: कई संगठनों के लोगों ने दिया यूपी भवन पर धरना : 8 मई से मजदूर सत्यग्रह आंदोलन शुरू करने की चेतावनी : गोरखपुर में तीन मई को मजदूरों पर गोली चलाने के विरोध में और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर तमाम संगठनों से जुड़े लोगों ने दिल्ली स्थित यूपी भवन पर धरना दिया तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने यूपी सरकार से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा घायलों को मुआवजा दिलाने की मांग की. ऐसा नहीं होने की दशा में आठ मई से आंदोलन की चेतावनी दी.
वक्ताओं ने कहा कि मायावती के घोर निरंकुश रवैये के कारण यूपी में पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी मजदूरों का उत्पीड़न कर रहे हैं. मिल मालिकों के साथ मिलकर मजदूरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. गोरखपुर जिला एवं पुलिस प्रशासन योगी आदित्यनाथ का गुलाम बन चुका है. उनके नौकर के रूप में पूरा प्रशासन काम कर रहा है. इन्हीं लोगों के शह पर मजदूरों को न्याय नहीं मिला रहा है. 18 निलंबित मजदूरों का निलम्बन वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
वक्ताओं ने मुख्यमंत्री से मांग किया कि मजदूरों पर फायरिंग कराने वाले मिल मालिक प्रदीप सिंह और उनके गुंडों को गिरफ्तार कर उन पर हत्या के प्रयास का मुदकमा चलवाया जाए तथा फायरिंग में अपंग हुए मजदूरों को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए. मजदूरों पर लादे गए फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए. वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वो आठ मई से पूरे देश में मजदूर सत्याग्रह आंदोलन शुरू करेंगे.

धरने में जनसंघर्ष मंच सोनीपत के श्रीकृष्ण, जनचेतना मंच गोहारा के नरेश विरोधिया, डा. शाति शर्मा, प्रदीप, करावल नगर मजदूर यूनियन के आशीष एवं नवीन कुमार, दिल्ली मेट्रो कामगार यूनियन के अजय स्वामी, दिशा छात्र संगठन के अभिनव सिन्हा, राहुल फाउंडेशन के सत्यम, स्त्री मजदूर संगठन की कविता, सुवी एवं श्रुति, स्त्री मुक्ति लीग की शिवानी, बिगुल, मजदूर दस्ता के रुपेश कुमार, जागरुक नागरिक मंच रोहिणी की मीनाक्षी, संदीप शर्मा एवं जयपुष्प, नौजवान भारत सभा के योगेश स्वामी, पहल संस्था की स्मृति, नंदिता एवं नेहा, फिल्मकार चारुचंद्र पाठक, संगीतकार सौरभ बनर्जी समेत कई लोग मौजूद रहे.











