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दुख-दर्द

दोस्‍त का एकाउंट हैक कर पत्रकार ने उड़ाए हजारों

दिल्ली में एक युवा पत्रकार का कारनामा सुनकर आप भी दंग रह जायेंगे. कारनामा करने वाले पत्रकार हैं अनिल पांडेय, जो कुछ माह पूर्व CNEB न्यूज़ से जुड़े है. अनिल ने ना सिर्फ अपने एक परिचित पत्रकार का एकाउंट हैक कर लिया तथा फर्जी आईडी पर उसका पैसा भी ट्रांसफर कर लिया. उसने समझदारी दिखाते हुए छोटी-छोटी रकम ट्रांसफर की जिससे वह काफी समय तक पकड़ में नहीं आ सका. बाद में जब अमरदीप ने पुलिस में शिकायत दर्ज की तब पूरे मामले का खुलासा हुआ.

दिल्ली में एक युवा पत्रकार का कारनामा सुनकर आप भी दंग रह जायेंगे. कारनामा करने वाले पत्रकार हैं अनिल पांडेय, जो कुछ माह पूर्व CNEB न्यूज़ से जुड़े है. अनिल ने ना सिर्फ अपने एक परिचित पत्रकार का एकाउंट हैक कर लिया तथा फर्जी आईडी पर उसका पैसा भी ट्रांसफर कर लिया. उसने समझदारी दिखाते हुए छोटी-छोटी रकम ट्रांसफर की जिससे वह काफी समय तक पकड़ में नहीं आ सका. बाद में जब अमरदीप ने पुलिस में शिकायत दर्ज की तब पूरे मामले का खुलासा हुआ.

जानकारी के अनुसार अनिल दिल्‍ली आज तक के लिए काम करने वाले पत्रकार अमरदीप कुमार के बसंत कुंज स्थित घर आता-जाता था. वह उनके कम्‍प्‍यूटर से ही कई बार फीड भेजता था. इसी बीच किसी समय वह अमरदीप कुमार का पीएनबी डेबिट कार्ड नम्‍बर और कार्ड पर अंकित सिक्‍यूरिटी कोड नोट कर लिया. इसके बाद वह एक लड़की के नाम से बनाए गए अपने फर्जी आईडी पर इंटरनेट के जरिए पैसे ट्रांसफर करने लगा. छह महीने के अंदर अनिल ने अमरदीप के एकाउंट से 4150 रूपये निकाल लिए. जिसमें 2100 शादी.कॉम पर खर्च किए और बाकी पैसों से इंटरनेट के जरिए मोबाइल रिचार्ज करवाया.

इधर, अमरदीप को जब लगातार उसके एकाउंट से पैसे कम होने का एहसास हुआ तो वह अपने बैंक में इसकी शिकायत की. बैंक ने एकाउंट की जांच के बाद उसकी डिटेल अमरदीप को भेजी तथा उसका एकाउंट हैक होने की जानकारी देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा. जब अमरदीप ने बैंक डिटेल में अनिल पांडेय का नाम देखा तो उसे शक हुआ. इसके बाद वो अपने कुछ साथियों के साथ इसकी जानकारी मालवीय नगर एसएचओ को दी. शक के आधार पर एसएचओ ने जब अनिल को थाने बुलवाया तो पहले वह इससे इनकार करता रहा. जब पुलिस ने थोड़ी सख्‍ती दिखाई तो वह अपना गुनाह कबूल लिया तथा अमरदीप के पैरों पर गिरकर माफी मांगने लगा. अपनी गलती मानकर उसने थाने में उठक-बैठक लगाई तथा इस तरह की गलती दुबारा ना करने का वादा किया.
अमरदीप द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद अनिल की गिरफ्तारी हो सकती थी, लेकिन उसके रोने और साथी पत्रकारों के समझाने पर अमरदीप ने अनिल को माफ कर दिया.इसके बाद लिखित समझौता हो गया.

इसके पहले भी अनिल पी7 न्‍यूज चैनल से एक पत्रकार के खिलाफ फर्जी ई-मेल करके निकलवा चुका है. जब उस पत्रकार ने संगम विहार पुलिस थाना में इसकी शिकायत की तो जांच में आईपी एड्रेस से अनिल के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद अनिल ने माफी मांगकर समझौता कर लिया.

नीचे लिखित समझौते की कॉपी.

मॉफी

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
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0 Comments

  1. Gugee

    December 5, 2010 at 4:31 pm

    Mr AmardipKumar,

    I think you hide many things here…as you know that in dabit card tranjaction there is one security number… no one can access ur account without inform you….!! and you say that anil used ur card….!! u think we people are fool….!!

    and every one know cyber crime…. and no one take risk on his/her own name….!! and you say ur company give anil name…!! so funny… man i m software engineer…!! and i know the law of cyber crime….!! ya this could be happen as politically u misuse the anil computer IP address….!!

    We are not a foolish people….
    this is not a timepass place so u use for ur political misuse….

    be clear

    this type of hacking never possible… and u told here anil hack ur account… may i know which account….if bank account… then i m sure u r not unknown to this hacking…..

    we people not a foolish people…

    lol lol lol…….
    next time come with some real true story… as i know media image in socity…

  2. Gugee

    December 5, 2010 at 4:31 pm

    Mr AmardipKumar,

    I think you hide many things here…as you know that in dabit card tranjaction there is one security number… no one can access ur account without inform you….!! and you say that anil used ur card….!! u think we people are fool….!!

    and every one know cyber crime…. and no one take risk on his/her own name….!! and you say ur company give anil name…!! so funny… man i m software engineer…!! and i know the law of cyber crime….!! ya this could be happen as politically u misuse the anil computer IP address….!!

    We are not a foolish people….
    this is not a timepass place so u use for ur political misuse….

    be clear

    this type of hacking never possible… and u told here anil hack ur account… may i know which account….if bank account… then i m sure u r not unknown to this hacking…..

    we people not a foolish people…

    lol lol lol…….
    next time come with some real true story… as i know media image in socity…

  3. Naresh Ranjan

    December 6, 2010 at 8:16 pm

    ईस आदमी नें पत्रकारिता के नाम पर धब्बा लगा दिया। हमारी राय में एसे आदमी को पत्रकार का दर्जा देना हीं सबसे बड़ी गलती है ईसका नाम तो महा ठग होना चाहिए………. ईतना होने के बाद भी पूलिस नें ईसै कैसे छोड़ दिया ईसा तो पक्का जेल होना चाहिए।
    नरेश रंजन, चित्तौड़

  4. avinash kumar singh

    December 7, 2010 at 11:41 am

    Mr….Gugee…..
    Fr ur Kind Information u r using a PNB Debit cast / SBI Debit card thn Doesn need a Security code becz itz mastroo Card k
    bt if u r using a visa card thn u need a Security code lol…u told here dat u r a software engineer.bt i am sure dat u r Trainee nd smething like dat…..SO before comment here Wash ur Mind……Best Of luch….
    Nd man This Delhi police Stamp is no fake nd ya one thing dat evry repoter well know this Story k

  5. gugee

    December 7, 2010 at 4:10 pm

    Mr Avinash,

    I m in my field last 3 year, so don’t teach me about my fields…

    and kind of ur information for when ever you peform any online tranjaction through your debit card as a base of security

    they ask your ATM PIN number…!! and credit card system they provide the security code system..

    and for your more information read the detail of Debit card security system… don’t worry i will help you.. use this link

    from you getting information…

    http://pnbindia.in/english_web/debitcard.htm

    PNB Debit Card Rules::
    • The card can also be used over the Internet for shopping (E-commerce transactions). As per norms, a Debit Card has to be

    registered for 3 D Secure password before it can be used for e-commerce transactions.
    ———-

    and i think you are foolish man so you not know the security detail of online tranjaction…

    i m daily reader of this site…(and this is my interest of news…lol) and i don’t know this fellow not you…but i feel

    here many thinks hides

    if you know both fellows then put here shaddi.com and mobile recharge detail, on fraud case company provide the detail of

    tranjaction…!! let we verity who is right or wrong… they have detail of all tranjaction… after that i belive that

    you people speak right or wrong…!!

    so kind or all information hacker never waste time behind 4150/- .. and also use his own name… lol lol lol…

    [b][/b][b][/b][b][/b][b][/b]

  6. Santosh jha "reporter" bhopal

    December 7, 2010 at 4:30 pm

    ये मेरी जीवन की सबसे अनोखी घटना है जब किसी हैकर ने किसी के अकाउंट को हैक करने के लिए अपने ही यूसर अकाउंट का इस्तेमाल किया है और वो भी बिना चार संख्या वाले पासवर्ड को जाने अगर ये हैकर बिना पासवर्ड के किसी के अकाउंट को हैक कर सकता है तो फिर ये मिडिया में क्या कर रहा है ये तो सिर्फ यही दर्शाता है की यह बहुत बड़ा हैकर है अविनाश जी मैं आप को इस बात की जानकारी दे दूं की किसी भी बैंक की चाहे वो निजी हो या सरकारी उसके अकाउंट को किसी भी खाते में डेबिट करने के लिए उसका चार अंको वाला पासवर्ड का होना इतना ही आवश्यक होता है जितना की एक रिपोर्टर के लिए उसका व्यक्तित्व शायद आप को अभी कुछ और पढाई करने की आवश्यकता है अविनाश कुमार जी वरना आप बिना सर पैर की बात नहीं करते और आपको मै बता दूं की अभी आप को नेट बैंकिंग के बारे में अध्ययन करने की अति आवश्यकता है ! मैं आपको एक सहज और सरल सुझाव भी देता हूँ की ऑनलाइन कई वेब साईट इसका अध्ययन भी कराते है ! यहाँ इस साईट पर कई बुद्धिजीवी एवं विलक्षण प्रतिभा से सम्प्पन लोग इसका अवलोकन करते है इसलिए आपसे अनुरोध है की बिना किसा पूर्ण जानकारी के अपने ये कीमती सुझाव का पिटारा न खोला करे वरना आप सिर्फ हंसी के पात्र बनेगे ! मैं भी पत्रकारिता के इस चिर परिचित छेत्र से वाकिफ हूँ और अपने कार्यकाल में कई इस तरह के दोषारोपण को पटाछेप करते देखा है लेकिन इन सभी में कही न कही अपने स्वार्थ को निहित करने हेतु राजनीती की पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की आपसी राजनीती का स्वार्थ निहित होते देखा है ! बाकि आप खुद समझदार है

  7. sanjay sharma

    December 7, 2010 at 5:58 pm

    मैंने इस पूरे प्रकरण को बहुत ध्यान से पढ़ा और इसे समझने की कोशिश की इसी के साथ साथ इस पर दिए गए सारे विचारो को भी एक नज़र में देखा जिसमे सभी ने अपनी बातो को प्रमाणित करने की पुरजोर कोशिश की है इसको देख कर बिलकुल ऐसा लग रहा है जैसे किसी कचहरी में वादी और प्रतिवादी के पक्ष के वकील किसी मुक्कदमे की जिरह कर रहे हो जिसमे सभी खुद को काबिल बताने की पुरजोर कोशिश यहाँ की है एक सज्जन का यहाँ कमेन्ट मैंने पढ़ा जिसमे उन्होंने कहा की ये बहुत ही जघन्य अपराध है इसमे इस कथित आरोपी पत्रकार को सजा होना लाज़मी था यहाँ तक तो इनकी समझदारी समझ में आती है लेकिन जब बात पत्रकार के कर्तव्य पर आती है तो सारी समझ धरी की धरी रह जाती है फिर इन महाशय लोंगो का एक ही कर्तव्य दिखाई देता है येन केन प्रकारेण धनोत्पार्जन का फिर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ कहे जाने वाले इन समाज के कर्तव्यनिष्ठ प्रहरियो के कर्तव्यो के प्रति सतर्कता सहजता से सामने आजाती है ! यहाँ पत्रकारों (स्ट्रिंगर ) ने कार्य छेत्र का विधि वत मौखिक बंटवारा कर रक्खा है जिसमे सबके लिए एक मापदंड निर्धारित किये गए हैं जिनका ये बहुत ही कार्यकुशलता से निर्वहन कर रहे हैं ! जिसमे अवैय्द्य बने निर्माणों पर कैमरा लगा उसको ध्वस्त कराने की बात कर तो किसी गैस वाले से और भी तमाम तरह के हथकंडो से पैसे बनाने की जुगत शामिल है ! फिर ऐसे में ४१०० रुपये की बात गले के नीचे नहीं उतरती जहाँ स्ट्रिंगरो के लिए जितना बड़ा ब्रांड उतनी ही मोटी उगाही का पैमाना फिर ऐसे में इनमे आपस में इस तरह का दोषारोपण होना भी लाज़मी है ! और रही बात सच्चाई की तो इसके बारे में कुछ भी कहना बेमानी होगी क्योकि इस छेत्र का हाल बिलकुल उस हमाम की तरह है जहाँ सभी नंगे है कुछ कम नंगे है कुछ ज्यादा नंगे अब देखना है की पहला नंगा कौन है ! खैर मामला कुछ भी हो इसमे इन पत्रकारों की आपसी फूट और नासमझी साफ़ दिखाई दे रही है

  8. बेनाम

    December 29, 2010 at 5:08 pm

    गुगी जी आप जो अनिल पांडे की इतनी पैरवी कर रहे हैं तो मैं आपके लिए बता देता हूं कि कंपलेंट पर अनिल पांडे का नम्बर लिखा हुआ है जिससे आप बात कर क्लियर कर सकते हैं । और यदि आपको और सच्चाई जानना चाहते हैं तो हमारे पास वो भी सबूत हैं जिसमें अनिल ने थाने में कैमरे के सामने उठ्ठक बैठक लगाते हुए खुद माना है कि उसने चोरी की है और अनिल को सिर्फ इसलिए अमरदीप ने छोडा है कि वो थाने में अमर के पैरों में गिर कर माफी मांगने लगा था , दया के चलते उसे छोड़ दिया गया है ।

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