देवघर (झारखण्ड) से खबर है कि दैनिक भास्कर के देवघर प्रतिनिधि अमरनाथ पाठक के काम करने पर भास्कर प्रबन्धन ने प्रतिबंध लगा दिया है. सूत्रों के अनुसार अमरनाथ पाठक अभी भी न्यूज़ 11 में देवघर जिला से काम कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में वे दोनों जगह कैसे कार्य कर सकते हैं. प्रबन्धन के सूत्रों ने यह भी बताया कि अमरनाथ पाठक को न्यूज़ 11 से इस्तीफा देने को कहा गया है.
जब तक पाठक न्यूज़ 11 से इस्तीफा नहीं देते हैं, तब तक वो दैनिक भास्कर के प्रतिनिधि के तौर पर कहीं भी अखबार के नाम का इस्तेमाल नहीं करेंगे. अब यह अमरनाथ पर निर्भर करता है कि वो न्यूज़ 11 के पाले में रहेंगे या फिर अपनी पारी दैनिक भास्कर के साथ शुरू करेंगे. ज्ञात हो कि इसके पहले अमरनाथ पाठक दैनिक हिन्दुस्तान के देवघर कार्यालय प्रभारी थे, अनियमितता के आरोप में हिंदुस्तान प्रबन्धन उन्हें बाहर का रास्ता दिखला चुका है.
भड़ास4मीडिया के पास आई एक मेल पर आधारित.












bittu
January 11, 2011 at 2:57 pm
umesh jis bade patrakar amarnath pathak ke liye aapne kashide padhe hai wah aaj se panch warsh purv kis paristhiti me deoghar pahuche saayed is baat ki jankari tumhe hogi. Dainik Hindustan me us bade patrakar ko kitni parishramik mil rahi thi saayed iske bhi bare me tum ne suna hoga. Mahaj kuch hi warso ke antaral me deoghar ke paoush iake ki mahngi jamin par aalishan building banaye jaane ki vi jankari tumh hogi. Yaha ke tathakathit kuch mafiao ki aad me logo ko darane ki bhi baat tum jarur jante hoge. Syed isi wajah se tumne aapne comment me is baat kaa uleekh kiya hai ki Deoghar ke patrkar Amarnath Pathak se darte hai. Kin paristhitio me mahaj kafi kam ksikha diksha kebaad bhi tume patrkar banaya gaya tha. Is baat ki bhi jaankari tum se behtar kisi aur ko nahi hongi. Aise me tumhara Pathak ka gungan karna swabhawik hai.
babloo
January 10, 2011 at 2:29 pm
उमेश जी आपको इतनी मिर्ची क्यों लगी? सच का सामना करने की आदत डाल लीजिए. जहा तक मेरी पहचान की बात है मैं एक पत्रकार ही हू भले ही इस वक्त मैं देवघर में काम नहीं करता हू.
amit kumar
January 10, 2011 at 8:59 am
koderma me bhi to yahee ho raha hai. Bhaskar office me marpit huyee, par prabandhann ne kuch bhee nahi kiya. Ajay Kumar ko bHaskar me rakha gaya par voh ab bhee rastriya sahaara me hai to uska bhayee bhee bhee bhaskar me hee hai. ajaoy jharkhand jagran ka office apne ghar par chala raha hai, is bare me kya khayal hai bhaskar ka.
उमेश यादव
January 10, 2011 at 8:49 am
निंदक नियरे राखिये…
निंदक नियरे राखिये, आंगन कुटी छबाय…। बबलू जी यह तो आप जानते ही होंगे। आपने मेरी जो आलोचना की, इसके लिए आपको धन्यवाद। मैं इस पर गौर करूंगा। पर, आप हैं कौन। आपको अपना पूरा पता तो नहीं कम से कम अपने शहर के बारे में जरूर बताना चाहिए। क्योंकि देवघर में बबलू नाम का कोई पत्रकार नहीं है। जहां तक बात देवघर शहर की है तो मैं आपको बता दूं कि देवघर एक ख्याति प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय शहर है। और यहां देश की राजधानी दिल्ली में पत्रकारिता करने वाले पत्रकार भी काम करते हैं। इतना ही नहीं यहां से पत्रकारिता करने के बाद कई लोग दिल्ली, पटना, रांची, देहरादून, भोपाल, गांधीनगर आदि बड़े शहरों में पत्रकारिता का ही काम कर रहे हैं। आपने एक बात अच्छी लिखी है कि बड़े पत्रकार देवघर में नहीं रह सकते हैं। ऐसे में उन बड़े पत्रकारों को तत्काल देवघर को छोड़ देना चाहिए जो यहां काम कर रहे हैं। और आपकी इन बातों पर सभी अखबार वाले अमल करें तो हर जगह बड़े पैमाने पर स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी मिलने लगेगी।
– उमेश यादव, पत्रकार, देवघर।
AnilSingh
January 8, 2011 at 3:21 pm
Harinarayan Singh Apne jaise logon ko hi pasand karte hain.
babloo
January 7, 2011 at 4:41 pm
उमेश दूसरों के( अमरनाथ पाठक) तलवे चाटना छोड कर अपने करियर के बारे में सोंचो. जहा तक पाठक की बात है अगर पाठक इतने ही बड़े पत्रकार है तो वे देवघर जैसे छोटे शहर में क्या कर रहे है? और उन्होंने यहाँ कैसी पत्रकारिता की है वो यहाँ का बच्चा जनता है. जो लोग पाक होते है उन्हें आलोचनाओ पर विचलित नहीं होना चाहिए. इंसान का काम बोलता है ना की उसकी बे मतलब तरफदारी. सुचना अधिकार क़ानून का सहारा ले कर लोगो को ब्लैक मेल कर उगाही करने वाला पाठक कभी सच्चा पत्रकार नहीं हो सकता है.
उमेश यादव
January 7, 2011 at 12:10 pm
[b]डरते हैं सारे अखबार वाले :[/b] देवघर में पत्रकार अमरनाथ पाठक से सारे अखबार वाले डरते हैं। यही कारण है कि उनके बारे में गलत सूचनाओं का प्रसारण करते हैं। अमरनाथ पाठक एक अच्छे रणनीतिकार हैं और उनके पास एक अच्छी टीम है। जो पत्रकारिता में किसी को भी टक्कर देने की क्षमता रखती है। देवघर में प्रभात खबर का यूनिट ऑफिस होने के बावजूद बड़ी खबरें पहले भास्कर में प्रकाशित होती है। चाहे वह सहकारिता एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन की लापता पत्नी के बरामदगी की खबर हो या फिर देवघर में सीबीआई की छापेमारी की। देवघर में 50 शिक्षकों की फरजी नियुक्ति की खबर सबसे पहले दैनिक भास्कर ने प्रकाशित की थी। इसे भी देवघर से पत्रकार अमरनाथ पाठक ने ही प्रेषित किया था। जहां तक बात हिन्दुस्तान अखबार की है तो जब तक अमरनाथ पाठक देवघर कार्यालय के प्रभारी थे तब तक देवघर में हिन्दुस्तान अखबार हमेशा प्रभात खबर से आगे रहा। चाहे वह खबर का मामला हो या फिर विज्ञापन का। उनके साथ धनबाद के तत्कालीन संपादकीय प्रभारी नदीम अख्तर के संबंध अच्छे नहीं थे। इसी कारण उन्होंने तीन-चार महीने पहले ही अपने टीम के सदस्यों को अच्छे विकल्प की तलाश करने को कह दिया था। उनके सारे साथियों ने जब अच्छा विकल्प ढूंढ़ लिया तो उन्होंने भी हिन्दुस्तान को बाय-बाय कर दिया। हिन्दुस्तान के बाद उन्होंने न्यूज 11 में हिन्दुस्तान झारखंड के वरीय स्थानीय संपादक हरिनारायण सिंह के साथ काम शुरू किया। हालांकि देवघर के पत्रकारों में डोमेसाइल चलता है।
-पत्रकार उमेश यादव, देवघर (8809944817)