Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

देश के सर्वोत्तम ‘पावर ऑफ आइडियाज’ में अर्थकाम

: इस बड़ी उपलब्धि के लिए अनिल सिंह को आप भी दे सकते हैं बधाई : हिंदी समाज को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने की मुहिम के साथ शुरू हुई वेबसाइट ‘अर्थकाम’ ने छह महीने बीतते-बीतते ही अपना प्रताप दिखाना शुरू कर दिया है. उसे देश में नए बिजनेस के सर्वोत्तम 74 ‘पावर ऑफ आईडियाज’ में चुन लिया गया है. ‘पावर ऑफ आइडियाज’ नाम की प्रतियोगिता का आयोजन दो चरणों में किया गया.

: इस बड़ी उपलब्धि के लिए अनिल सिंह को आप भी दे सकते हैं बधाई : हिंदी समाज को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने की मुहिम के साथ शुरू हुई वेबसाइट ‘अर्थकाम’ ने छह महीने बीतते-बीतते ही अपना प्रताप दिखाना शुरू कर दिया है. उसे देश में नए बिजनेस के सर्वोत्तम 74 ‘पावर ऑफ आईडियाज’ में चुन लिया गया है. ‘पावर ऑफ आइडियाज’ नाम की प्रतियोगिता का आयोजन दो चरणों में किया गया.

इसका आयोजन इकनॉमिक टाइम्स, आईआईएम अहमदाबाद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से किया जाता है. इसमें अंतिम रूप से जीतनेवाले आईडिया को आगे बढ़ाने के लिए निवेशकों से लेकर धन तक का इंतजाम कया जाता है. इस साल देश भर से आए कुल 16,242 बिजनेस आइडिया में से केवल 74 को अंतिम सूची में जगह मिली है. इसमें अर्थकाम इकलौता ऐसा बिजनेस विचार है जो हिंदी समाज का प्रतिनिधित्व करता है. अर्थकाम के संपादक अनिल सिंह का कहना है कि हिंदी समाज से निकली और हिंदी समाज पर केंद्रित किसी धारणा को बिजनेस वेंचर मान लिया जाना काफी उत्साह बढ़ानेवाली घटना है. यह बात यह भी साबित करती है कि उद्यमशीलता अंग्रेजी की बपौती नहीं है. नवोन्वेष किसी भाषा का मोहताज नहीं है. अगर हम व्यापक समुदाय की जरूरतों को पूरा करने का बीड़ा उठा लें तो अपनी धारणा को उद्यम का स्वरूप दिया जा सकता है.

अनिल सिंहबता दें कि अनिल सिंह ठीक इससे पहले फरवरी 2010 तक दैनिक भास्कर समूह के आर्थिक अखबार बिजनेस भास्कर के मुंबई ब्यूरो चीफ रहे हैं. 1990 में संडे ऑब्जर्वर के बिजनेस डेस्क से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद वे अमर उजाला, दैनिक जागरण, राष्ट्रीय सहारा, जर्मन रेडियो डॉयचे वेले, एनडीटीवी इंडिया, सीएनबीसी आवाज और स्टार न्यूज में काम कर चुके हैं. वे ‘एक हिंदुस्तानी की डायरी‘ नाम का अपना ब्लॉग भी चलाते रहे हैं जहां उनकी पहचान अनिल रघुराज के रूप में है.

उनका कहना है कि तमाम मीडिया संस्थानों में एक तरह की सीमाएं हैं. टेलीविजन और अखबार को चलाने के खर्च इतने हैं कि संपादकीय नीति में समझौता करना अपरिहार्य हो जाता है. सामान्य-सा अखबार भी अपना सर्कुलेशन 50000 भी बढ़ाना चाहे तो प्रति कॉपी 3 रुपए नुकसान के चलते उसे हर दिन 1.5 लाख का घाटा उठाना पड़ेगा. इतना विज्ञापन नहीं मिला तो वह सर्कुलेशन नहीं बढ़ा सकता. टेलीविजन न्यूज में टीआरपी न आए तो विज्ञापन से कमाई नहीं होती, इसलिए वहां का नेतृत्व संभालते ही पत्रकारिता के तमाम शेर खूंटे से बंधे मेमने बन जाते हैं. लेकिन इंटरनेट तेजी से उभरता ऐसा माध्यम है जहां निर्बाध और निरपेक्ष पत्रकारिता की जा सकती है.

उल्लेखनीय है कि अर्थकाम (arthkaam.com) की शुरुआत 1 अप्रैल 2010 से की गई है। 6 अप्रैल को उसने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी सीएनआई रिसर्च के साथ शेयर बाजार की सूचनाओं के आदान-प्रदान का सहयोग समझौता किया. और, छह महीने पूरा होते ही उसे श्रेष्ठ ‘पावर ऑफ आइडियाज’ में शामिल कर लिया गया है. अब 9 से 16 अक्टूबर तक अर्थकाम की टीम के दो सदस्य बाकी चुने हुए उद्यमियों के साथ आईआईएम अहमदाबाद में आयोजित एक वर्कशॉप में हिस्सा लेंगे. इसके अंत में सभी उद्यमियों को सीड फंडिग उपलब्ध कराई जाएगी. अगले दौर में उन्हें सीधे ऐसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से मिलाया जाएगा जो उनके उद्यम को निखारने के लिए पूंजी निवेश करेंगे.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. Ratan Singh Shekhawat

    October 7, 2010 at 9:29 pm

    badhai ho sir, hindi ko aapka yagdan apne aap me ek award hai.

  2. Naresh Soni

    October 10, 2010 at 4:55 am

    बधाई हो सर… आप ऐसे कई अवॉर्ड deserve करते हैं… All the best 🙂

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...