महुआ के चैनल हेड रहे ओपी सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. पिछले काफी दिनों से वे छुट्टी पर चल रहे थे. बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. ओपी महुआ के लांचिंग टीम के सदस्य थे. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वे कहां से अपनी नई पारी शुरू करने वाले हैं, परन्तु चर्चा है कि वे जल्द ही किसी प्रोजेक्ट से जुड़ने वाले हैं.
ओपी सिंह महुआ के शुरुआती दौर के साथी थे. 2008 में लांचिंग के समय ही उन्हें अंशुमान तिवारी महुआ लेकर आए थे. ओपी ने करियर की शुरुआत 1997 में जी न्यूज से की थी, तब से महुआ ज्वाइन करने तक वे जी न्यूज के साथ ही जुड़े रहे. बीच में अंशुमान तिवारी को महुआ बांग्ला के लांचिंग की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद ओपी को महुआ का हेड बना दिया गया था. बाद में ईटीवी से लाकर संतोष पांडेय को हेड बना दिया गया.
इसके बाद संतोष पांडेय को किनारे करके दुबारा अंशुमान तिवारी को हेड बनाया गया. कई लोगों को चलता करने के बाद अंशुमान भी चैनल से बाहर हो गए. इसके बाद आजतक से राणा यशवंत को लाया गया. इन स्थितियों से परेशान ओपी सिंह के जिम्मे कोई काम नहीं रह गया था. उन्होंने लम्बी छुट्टी ले रखी थी. दुबारा ज्वाइन करने की बजाय उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया.












amit p
April 2, 2011 at 3:07 pm
जो ओपी जी की आत्मा को जो दुखाएगा, वो कभी भी सुख नहीं पाएगा……..he is simply great man……in this odd time i m with u sirr…just go ahead…..जिंदगी और चुनौतियां और भी हैं, क्योंकि थकना आपने सीखा ही नहीं…..
amar
April 6, 2011 at 7:22 am
मै महुआ के साथ शुरू से ही जुडा हुआ हूँ,महुआ न्यूज़ अब बहुत कम समय में काफी लोकप्रिय हुआ मै और मेरे जैसे सैकड़ो स्ट्रिंगरों ने जी-जान से मेहनत करी और चैनल को न.वन भी बनाया! चैनल में जबतक बिहार में ओमप्रकाश जी और मृत्युंजय जी और दिल्ली में ओमप्रकाश सिंह और अंशुमान जी रहे तबतक स्ट्रिंगरो की सुनी जाती रही पर अब करीब पन्द्रह दिनों से सबकुछ बदल गया है! पहले हमलोग मानते थे की हमारा प्रतिस्प्रधा ई.टी.वी के साथ है पर अब लगता है की “आजतक” को चुनौती देने की तैयारी चल रही है! कुछ गिने चुने चमचा टैप स्ट्रिंगर को छोड़कर किसी का भी डे प्लान पास नहीं होता है! जातिवाद तो हर जगह हावी रहा है,अब महुआ में भी देखने को मिल रहा है समझ ही सकते है विस्तार से क्या बताएं! “सिंह इज किंग” वाली बात कुछ लोग महुआ न्यूज़ में आजमाना चाहते हैं! जानकारी मिली है की स्ट्रिंगरों से ख़बरें इसलिए नहीं ली जा रही है की जल्द ही धर्मेन्द्र सिंह अपना नया नेटवर्क बनाने वाले हैं! मै सात वर्षों से रीजनल चैनल में ही काम कर रहा हूँ पर कोई भी रीजनल चैनल चार बच्चे की मौत की खबर छोड़ सकता है ऐसे सैकड़ो उदाहरन हैं,और कहा जाता है की “कुछ नया खोजिये””कुछ नया बताइए” भाई क्या नया खोजे बताइये तो सही स्ट्रिंगर या इनपुट हेड……….
मेनेजमेंट को यह दिखाया जा रहा है की स्ट्रिंगर काम नहीं कर रहे हैं ताकि धर्मेन्द्र सिंह का अपना नेटवर्क बनाने का रास्ता साफ़ हो जाय! महुआ को अगर फिरसे टी.आर.पी में न.वन होना है तो फिर से एकबार पुराने लोगों को ही लाना होगा नहीं तो ये भुप्पी जैसे लोग तिवारी बाबा का लुटिया डुबो देगा!