: एक कर्मचारी को निकाले जाने का मामला : रणक्षेत्र में तब्दील हुआ गांडीव कार्यालय : वाराणसी का सांध्य अखबार गांडीव फिर सुर्खियों में है. प्रबंधन एवं पुलिस द्वारा एक पुराने कर्मचारी को पीटे जाने का मामला तूल पकड़ लिया है. पीडि़त कर्मचारी ने मालिक राजीव अरोड़ा समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. अभी खबर मिली है कि गांडीव के कर्मचारी लेबर आफिस पहुंच गए हैं. प्रबंधन के रवैये से कर्मचारियों का गुस्सा चरम पर है.
जानकारी के अनुसार शिवमूर्ति दुबे पिछले दस-बारह सालों से ‘गांडीव’ में कम्प्यूटर डिपार्टमेंट के हेड के तौर पर कार्यरत थे. जब वे अपना काम खतम कर घर जाने लगे तो मालिक की बेटी रचना अरोड़ा ने उनको बुलाकर कहा कि अब कल से आपकी सेवा समाप्त हो रही है. आगे से ऑफिस आने की जरूरत नहीं है. दुबे ने काम से हटाने का कारण पूछा तो प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया. इससे नाराज शिवमूर्ति ने आफिस से जाने से ही इनकार कर दिया. इसके बाद प्रबंधन के लोगों ने पहले उनके साथ दुर्व्यवहार किया. इसके बाद पुलिस बुला ली गई. पुलिस ने दुबे की पिटाई की. इस घटना की जानकारी जैसे ही समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के मंत्री एडवोकेट अजय दादा मुखर्जी, काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष विकास पाठक को मिली, वे मौके पर पहुंच गए. बाद में काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश गुप्ता पप्पू भी कई पत्रकारों के साथ गांडीव कार्यालय पहुंच गए.
जिसके बाद स्थिति गंभीर हो गई. इसके बाद संपादक राजीव अरोड़ा भी पहुंचे और कहा कि दूबे उनके यहां कर्मचारी हैं और संस्थान में नई भर्तियां हो रही हैं तो उसका कुछ लोग विरोध कर रहे हैं. इसमें दुबे भी शामिल हैं. सीओ ने जब दबाव बनाया कि कैसे किसी कर्मचारी को बिना किसी सूचना के निकाला जा सकता है, इसपर तय हुआ कि दुबे को बाकायदा निकाले जाने की नोटिस दी जायेगी. इसके अलावा उन्हें तीन महीने की सेली भी दी जायेगी. वैसे सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों पीएफ मामले में अपना नाम नहीं होने पर शिवमूर्ति दुबे ने गांडीव प्रबंधन के खिलाफ पीएफ आफिस में मुकदमा कर रखा है, इसी के चलते प्रबंधन नाराज था.
हालांकि इसके बाद शिवमूर्ति दुबे ने कबीरचौरा में अपना मेडिकल मुआयना कराया. इसके बाद पुलिस ने मालिक, उनकी बेटी, पत्नी तथा एक कर्मचारी के खिलाफ शिवमूर्ति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. इधर, खबर आ रही है कि गांडीव प्रबंधन के रवैये से नाराज कर्मचारी लेबर कार्यालय पर पहुंच कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं.











