प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नवनियुक्त चेयरमैन न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने कहा कि बम धमाके जैसी कोई घटना होने पर मीडिया को गंभीरता बरतना चाहिए। बिना किसी पुख्ता सबूत के किसी खास संप्रदाय और आतंकी संगठन का नाम नहीं देना चाहिए। हड़बड़ी में प्रसारित खबरों से गलत संदेश जाता है।
सोमवार को अपने आवास पर समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के संपादकों से मुलाकात के दौरान जस्टिस काटजू ने खबरों के प्रकाशन और प्रसारण में निष्पक्षता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी खबर को बड़ा बनाने के लिए उसमें सनसनी का पुट डालने से बचना चाहिए। उन्होंने इसके लिए कई उदाहरण भी दिए।
काटजू ने प्रसारण आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले टीवी न्यूज चैनलों के लाइसेंस के नवीनीकरण के नियमों में संशोधन करने संबंधी फैसले को टालने का आग्रह केंद्र सरकार से किया है। जस्टिस काटजू ने कहा कि मीडिया के खिलाफ ऐसे सख्त कदम केवल अंतिम स्थिति में ही उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया अपने दायित्वों को उचित ढंग से नहीं निभा रहा तो उसके खिलाफ कठोर उपाय किए जाएं, परन्तु उनके अभिव्यक्ति की आजादी पर किसी भी प्रकार का रोक उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कठोर उपाय को भी अंतिम उपाय के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हमें पहले मुद्दे को चर्चा, परामर्श और आत्म नियंत्रण के जरिये सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि वह न्यूज चैनल के लाइसेंस से संबंधित अपने हाल के फैसले को टाल दे ताकि हम इस मुद्दे पर विचार करके सुधारात्मक उपाय ढूंढ सकें।












sanjay
October 13, 2011 at 6:34 am
PCI chairman is right. I support his statement.