दिल्ली परिक्षेत्र में दैनिक हिंदुस्तान के आज (16 अगस्त) के अंक के साथ चार पृष्ठों का जो सप्लीमेंट ‘रीमिक्स’ है, उसके पेज नंबर दो पर ”हजरत की सीख” नामक कहानी में हजरत मुहम्मद की काल्पनिक तस्वीर प्रकाशित कर दी गई है। इससे मुस्लिम समुदाय ख़फा हो चुका है। दिल्ली में जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने इस बाबत पुलिस में रिपोर्ट लिखाने के लिए एक तहरीर दी है। भड़ास4मीडिया के पास उपलब्ध तहरीर की एक प्रति में जो कुछ कहा गया है, उसका सारांश है–”इस्लाम में पैगंबर की कलमी तस्वीर बनाना गलत है। हिंदुस्तान के रीमिक्स में पेज नंबर दो पर हजरत की कलमी तस्वीर प्रकाशित किए जाने से मुस्लिमों की भावनाओं को चोट पहुंची है। हमारा अनुरोध है कि दैनिक हिंदुस्तान की आज की सभी कापियों को फौरन जब्त कर तस्वीर प्रकाशन के लिए जिम्मेदार एडीटर, प्रिंटर, पब्लिशर और प्रूफ राइटर पर उचित कार्रवाई करें।”
बताया जाता है कि जामा मस्जिद थाने की पुलिस ने तहरीर लेकर रिपोर्ट लिखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खबर है कि इस प्रकरण को लेकर जामा मस्जिद में सैकड़ों मुसलमान इकट्ठा हो गए हैं और आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रशासन ने मुस्लिम इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी स्वीडन में एक अखबार में हजरत साहब के कार्टून के प्रकाशन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बवाल हो चुका है।
‘रीमिक्स’ के पेज नंबर दो पर टाप में जो कहानी छपी है उसे ‘ज्ञान कथाएं’ से साभार लिया गया है। कहानी के बीच में जो चित्रांकन है, उस पर इसके बनाने वाला का नाम छोटे अक्षरों में ‘अतुल वर्धन’ लिखा है। ‘हजरत की सीख’ नामक इस कहानी के बीचोबीच प्रकाशित रंगीन स्केच में हजरत साहब को हाथ उठाकर एक आदमी को जिसने अपने हाथ में एक चिड़िया पकड़ रखा है, समझाते हुए चित्रित किया गया है। कहानी का जो सार है वो आखिर में हजरत मुहम्मद की जुबान से ही है– ‘इंसान का जन्म सबकी मदद करने के लिए हुआ है, सताने के लिए नहीं। आइंदा कभी किसी को दुःख मत पहुंचाना।’
कहानी के अंत हिसाब से हम सभी यही उम्मीद करते हैं कि यह मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ जाएगा और कोई किसी को किसी तरह का दुख नहीं पहुंचाएगा।











