: तीन साल बाद जेल से छूटे पत्रकार प्रशांत राही : माओवादी होने के आरोप में तीन साल से जेल में बंद पत्रकार प्रशांत राही जमानत पर छूट गए हैं। देहरादून में एक प्रेस कांफ्रेंस में प्रशांत ने बताया- ‘कैसे पुलिस ने पहले उन्हें किडनैप किया और फिर हरिद्वार में पीएसी के कार्यालय में ले गई। पुलिस की उन्हें एनकाउंटर में मारने की योजना थी, लेकिन पुलिस की प्लानिंग का खुलासा होने के बाद चार दिन बाद उधमसिंह नगर में एक माओवादी के तौर पर उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई।’
प्रशांत ने कहा कि वे पहले भी उत्तराखंड में जनसंघर्षों के साथ खड़े थे, और आगे भी वे एक समतामूलक समाज के निमार्ण की लड़ाई को ताकत देने का काम करते रहेंगे। यह पूछे जाने पर कि मेनस्ट्रीम मीडिया ने उनके साथ कितना न्याय किया, तो प्रशांत ने कहा कि मीडिया की जो ढांचागत और वित्तीय संरचना है उससे बहुत ज्यादा उम्मीद रखना ठीक नहीं है। ऐसे मामलों में कुछ अपवादों को छोड़कर मेनस्ट्रीम मीडिया पुलिस की ही भाषा बोलता है। मुझे मीडिया में न्याय मिला, लेकिन देर से। मीडिया में भी अच्छे और बुरे दोनों ही तरह के लोग हैं।
देहरादून से दीपक आजाद की रिपोर्ट.












nakul
August 24, 2011 at 9:42 am
adhikansh crime reporter dalali kar rahen kuch ko main vyaktigat roop se janta bhi