
कुलदीप सहनी
श्री सहनी ने कहा कि दक्षिण भारत का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार दशहरा दो दिन बाद है, जिसके लिये कम्पनियाँ अपने कर्मचारियों को बोनस देती हैं, वहीँ ‘स्टूडियो -एन’ के कर्मचारियों को बोनस के रूप में बाहर का रास्ता दिखाना कहाँ तक उचित है. कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं, उनके परिवार वालों की हालत देखिये. उन लोगों के यहाँ दुःख का माहौल पैदा हो गया है. श्री सहनी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि निकाले गए कर्मचारियों में पैसठ कर्मचारी तो केवल तेलंगाना क्षेत्र के ही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह सब प्रबंधन मंडल केवल इसलिये कर रहा है कि वहाँ से तेलंगाना के लोगों को निकला जा सके जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
उन्होंने नेटवर्क प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को काम पर वापस नहीं लिया जाता है तो उनके (स्टूडियो- एन) समाचार चैनल का प्रसारण पूरे तेलंगाना के सभी दस जिलों में लंबे समय तक रोक दिया जायेगा. उल्लेखनीय है कि नारने नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड का संचालन प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं तेलगु देशम पार्टी के मुखिया नारा चन्द्र बाबू के सुपुत्र लोकेश नायडू करते हैं. यह सर्व विदित है कि पृथक तेलंगाना राज्य के कट्टर विरोधी हैं बाबू. उधर स्टूडियो-एन के एक कर्मचारी ने बताया कि कंपनी ने विगत 18 माह से अंशकालिक संवाददाताओं एवं कैमरामैनों का भुगतान नहीं किया है. इसको लेकर उनमें काफी रोष है. सहनी का कहना है कि जब तक कर्मियों को काम पर वापस नहीं लिया जाता है, तब तक प्रसारण बंद रहेगा.












गुंजन सिन्हा
October 16, 2010 at 12:57 am
बहुत अच्छी पहल केबुल वालों ने कि है. मीडिया में आ रही तमाम गडबडियों के कई कारण हैं. इनमे सबसे बड़ी वजह है प्रबंधन और मालिकों की निरंकुशता. दूसरी वजह है सरकार की आपराधिक नपुंसकता जिसने मालिकों को खुली छूट दे राखी है. तीसरी वजह है पत्रकारों में असुरक्षा की भावना. चौथी वजह है मीडिया का मूल्यहीन बाजारीकरण. और पांचवी वजह है नए आ रहे पत्रकारों में पत्रकारीय दीक्षा संस्कार का अभाव. ऐसे में केबल आपरेटर्स की यह पहल एक उम्मीद जगाती है.
Haresh Kumar
October 16, 2010 at 5:55 pm
नारने नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड का संचालन प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं तेलगु देशम पार्टी के मुखिया नारा चन्द्र बाबू के सुपुत्र लोकेश नायडू करते हैं.
कृप्या इस रिपोर्ट को देखें। कुछ गलतियां हैं। पूर्व मुख्यमंत्री होना चाहिए।