हरियाणा के हुड्डा सरकार में विधानसभा कार्य मंत्री जिलेब खान के पीए जेम्स रायल आजकल काफी चर्चा में हैं. जेम्स ने नोएडा से न्यूज आपतक नाम का एक नेशनल चैनल लांच किया है. इस चैनल की लांचिग जुलाई में की गई तथा इसको इंडिया सन साइन, गुडगांव से ब्राडकास्ट किया जा रहा है. फिलहाल चैनल को लाइसेंस नहीं मिला है. इसे हॉरिजन न्यूज का लाइसेंस किराए पर लेकर चलाया जा रहा है.
किराये के तौर पर हॉरिजन न्यूज को पांच लाख रुपये हर माह दिए जा रहे हैं. चैनल का ऑफिस नोएडा के सेक्टर 15 स्थित मेट्रो स्टेशन के पास बनाया गया है. इस चैनल को बिना शोर शराबे के लांच कर दिया गया. 20 जुलाई को लांच हुआ यह चैनल हरियाणा के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के किसी भी शहर में दिखाई नहीं दे रहा है. ये तो हुई चैनल की बात अब बात करते हैं कांग्रेसी मंत्री के पीए जेम्स रॉयल की.
लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि मंत्री के पीए के पास इतना सारा पैसा कहां से आया कि वह एक चैनल लांच कर दिया. अभी तो यह मंत्री जिलेब खान का पीए बना हुआ है. इससे पहले भी यह हरियाणा के कई मंत्रियों का पीए रह चुका है. इन सबसे खास बात यह है कि पीए का असली नाम जेम्स रायल नहीं बल्कि जगजीत बताया जा रहा है. चैनल खोलने से पीए जेम्स ने रॉयल मीडिया विजन नाम से कंपनी बनाई थी. खुद को कंपनी का चीफ एडवाइजर और अपनी पत्नी को डाइरेक्टर बनाया.
इस कंपनी और चैनल का कुछ काम इसका भाई देखता है. इतना ही नहीं रॉयल मीडिया विजन बनाने से पहले जेम्स ने सिर्फ अपना ही नाम नहीं बदला बल्कि अपनी पत्नी का नाम भी बदल डाला. उसने अपनी पत्नी का नाम इरानी रायल रख लिया. बताया जा रहा है कि इसके बाद ही पीए ने चैलन लांच करने की योजना बनाई. और किराये पर लाइसेंस लेकर चैनल लांच कर दिया गया. सूत्रों का कहना है कि चैनल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा चुका है.
बताया जा रहा है कि जेम्स ने चैनल लांच होने मंत्री को आश्वासन दिया था कि चैनल लांच होते ही पैसा आना शुरू हो जाएगा, लेकिन चैनल तो लांच हो गया पर पैसा आने की बात तो दूर इसे केबल और डीटीएच पर चलवाने की बात आई तो बजट करोड़ों में पहुंच गया. तब मंत्री ने पैसा लगाने से मना कर दिया. अब चैनल तो लांच हो गया है परन्तु दिखाई कहीं नहीं दे रहा है. खर्चा ज्यादा हो जाने के बाद मंत्री ने अपने हाथ पीछे खींच लिए.
बताया जा रहा है कि पैसा उगाहने के चक्कर में रिपोर्टरों से पैसा लेकर उन्हें चैनल ज्वाइन कराया जा रहा है. कहा जा रहा है कि अगर आप पचास हजार से लेकर लाख तक देंगे तो उसकी के हिसाब से ब्यूरो बना दिया जाएगा. ऐसा ही धंधा इसके पहले भी कई चैनल कर चुके हैं, इसलिए अब कोई रिपोर्टर पैसा देने को तैयार नहीं है. यानी पैसा कमाने के लिए पीए ने चैनल लांच किया परन्तु अब चैनल चलने की बजाय बंद होने के कगार पर पहुंच गया है.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.












bijay singh
September 8, 2011 at 5:02 pm
are bhaiya hame bhi to batawo ye MAHADHANDHA …. PA saheb…
loot dalo ,aise hi nahi patrakarita ka bantadhar ho raha hai…..
SAWDHAN RAHO BHAIYON….