain, Main jaanti hoon unhone aaj tak kisi se kuchh nahi liya balki har maagne waale ki madad ki hai . agar kisi ke bhi saath unhone kuchh buraa kiya hai to apni pahchaan ke saath saamne aakar baat kariye. Peeth peechhe galat aur jhuthe naamo se comments mat kariye. Gautam ji ki jahaan tak baat hai unhone aaj tak newsroom mein kisi ka kabhi nuksaan nahi kiya, jo log doordarshan aur akashvani news se jude hain unhe kabhi bhi kisi tarah ki koi shikayat nahi rahi
naveen, gwalior
March 23, 2011 at 9:51 pm
बिल्कुल सही कह रही है आप पूर्वा जी कुछ गिनती के लोग जो जब सिस्टम में धुस नही पाते तो उसको बिगाडने के लिये उस सिस्टम को गंदा बताने लगते है मैने भी मनीष जी के नेचर को समझा और जाना है आजतक मैने उन्हे कभी भी किसी सहकर्मचारी का बुरा करते हुये नही देखा है बल्कि उल्टा उन्होने मदद ही की है और दूरदर्शन में कई सुधार किये है जिनसे आज स्ट्रींगरो की स्थिती में सुधार ही हुआ है।
varun
March 26, 2011 at 2:04 pm
goutam ke chamcho sudhar jao ek story lekar bik gaye kya . pahle to ek ek story ke liye commission dete the
minu sharma
March 28, 2011 at 4:52 pm
jisne bhi ye bhadaas di hai,,lagta hai bechara bahut pareshan hai,,,,,,,,,,,satendra sharan or noor sir ke baare me jo bhi kaha gay hai sarasar galat hai,,,,,,,,,,,,jo log unpar ilzaam laga rahe hai we log ek baar akar akashwani ke news room ke workings dekhe apne aap samajh jeyenge,ki woh log kaise hai,,,,,,,,,,,,kisi par ilzaam lagana bahut asan hai .
vikash chandra.
June 18, 2011 at 4:52 pm
Gwaliar Hi kyo.Uttar Pradesh Doordarshan Me Bhi Yhi Hall Hai.
sonu
June 30, 2011 at 10:31 am
truth of electronic media…..bina soche samjhe kuch na kaho