दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार और राष्ट्रीय हिंदी पाक्षिक पत्रिका ‘प्रथम इम्पैक्ट’ के राजनीतिक संपादक कृपाशंकर के पिता रामाधार प्रसाद का आज बिहार के सासाराम जिले में निधन हो गया। वे लगभग 100 साल के थे। बिहार न्यायपालिका से संबद्ध श्री प्रसाद अपने पीछे छह पुत्र, एक पुत्री समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर उनके शुभचिंतकों ने गहरा शोक जताया है।












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January 19, 2011 at 12:41 pm
बड़ी टेनशन मे है इंडिया न्यूज़ के पत्रकार साल होने को आया पगार का अता पता नहीं कोनसे बिल मे घुसी है
खाया पिया कुछ नहीं गिलास तोडा बारह आना …………ये कहावत इंडिया न्यूज़ पर सटीक लागु होती है कहने के नाम पर तीन तीन चैनल पत्रकारों का भारी अमला और उनपर सारा दिन काम का डंडा और सारा दिन अस्स्येंमेंट की गलियां अमुक खबर क्यों छुटी जहाँ से मर्जी लाओ लकिन महीनो पर महीने भागे जा रहे हैं तनख्वाह के फंडे का कुछ अता पता नहीं दूर दूर तक मिलने के कोई आसार नहीं जो बंधू उपरी कमाई में विश्वास रखते हैं उनकी दुकान का शटर हमेशा खुला रहता है और उनकी ना नोकरी पर आंच आती है और ना ही उन्हें तनख्वाह की परवाह है क्यों की जब सेट्टिंग हों तो हमाम में सब नंगे हैं लकिन ईमानदारी से काम करने वाले स्कूटर में पेट्रोल डलवाने से लेकर बच्चो की फीस और घर के राशन पानी के लिए परेशान है अब आज से जारी 19 जनवरी नया फरमान की हर हफ्ते रिव्यू बैठक होगी और बी के सर करीन सर के आदेशनुसार (दोनों छदम लकिन सबके समाज मे आने वाले नाम) अपने कामकाजी बच्चो की क्लास लेंगे पहली बार चेतावनी फिर अगली बार जुत परेड होगी अरे मुर्ख लोगो अभी भी समय है अगर तुम्हारे काम करने वाले पत्रकार भाग गए तो खबरों के लाले पड जायेगे
मेरा नाम नहीं दीजियेगा, नौकरी का सवाल है. आपका… xyz