Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

आवाजाही

प्रमोद रंजन ‘फारवर्ड’ मैग्जीन के संपादक हिंदी बनाए गए

पत्रकार व युवा आलोचक प्रमोद रंजन ‘फारवर्ड’ के संपादक (हिंदी) बनाये गये हैं। नयी दिल्‍ली से पिछले दो वर्षों से प्रकाशित यह द्विभाषिक पत्रिका मुख्‍यत: पिछडे और दलित समुदाय को वैचारिक आधार देने के लिए समर्पित है। प्रमोद रंजन के आने के बाद हिंदी क्षेत्र में इस पत्रिका का आधार बढने की उम्‍मीद है। अभी तक इसमें ज्‍यादातर मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गयी सामग्री का अनुवाद छपता रहा है। पत्रिका अपने लेखकों को काफी अच्‍छा पारिश्रमिक देती है। इस कारण भी हिंदी के लेखकों में इसका आकर्षण रहेगा।

पत्रकार व युवा आलोचक प्रमोद रंजन ‘फारवर्ड’ के संपादक (हिंदी) बनाये गये हैं। नयी दिल्‍ली से पिछले दो वर्षों से प्रकाशित यह द्विभाषिक पत्रिका मुख्‍यत: पिछडे और दलित समुदाय को वैचारिक आधार देने के लिए समर्पित है। प्रमोद रंजन के आने के बाद हिंदी क्षेत्र में इस पत्रिका का आधार बढने की उम्‍मीद है। अभी तक इसमें ज्‍यादातर मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गयी सामग्री का अनुवाद छपता रहा है। पत्रिका अपने लेखकों को काफी अच्‍छा पारिश्रमिक देती है। इस कारण भी हिंदी के लेखकों में इसका आकर्षण रहेगा।

गौरतलब है प्रमोद रंजन अमर उजाला और दैनिक भास्‍कर के हिमाचल संस्‍करण में लंबी पारी खेल चुके हैं। उन्‍होंने कुछ समय तक पटना के प्रभात खबर में भी काम किया है तथा पटना से प्रकाशित पत्रिका ‘जन विकल्‍प’ का संपादन किया है। प्रमोद अभी जेएनयू के भारतीय भाषा केंद्र से शोध कर रहे हैं। वर्ष 2009 में उन्‍होंने मीडिया के जातिवादी चरित्र पर ‘मीडिया में हिस्‍सेदारी’ नाम से चर्चित पुस्तिका लिखी थी, जिसके बाद दिवंगत प्रभाष जोशी ने उन्‍हें आड़े हाथों लिया था।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. amrik singh

    May 14, 2011 at 12:01 pm

    bahut-bahut shubhkamnayen parmod bhai….amrik singh

  2. Rjeeev Sharma

    May 14, 2011 at 12:47 pm

    प्रमोद रंजन जी को बधाई. उम्मीद है उनके संपादन में धमाकेदार अंक आयेंगे. यह भी बताएं की पत्रिका हमें कहा से मिल सकती है.
    – राजीव शर्मा

  3. मुसाफिर बैठा

    May 15, 2011 at 4:55 am

    ‎’फॉरवर्ड प्रेस’ पत्रिका के हिंदी संपादक बनने की बधाई प्रमोद भाई.सामाजिक न्याय के विषयों को वैज्ञानिक दृष्टि से पड़ताल करती यह क्रन्तिकारी विचार की द्विभाषिक (हिंदी-अंग्रेजी) पत्रिका निकट भविष्य में अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है, ऐसा मुझे लगता है. प्रमोद को निकट से जानता हूँ.अगर वे अपना मन और दृष्टि झोंक दें तो बेशक, पत्रिका वेगमय पेंगे भरेगी.

  4. NEERAJ BHAI PATEL

    May 16, 2011 at 10:48 am

    ‎’फॉरवर्ड प्रेस’ पत्रिका के हिंदी संपादक बनने की बधाई …. samajik nyay k liye aap unhi age badte rahen yahi meri shubhkamna hai……….main social justice k liye hamesha apke sath hoon…..

  5. Vishal Mangalwadi

    May 16, 2011 at 4:51 pm

    Congratulations Promod Ji – With an editor of your caliber, I would love to write in Hindi, but I have been too indisciplined to learn Hindi typing. Hope to make up for that deficiency under your guidance.

    Vishal

  6. sumesh thakur

    May 18, 2011 at 5:40 am

    Bahut Bahut Badhai…..umeed hai ki ab patarkarita main naya adhayay judega..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...