Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

दुख-दर्द

फर्रुखाबाद में कई पत्रकार पिटे, कैमरे तोड़े गए

फर्रुखाबाद के नाराज पत्रकारों का जुलूस

यूपी में जंगलराज इस कदर बढ़ चुका है कि अब आम जन के अलावा मीडिया के लोग भी हर ओर पुलिस प्रशासन के हाथों अपमानित और प्रताड़ित किए जा रहे हैं. फर्रुखाबाद जिले से खबर है कि मतगणना के आखिरी दौर में 31 अक्तूबर को नवाबगंज मतगणना केंद्र पर कई टीवी और अखबार के पत्रकारों के कैमरे तोड़ डाले गए. पत्रकारों की पिटाई की गई. इसके खिलाफ पत्रकारों ने सड़क पर उतरकर ताकत दिखाई.

फर्रुखाबाद के नाराज पत्रकारों का जुलूस

यूपी में जंगलराज इस कदर बढ़ चुका है कि अब आम जन के अलावा मीडिया के लोग भी हर ओर पुलिस प्रशासन के हाथों अपमानित और प्रताड़ित किए जा रहे हैं. फर्रुखाबाद जिले से खबर है कि मतगणना के आखिरी दौर में 31 अक्तूबर को नवाबगंज मतगणना केंद्र पर कई टीवी और अखबार के पत्रकारों के कैमरे तोड़ डाले गए. पत्रकारों की पिटाई की गई. इसके खिलाफ पत्रकारों ने सड़क पर उतरकर ताकत दिखाई.

प्रशासन ने पंचायत चुनाव में मतगणना को न केवल जरूरत से ज्यादा गोपनीय बनाया बल्कि मीडिया और प्रत्याशी तक परिणाम की विस्तृत पुष्टि नहीं कर पाए. प्रत्याशी जीत के घर चला जाता था और उसके गाँव से पत्रकारों को सूचना मिल पाती थी कि वो जीत गया. पूरे पंचायत चुनाव में जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग के पारदर्शिता के मंसूबो की धज्जियाँ उड़ाई. मतगणना स्थल पर क्या हुआ, ये राज बनकर रह गया. प्रशासन की भूमिका पर सवाल चुनाव आयोग के प्रेक्षक ने प्रथम चरण के मतदान में लगा दिए थे. उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्यवाही के लिए आयोग को लिखा था. पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ एक बैठक कलमकार भवन में की. वहां शहर कोतवाल व एलआईयू के इन्स्पेक्टर ने प्रशासन की ओर से माफी माँगते हुए मुआवजा के बतौर पीड़ित पत्रकारों को नए कैमरे देने की पेशकश की और आन्दोलन न किये जाने की बात कही. लेकिन पत्रकारों ने उनकी एक नहीं सुनी.

बैठक के बाद संघर्ष समिति के संयोजक पंकज दीक्षित की अगुवाई में पत्रकार दोपहिया वाहनों से रवाना हुए. विरोध स्वरूप काली पट्टी धारण किये हुए पत्रकार मौन रहे. अम्बेडकर तिराहे पर रुकने के बाद सभी पत्रकार पैदल जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पहुंचे. संयोजक पंकज दीक्षित ने उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से तीन मांगें रखी. घटना की घोर निंदा करते हुए कहा कि दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकद्दमा दर्ज किया जाए, पत्रकारों को कैमरे का नगद मुआवजा दिया जाए, तीसरी मांग पारदर्शिता के तहत पत्रकारों को सभी सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएँ अन्यथा जिलाधिकारी अपने तबादला करा लें.

उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कटियार ने पुलिस कार्रवाई की घोर निंदा करते हुए आर-पार की लड़ाई लड़ने को कहा. महामंत्री वेदपाल सिंह ने कहा कि वह शांति पूर्ण ढंग से आन्दोलन को चलाएंगे. संरक्षक प्रदीप गोस्वामी ने कहा कि वह यहाँ के अधिकारियों को ज्ञापन न देकर अपनी शिकायत सीधे राज्यपाल व राष्ट्रपति को भेजेंगे. पत्रकार अजय कटियार ने कहा कि घटना वाले दिन ही पुलिस ने लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष से मरीजों को बाहर निकालकर उनके साथ बदसलूकी की.

पत्रकार विनय शाक्य ने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि एसपी की मौजूदगी में एसओ नवाबगंज ने पत्रकारों को बेरहमी से पिटवाकर उनके कैमरे तुड़वाकर मोबाइल फोन छिनवा लिए जबकि पिटने वाले चिल्लाते रहे कि वह पत्रकार हैं. इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर पुलिस व पीएसी बल के साथ मौजूद रहे. बैठक में वरिष्ठ पत्रकार सत्य मोहन पाण्डे, आनंदभान शाक्य, रवींद्र भदौरिया, नलिन पाल आशू, राजेश हजेला, अजय प्रताप सिंह, जितेन्द्र दीक्षित टिंकू, आनंद मिश्रा, नितेश सक्सेना टीटू, रहीश अहमद, राजेश निराला, प्रशांत दीक्षित, गौरव तिवारी सीपू, गगन सेट्टी, नितिन मिश्रा, सुनील दुबे, रिषी सेंगर, इन्दू अवस्थी, सुरेश गुप्ता, आमिर खां, आलोक सिंह, शकील अहमद, फिरोज खान, अवनीश यादव गुड्डू, विनोद श्रीवास्तव, इमरान खान आदि पत्रकार शामिल रहे.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. rizwan

    November 2, 2010 at 10:23 pm

    maya ki police peet dalti hai ,bechare phir garda saaf kar bahenji-bahen ji karne lagte hai,jute khate raho-bahen ji kahte raho

  2. shailendra parashar

    November 3, 2010 at 3:24 am

    yaswant ji
    A to hona hi tha qki hmare u.p. ke kuchh aise bhi patrkar jinki bajah se or patrkaro ko bhugtna padta hai, A kuchh naye sikhe patrkar aksar police ki aayo bhagat main lage rahte hai to himmat hogi hi na apne officar ke samne rutva dikhane ki qki a to ap jante hi hai ki u.p. main berojgari charam seema par hai to adiktar log bas le dekar patrkar ban kar dalali ka jivan apna lete hai or asav hm patrkar logo ko bugtna padta hai, u.p. main agar patrkaro ka saman chahiye ho to pahle hme apne kuchh fargi patrkaro ko hatana hoga?

  3. Ravi Thakur

    November 3, 2010 at 4:30 am

    JESA SAMAZ HOGA WESI SARKAR HOGI….. SARKAR KO SAMAZ CHUNTA HAI…… YE KAHI OR SE NHI AATI….. TO JO BOYA WO KATO……

  4. preetima

    November 3, 2010 at 4:03 pm

    Pharzi aadmi hai yeh pankaj dixit .patrakarita ke naam par thagi karta hai aur rupert murdock ke baad khud ko samajhta hai.Sangharsh samiti banani thi toh satyamohan pandey ya indu awasthi ko banatey president prashashan baat bhi sunta .dixit ke baarey me toh poora prashashan janta hai ki dalal hai kaun sunega patrakaro ki.

  5. swadesh kumar

    November 4, 2010 at 1:59 am

    mai madam preetima se sahamat naheen hoon. kyonki yesi bhasa ka prayog keval vahee kar sakata hai jise patrkaaritaa ke baare me jaraasee bhee knowledge nahen ho. vo asalee patrkaaron ko kyaa pahchaanegee.

  6. M.ATHARUDDIN MUNNE BHARTI

    November 4, 2010 at 7:25 am

    patarkaron par zulam bardashat nahi, mayawati ji sahafiyon ko suraksha de. un he asurakshit na kare, chote zile ke patarkaron ke prati ailane jungke liye hum taiyyar hai….

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...