लखनऊ : सहारा वन ने सदैव अपने दर्शकों को बेहतरीन विविध मनोरंजन दिया है और इन कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव केन्द्रित रहा है। अपने प्रमुख-टाइम स्लॉट को सफलतापूर्वक मजबूत करने के बाद सहारा वन ने अपने दर्शकों को दिनभर चलने वाले मनोरंजन का तोहफा देना शुरू किया है।
आध्यत्मिकता को प्रायः जीवन में प्रेरणा और अनुकूलता के स्रोत के तौर पर अनुभव किया जाता है। यह विश्व की लोकोत्तर प्रकृतिगत सारहीन वास्तविकताओं और अनुभवों के प्रति विश्वास दिलाता है। ध्यान, प्रार्थना और चिंतन-मनन के साथ आध्यात्मिक दिशा में किये जा रहे प्रयास व्यक्ति के आंतरिक जीवन को विकसित करने के लिए ही हैं। इस प्रकार के अभ्यास प्रायः व्यापक वास्तविकताओं से जोड़ने की दिशा में अनुभव प्रदान करते हैं, जो स्वयं को अधिक बोधगम्य बनने के लिए बाध्य करती हैं। अन्य लोगों या मानव समुदाय से, प्रकृति या कि सृष्टि से या कि फिर दैवीय वास्तविकताओं से।
अपने दर्शकों की आध्यात्मिक भावनाओं और आस्था को समझते हुए ही सहारा वन ने 20 सितम्बर 2010 से दर्शकों को अपनी आध्यात्मिक भूख को शान्त करने को रूचिकर कार्यक्रम की शुरुआत की है। सहारावन अपने दिनभर के कार्यक्रमों का शुभारम्भ धार्मिक बैण्ड ‘प्रथम प्रणाम’ के माध्यम से ईश्वर को शीश नवाकर करेगा। सहारा इंडिया कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस, लखनऊ के अनुसार हकीकत ‘प्रथम प्रणाम’ प्रातः 5 बजे से प्रारम्भ होकर, एक घंटे की आरती का भारत के विभिन्न मन्दिरों से सीधा प्रसारण करेगा।
वर्तमान में इसका सिद्धिविनायक मन्दिर, मुम्बई से सीधा प्रसारण होगा। इसके पश्चात् प्रातः 6 से 7 बजे तक ‘गणेश लीला’ प्रसारित होगी। ‘गणेश लीला’ भगवान गणेश जी के जन्मकाल से उनके जीवन पर आधारित खास फीचर होगा। गणेश गजमस्तक वाले भगवान में भारतीय आस्था और विश्वास के चलते यह मान्यता है कि यह विध्नहर्ता और सौभाग्य देने वाले हैं। अतः अपने इस रूप में सर्वाधिक लोकप्रिय और पूजे जाने वाले देवों में से एक हैं।
गणेश जी पर आधारित श्रृंखला के पश्चात प्रातः 7 बजे से हिन्दू पौराणिक गाथाओं और भगवान शिव पर आधारित फीचर के साथ ही अन्य देवताओं (जैसे शक्ति/पार्वती, ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र और संत नारद) को ‘ऊँ नमः शिवाय’ के अंतर्गत पेश किया जायेगा। यह श्रृंखला जिसका ‘ऊँ नमः शिवाय’ मंत्र पर नामकरण किया गया है आध्यात्मिकता, दिव्यता और उस चलायमान शक्ति का वर्णन करती है, जिससे भगवान शंकर इस संसार के भाग्य का निर्धारण करते हैं। अतः अपने दिन की शुरुआत करने से पहले आपको ईश्वर से मिलने और उनके पूजन का अवसर प्राप्त हो रहा है। प्रेस विज्ञप्ति












मयंक सक्सेना
October 10, 2010 at 12:32 am
तमाम हिंदी चैनलों में धर्म के नाम पर केवल हिंदू धार्मिक कार्यक्रम ही क्यों चलते हैं….ये थोड़ा अजीब नहीं लगता किसी को…..उन्हीं का स्टिंग करो….उन्हीं के अंधविश्वास का मज़ाक उड़ाओ और उन्हीं को महिमामंडित करो…..
ANJALI
October 10, 2010 at 12:55 am
YAH EK ACHHCHHA PRAYASH HAI PAR HAREK STATE OR ZILA ME ACHHA DHARMIK ASTHAN HAI SAHARA USE BHI DIKHAI
SUBHKAMNA KE SATH ANJALI-MUZAFFARPUR