राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र एक कदम आगे ने मकर संक्रांति के अवसर पर भिवानी के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट में अपने ब्यूरो कार्यालय का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी थे, विशिष्ट अतिथि प्रमुख समाजसेवी देवेंद्र गोदारा व नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भानूप्रकाश थे। कार्यक्रम में नगर व विभिन्न गांवों से अनेक गणमान्य व्यक्ति पहुंचे तथा लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला।
पुलिस अधीक्षक श्री शैणवी ने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का सबसे बड़ा स्तंभ माना जाता है। इसलिए मीडिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ रचनात्मक कार्य करना चाहिए ताकि समाज में व्याप्त कुरीतियों और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को समाप्त करने में अहम योगदान मिल सके। उन्होंने कहा कि मीडिया हर तरह के समाचार विस्तार से लोगों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। लेकिन अगर मीडिया हर समाचार का विश्लेषण करे तो अपनी भूमिका को और सशक्त कर सकता है। उन्होंने आशा जताई कि एक कदम आगे समाचार पत्र समाज सुधार के क्षेत्र में नई पहल करेगा।
समाचार पत्र के संचालक, मुद्रक एवं प्रकाशक यशपाल मलिक ने समाचार पत्र की विशेषताओं व उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज मीडिया उन समाचारों को महत्व देता है, जो उसे आर्थिक लाभ पहुंचाए। मीडिया कर्मियों पर विज्ञापन का दबाव रहता है, जिससे वे अपने कर्तव्य को सही ढंग से निर्वाह करने में कठिनाई महसूस करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक कदम आगे ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की पहली पसंद बनेगा।
इस अवसर पर पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान, समाचार पत्र के संपादक आजाद खालिद, प्रोफेसर बीएल मनचंदा, डॉ. पुरुषोत्तम पुष्प व धर्मपाल छोत सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपने विचार प्रकट किए। पुलिस अधीक्षक ने अन्य अतिथियों के साथ फीता काटकर ब्यूरो कार्यालय का शुभारंभ किया।












rahul
January 17, 2011 at 6:23 pm
tabhi to tum ek kadam chod kar chale gaye the ….
.एक कदम आगे से भावनात्मक जुड़ाव रहा है????????????
shukla.noida
January 17, 2011 at 12:32 pm
ye ek kadam agye nahi jat arkshan ki nakli dukan hai.samaj ki baat nahi jat samaj ki awaaj likhi jayegi. in akhbar se to bagwan bachye. khe kuch din baad bandh ho jayega.is akhbar ka malik yaspal malik to jat samiti ke nam per apni dukan chala raha hai. jat samaj ki awwaj likhne ke karan hi teen logo ne ishtifa de diya.
soheb
January 15, 2011 at 1:27 pm
magar print line mai to paper ke sampadak satyajit panwar hai…ye ajad khalid sab kab editor bane ?????
मुकेश कुमार गजेंद्र
January 15, 2011 at 12:29 pm
सच कहते हैं कि भावनाओं की कोई भाषा नहीं होती…अभी मुझे भी कुछ ऐसा ही लग रहा है..बहुत खुशी हुई यह पढकर। एक कदम आगे से भावनात्मक जुड़ाव रहा है। इसकी लॉचिंग से लेकर एक साल तक के सफर का साक्षी रहा हूं। बेहतर प्रबंधन और संपादकीय टीम के कारण इसका विकास होता रहेगा। हल्दी व चंदन की बोल से इसकी तरक्की की कामना करता हूं।