चंडीगढ़ के टीवी, थियेटर और फिल्मी आर्टिस्ट विवेक शौक (47) का मुंबई में हार्ट अटैक से निधन हो गया। पिछले सप्ताह उनका छोटा सा आपरेशन हुआ था उसके बाद वे ठीक महसूस कर रहे थे लेकिन फिर उन्हें छोटी सी तकलीफ हुई, चेकअप के बाद उन्हें हार्ट अटैक हुआ और उनकी मौत हो गई।
उन्होंने अपना करियर थियेटर से शुरू किया। पहली बार जसपाल भट्टी के साथ जुड़े। उलटा-पुलटा, फ्लाप शो और फुल टेंशन में पूरी तरह से जसपाल और सविता भट्टी से जुड़ गए। वे भट्टी के नानसेंस क्लब के संस्थापक सदस्यों में थे। जो लोग उन्हें पर्दे पर देख चुके हैं वे जानते ही हैं कि वे कितनी हाजिर जवाब थे। वे एक्टर के साथ लेखक भी थे। टीवी पर उन्होंने एचसीएल, वासमोल, नोकिया और सीडी प्लाईवुड के विज्ञापन भी किए हैं।
उन्होंने हिंदी और पंजाबी फिल्मों में भी खूब काम किया है। वे काफी समय से मुंबई में ही थे। उन्होंने दिल्ली हाइट्स, एतराज, ३६ चाइना टाउन, हमको दीवाना कर गए, असां नू मान वतना दा, दिल है तुम्हारा, मिनी पंजाब, नालायक, दिल दीवाना, बर्दाश्त, गदर : एक प्रेम कथा, शाबास यू केन इट, वादा रहा, अपनी बोली अपना देश, लाइफ पार्टनर, लगदा इश्क हो गया, वतना दो दूर, चक ते फट्टे, सतश्री अकाल, हाले दिनल, नन्हे जेसलमेर, स्वामी, रकीब, जिंदादिली, यारां नाल बहारां, कुछ तो गड़बड़ी, खेल, हवस, कोई मिला, जुर्म और शीशा प्रमुख हैं। उनकी मौत के खबर से चंडीगढ़ के कलाकारों को सदमा सा लगा है। उनके मुताबिक विवेक कलाकार से ज्यादा खुशमिजाज इंसान थे, अपने चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट ही रखते थे। ऐसे शख्स का इस तरह जाना एक सदमे से कम कम नहीं है।
उनकी आने वाली फिल्मों में चुन्नू एंड मुन्नू, प्रेम का गेम, फ्रेंड्स फोरएवर, तुम ही तो हो, अता पता ला पता, मोनोपोली, दोस्त, दोस्ती और दोस्ताना, शट अप एंड डांस और सदियां हैं।
चंडीगढ़ से महेन्द्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.












anilkhanna
January 13, 2011 at 8:14 am
vivek ji ka jana puri filam industry ke leye sadma hai
satguru parmatma unki aatma ko shanti de
anil khanna
JAIPUR
fateh singh
January 12, 2011 at 5:33 am
vvivek shouq ka iss terah chale jana dukh ki baat hai. bhagwan unki attama ko shanti pardar keren.chandigarh ke sabhi artiasit unko sharandhajali perkart kerte hain.