खेल पत्रकारिता में एक मुकाम हासिल करने वाले अमिताभ श्रीवास्तव ने मुम्बई से प्रकाशित समाचार पत्र ‘दोपहर का सामना’ से इस्तीफा दे दिया है। वे यहां पर विशेष संवाददता थे। अमिताभ ने अपना करियर इसी अखबार से उप संपादक के रूप में शुरू किया था। वे पिछले 17 वर्षों से इस समाचार पत्र को अपना योगदान देते आ रहे थे। अमिताभ अब धारावाहिक लेखन में कूद चुके हैं।
मूलतः साहित्यिक विचारधारा के अमिताभ ने मुम्बई खेल पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाई थी। साथ ही राजनीतिक, सामाजिक गतिविधियों की अच्छी परख रखने वाले अमिताभ के कई आलेख और रपटें सराहनीय रही हैं। एक कथाकार के रूप में देश की कई पत्र-पत्रिकाओं में उनकी कहानियां प्रकाशित होती रही हैं।












Prateek Shrivastava
January 11, 2011 at 1:46 pm
बबलू खुश रहो जहाँ भी कम करो तलेन परिवार का नाम खूब आगे ले जाओ ढेर सारा आशीर्वाद और शुभकामनाये
प्रतीक श्रीवास्तव इंदौर
9826611501
सुशील छौक्कर
January 10, 2011 at 6:26 am
अब पत्रकारिता पत्रकारिता कहाँ रह गई है भाई, यह अब धंधा हो गई है जिसमें केवल मुनाफा देखा जाता है पत्रकारिता नहीं। इसलिए जो लोग इस धंधे में नही रहना चाहते है और सलाम बजाना जिन्हें आता नहीं, वे लेखन में जा रहे है। ऐसे लोगो के अच्छे कदमो की आगे की राह के लिए ढेरों शुभकामनाएं। वैसे यहाँ मैं ये भी बता दूँ कि अमिताभ जी दोपहर का सामना से पहले कई पत्रिकाओं मे काम कर चुके थे जहां तक मुझे याद आता जिसमें से एक फिल्मी पत्रिका भी थी।
aftab alam
January 6, 2011 at 9:27 am
अमिताभ जी,
नई धारावाहिक लेखन के रास्ते अख्तियार करने के लिए बधाई।
आफताब आलम,
संपादक-पत्रकारिता कोश
मो.09224169416
ई-मेलः[email protected]
Santosh Patwa
January 29, 2011 at 5:20 pm
Bhaiya Pranam, maine aaj Bhadas par dekha ki aapne saamna chhod diya hai. Serial writing main kadam rakhne ke liye aapko Hardik Bhadai
Apka
SANTOSH PATWA
9699910970