अम्बाला (हरियाणा) से छपने वाले पंजाब केसरी में उप संपादकों के अकाल से निपटने के लिए प्रबंधन ने जालंधर से अपनी टीम भेज कर काम चलाने की कोशिश की है। बताया जाता है कि यहां कुछ लोगों की तनख्वाह इस डर से रोक ली गई है कि वो संस्थान छोड़ कर जायेंगे। करनाल से अमर उजाला छोड़कर कुछ महीने पहले ही पंजाब केसरी, अम्बाला में उप संपादक पद पर ज्वाइन करने वाले सुनील सरदाना को कुलदीप श्योरान का करीबी मानकर संस्थान बाहर का रास्ता दिखाने पर आमादा है।
हरिभूमि, रोहतक में उप-संपादकों का टोटा
रोहतक (हरियाणा) से छपने वाले दैनिक हरिभूमि से लोगों का छोड़ कर जाने का सिलसिला जारी है।
महज 10 दिनों के भीतर ही हरियाणा प्रभारी सहित पाँच उप संपादक संस्थान को बाय कह चुके हैं। हरियाणा प्रभारी दिनेश भारद्वाज के जाने से हरिभूमि को सबसे बडा झटका लगा है। इनके अलावा वरिष्ठ उप संपादक शशिकांत चौहान भी चले गए हैं।











