कुछ दिनों से कई पत्रकारों को यह कहते देख रहा हूँ कि पत्रकारों को भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना चाहिए…लेकिन उनको जगह-जगह कोरा भाषण देने की बजाय अपनी बात की शुरुआत अपनी सम्पूर्ण संपत्ति का विवरण बताते हुए करनी चाहिए थी. मेरा भी मानना है की लोकतंत्र के चारों स्तम्भों से जुड़े लोगों को अपनी सम्पत्ति का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिए.
उन में न्यायपालिका के बाद सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी प्रेस की है, क्योंकि उसे तो न्याय पालिका से भी अधिक सचेत, निष्पक्ष और त्वरित होना पड़ता है. इसलिए सीज़र की पत्नी की तरह प्रेस और मीडिया के पहियों यानी पत्रकारों को तलवार की धार पर चलने की आदत होनी चाहिए. राडिया कांड के बाद लोकतंत्र के इस चौथे खम्भे पर भी खासा कीचड़ उछला है. इस बीच और एक महत्वपूर्ण बात यह हुई है कि विधायिका से सम्बद्ध लोगों यानी नेताओं के सामान ही कार्यपालिका और न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों के लिए उनकी संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा अनिवार्य कर दी गयी है.
ऐसे में क्या लोकतंत्र के चौथे खम्भे यानी प्रेस और मीडिया के कार्यकारियों यानी पत्रकारों को तो स्वयं ही अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक नहीं कर देना चाहिए? इसी भावना से मैं अपनी संपत्ति घोषित कर रहा हूँ और मैं इस बारे में भाषण करने वाले सभी वरिष्ठ पत्रकारों और अपने सभी पत्रकार साथियों से अनुरोध करता हूँ कि वे भी आगे आएं और अपनी संपत्ति की सार्वजानिक घोषणा करें. अब तो आइये पत्रकार जी मैदान में.
मेरी संपत्ति :
बैंक बैलेंस – 30 ,000 रुपये
1 बाईक
1 लैपटॉप
2 मोबाइल
अन्य- 30,000 के लगभग
और मेरे परिवारवाले, गुरुजन और मित्रमंडली.
हिमांशु डबराल












raj
April 24, 2011 at 6:57 am
dabral sahab bade dabral pabhat dabral se bhi apni samptti ki ghosna karne ke liye kahiye.
धीरेन्द्र
April 24, 2011 at 10:16 am
Very interesting.. ;D
हिमांशु डबराल
April 24, 2011 at 12:59 pm
मैं तो सभी को कह रहा हूँ की सभी पत्रकार भड़ास के माध्यम से अपनी सम्पूर्ण संपत्ति की घोषणा करे…प्रभात जी से भी कहा जायेगा…बाकि उनकी मर्ज़ी….
lokendra singh rajput
April 24, 2011 at 1:04 pm
हिमांसु जी एक अच्छी पहल के लिए आप धन्यवाद के पत्र हैं….
shyam parmar
April 24, 2011 at 1:19 pm
हिमांशु जी,
मैं आपके जज्बे को सलाम करता हूँ,
लेकिन इन विवादों में पड़ने के बजाय हमें जरुरत है, मीडिया के तौर तरीके सुधारने की…
निश्चित रूप से फार्मूला वही रहेगा कि हम सुधरेंगे तो जग सुधरेगा…
और आज की तारीख से भी सुधार आना शुरू हो गया तो एक दिन देश को पतन से बचाने में मीडिया एक महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा…
एक बार फिर आपके कदम को सलाम…
kamlesh Yadav
April 24, 2011 at 1:21 pm
bahut achcha pryas hai himanshu….asha karta hu ki sabhi bade pujiwale patrkar bhai apni samptti ki ghoshana jarur krege.jo ek intresting byora hoga. mai bhi apna bta deta hu sabko
bank balance’s =1000rs only
1 mobile =2300rs
tv =2700rs
kapde wagairah mila ke 5000 ki sampatti aur
karja =20000rs
पंकज झा.
April 24, 2011 at 1:30 pm
अच्छा हुआ आपने बता दिया. अब ज़रूरत पड़ने पर उधार के लिए मना तो नहीं कर सकेंगे आप. तीस हज़ार रुपया पर तो कम से कम अपने मित्रों का दावा बनता है न ? बहुत खूब….सुन्दर एवं रचनात्मक.
Mukesh kr.
April 24, 2011 at 4:13 pm
keep it up.
satyam boss
April 24, 2011 at 5:13 pm
अच्छा मजाक है या यु कहू की दिल को खुश रखने को ग़ालिब सिर्फ ये ख्याल अच्छा है …..डबराल.जी जिस के पास कुछ नहीं होता उसे उसके पास छुपाने को भी कुछ नहीं होता …आप समझ रहे होंगे में क्या कहना चाहता हूँ …और जिन मठाधिशो से आप ये गुज़ारिश कर रहे है बे सिर्फ भाषण ही दे सकते है …इन लोगो की सोच कुछ इस तरह की है की जो प्रेम विबाह के समर्थन में पूरा अख़बार अकेले लिख सकते है टीवी पर घंटो बोल सकते है लेकिन जब खुद की लड़की प्रेम विबाह कर के घर से भाग जाए तो …???
vishal mishra
April 25, 2011 at 4:15 am
bhai dabral saheb, aap waakai sache aur nirbhik patrakar lagte hai.sampati ko sarvajanik karne ka idea to sri anuranjan jha ka tha lekin jo jeeta wohi sikandar aur jo haara woh band….sri jha ne to aj tak yeh nahi bataya ki unhone kitna maal banaya hai,aisa lagta hai ki ab unhone apna irada badal diya hai aur wo ab ghosna karke pachtaa rahe hai.waah jha saheb tusi kamaal de fro…ho.
rajvir singh
April 25, 2011 at 4:22 am
great..
pravin
April 25, 2011 at 8:29 am
Dabral ji apse karj liya ja sakta hai. na mat karna. pstrkar hi to patrakar ki madad karega.
anil kumar
April 25, 2011 at 12:15 pm
acchi suriwat
johnsujju
April 25, 2011 at 12:23 pm
CCHOTE PATRAKARO KE KE PASS KOI SAMPPATTI NAHI HOTI..UNKAA KAAM FHAKIR JAISAA HOTAA HAI..BADE LOGO KE PASS SAMPATTI HOTI HAI…
karn dev
April 27, 2011 at 8:44 am
yahan to bank account hi nahi hai balance kahan se hoga or waise 30000 bahut jyada hai
shabnam khan
April 27, 2011 at 1:03 pm
हिमांशु…तुम्हे व्यक्तिगत रूप से जानती हूँ इसलिए दावे से कह सकती हूँ की तुम्हारी संपत्ति इससे ज्यादा नहीं है….और ये भी तुमने मेहनत से ही कमाई है…
तुम्हारी तरह सोच रखने वाले पत्रकार दिखते ही नही है… मुझे एक साल हुआ है इस फील्ड में आए हुए और इतने कम समय में मुझे सब समझ आ गया है…
लेकि९न उम्मीद करती हूँ के कम से कम तुम ऐसे ही बने रहो….
और हाँ…संपत्ति थोड़ी बढ़ा लो दोस्त…मुश्किल वक़्त में तुम्हे ही याद करुँगी….
rapkumar
May 9, 2011 at 7:54 am
RAM ram dabral je ab aap se udhar liya ja sakta h…….. or aap ne yah kaha chup k rakha tha….m to smjhta tha ki aapke paas kurte k alaawa kuch h hi nahe……………..aapka ak gareeb sathe…….