केरल के इडुकी के पूर्व सांसद एवं मलयालम मनोरमा के पूर्व सहायक संपादक केएम मैथ्यू का निधन हो गया. 83 साल के मैथ्यू कुछ समय से बीमार चल रहे थे. उन्होंने अपने घर में ही आज अंतिम सांस ली. वे लगभग 15 वर्ष तक मलयालम मनोरमा में सहायक संपादक रहे थे.
बाल साहित्य पर उनकी काफी अच्छी पकड़ थी. बाल साहित्य पर उन्होंने 30 पुस्तकें लिखी थीं. वे पिछले 25 वर्षों तक बाल साहित्य अकादमी के निदेशक भी रहे थे. पत्रकारिता के साथ राजनीति में भी उनकी गहरी दिलचस्पी थी.
वे इडुकी से 1989 तथा 1996 में सांसद चुने गए थे. वे केरल एग्रो मशीनरी कारपोरेशन के अध्यक्ष तथा केरल खादी ग्रामोद्योग भवन के उपाध्यक्ष भी रह चुके थे. उनके निधन से पत्रकारिता जगत में शोक व्याप्त है.
उनके परिवार में पत्नी मरियम्मा के अलावा चार पुत्र केएम जार्ज, जोशी मैथ्यू, सोमू मैथ्यू, टोनी मैथ्यू और तीन पुत्रियां लिट्टी मैथ्यू, लाली मैथ्यू तथा लिगी मैथ्यू हैं.












kusum
December 23, 2010 at 7:33 am
श्री मान यशवंत जी आपको मालूम होना चाहिए मैथ्यू साहब जी तो अगस्त में ही चल बसे थे। आप ये खबर गलत चला रहे हैं। कम से कम आपको कोई खबर चलाने से पहले एक कंफर्म कर लिया करो। अगस्त की खबर आप दिसंबर में चला रह ेहैं।
B4M
December 23, 2010 at 9:17 am
कुसुम जी,
जो केएम मैथ्यू अगस्त में चल बसे थे, वे मलयालम मनोरमा के प्रधान संपादक रहे थे. उन्हें पदमश्री पुरस्कार भी 1988 में मिल चुका था. उनका राजनीति से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं था. वे पूर्ण रूप से पत्रकार थे तथा पीटीआई के अध्यक्ष भी रह चुके थे. जबकि पाला केएम मैथ्यू मलयालय मनोरमा में सहायक संपादक थे तथा दो बार इडुकी से कांग्रेस पार्टी के सांसद रह चुके हैं. इन्हें पदम श्री पुरस्कार नहीं मिला है. इन्होंने बाल साहित्य पर 30 से ज्यादा किताबें लिखी हैं. चूंकि मलयालम मनोरमा मैथ्यू परिवार का पब्लिकेशन है, लिहाजा नाम के स्तर पर आपको कन्फ्यूजन हो गया है.
अनिल सिंह