अब बिहार में मनचलों की खैर नहीं हैं. यहां भी लड़कियां अपनी हिफाजत और सुरक्षा खुद करने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो चुकी हैं. इसका उदाहरण देखने को मिला बक्सर में. अचानक भरी बाजार में एक लड़की ने चप्पल उतारा और एक सज्जन की धुनाई शुरू कर दी. बाजार में हलचल मच गई. चप्पल खाने वाले जनाब मिमियाते रहे पर उनके मुंह से बोल नहीं फूट रहे थे. लोगों को कुछ समझ में नहीं आया, जब पूछताछ हुई तो पता चला कि जनाब ने लड़की को छेड़ा था.
ये लड़की बाजार से अपने घर जा रही थी. इसी बीच वो थाने से लगभग सौ मीटर पहले पहुंची ही थी कि एक मनचले ने उस पर फब्तियां कसी. लड़की अनसुना करके आगे बढ़ गई. तब इस जनाब का हिम्मत थोड़ी और बढ़ गई और इन्होंने उसके साथ छेड़खानी कर दी. फिर क्या था लड़की ने उतारी अपनी सैंडिल और शुरू कर दिया दे दनादन. जमकर उनकी चप्पलों से सुताई की.

सरेआम एक युवक की पिटाई का नजारा देख लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई. मौके पर काफी संख्या में भीड़ इकट्ठी हो गई. इसके बाद भी लड़की उनको चपलियाती रही. किसी तरह लोगों ने मनचले को बचाया. चपलियाने का कारण पूछा तो पता चला कि इन्होंने छेड़खानी की थी. भीड़ ने भी जनाब को दो-चार थप्प्ड़ रसीद किया. बाद में इन्होंने अपनी गलती के लिए माफी मांगकर अपनी जान छुड़ाई. लड़की ने चेतावनी देकर छोड़ दिया. मजेदार बात यह ही कि थाने में मात्र सौ दूरी पर यह घटना घटी पर पुलिस वालों को इसकी भनक तक नहीं लगी.












xyx
March 18, 2011 at 7:02 am
aap ko lagta hai ki hamafre desh ki police kuch karti bhi hai
amit singh
March 18, 2011 at 9:08 am
brevo aaj hamare samaj me aise hi jabanj ladkio ki awasyakta hai. taki koi bhi manchala kisi ladki ki taraf galat nigah na utha sake.
Ram Kumar Savita
March 18, 2011 at 9:46 am
Bahadur Beti Tujhe Salam.
pappu pandit
March 18, 2011 at 2:16 pm
आज़ाद भारतवासियों के लिए सोचने का विषय है कि बिटिया ने सैंडिल क्यों उठाया ? अंग्रेजो ने अपनी मंशा को पूरा करने यानि भारत को गुलाम बनाये रखने के लिए पुलिस बल का गठन कर कानून बनाया आज़ादी के बासठ साल बाद आज भी वही व्यवस्था है | झाँसी की रानी (बिटिया) तलवार नही रख सकती | तलवार रखना कानूनन अपराध है | आज के दौर में सैंडिल ही सबसे बड़ा हथियार है | राह चलते आवारा लोगो की यही सच्ची सेवा है | भैया …….. पुलिस उतना ही काम करतीं है जिस प्रकार इलाके के आका (नेता जी या अफसरान) का हुक्म होता है | बेटिया सैंडिल को हथियार बनाकर अपना काम करे और पुलिस अपना | चंडी की वीरता को नमन ……….. |
mahesh
March 18, 2011 at 4:50 pm
chalo is manchale ko kuch aaram mila hoga – bechara
Sunil Kumar
March 23, 2011 at 7:49 am
Well done beta
Sunil Kumar
March 23, 2011 at 7:49 am
Well done brave girl