बिहार में दैनिक जागरण तो लगता है कि प्रभात खबर के पीछे पड़ गया है. दैनिक जागरण प्रबंधन को लगता है कि वह प्रभात खबर के आदमियों को तोड़ करके प्रभात खबर को कमजोर कर देगा लेकिन इतिहास बताता है कि व्यक्तियों के जाने से प्रभात खबर कमजोर कभी नहीं हुआ, बल्कि और आगे बढ़ा है. दरअसल, प्रभात खबर को हमेशा आगे बढ़ाया है प्रबंधन की जनोन्मुख नीतियों ने.
ताजी सूचना है कि प्रभात खबर की मुजफ्फरपुर यूनिट के हेड एसके चौबे ने इस्तीफा देकर दैनिक जागरण, पटना में ज्वाइन कर लिया है. एसके चौबे के नेतृत्व में ही प्रभात खबर की लांचिंग मुजफ्फरपुर में हुई थी और प्रभात खबर ने यहां जोरदार सफलता हासिल की. जानकारों का कहना है कि दैनिक जागरण प्रबंधन प्रभात खबर, पटना के मैनेजर को भी तोड़ने की फिराक में है. ये मैनेजर पहले भी दैनिक जागरण में रह चुके हैं.
सूत्रों का कहना है कि इन मैनेजर महोदय का दैनिक जागरण के डायरेक्टर से वार्ता हो चुकी है. इनके लिए जागरण में उचित जगह की तलाश की जा रही है. जागरण प्रबंधन पटना में प्रभात खबर की सफलता के पीछे इन्हीं मैनेजर का हाथ मानता है इसलिए उन्हें तोड़ने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक काफी अच्छे पैकेज में प्रभात खबर के लोगों को अपने यहां ला रहा है इसीलिए ज्यादातर प्रभातखबरी आराम से टूट भी जा रहे हैं.












Amit ranjan
September 2, 2011 at 10:06 am
प्रभात खबर से अभी कई लोग और जायेंगे…खास कर जो लोबी वाजी करते है
vikrant
September 2, 2011 at 7:19 pm
sadma se bhara intro bhadas media ko ekpachhiy bana raha hai. Aana-Jana to chalta Rahega media me. Iska lutf lijiye. prbhat Khabar ne bhi kuchh kam nahi lagai dusre ke gharo me sengh. bhare ke logo se bhar liya apna ghar. suresh chachan ho ya amresh jha. unko bana liya apna bhagy vidhata. kya PK ke paas Bihar ke liye yogy Manager Nahi tha.