ग्वालियर से 16 फरवरी से शुरू हुए समाचार पत्र राष्ट्रीय हिंदी मेल के स्थानीय संपादक अवध आनंद बनाए गए हैं. अखबार के प्रिंट लाइन में अवध आनंद का नाम जाने लगा है. अवध आनंद यूनएनआई के साथ जुड़े हुए थे. यहां से रिटायर होने के बाद आनंद ने दैनिक भास्कर, ग्वालियर से जुड़ गए थे. पिछले नौ सालों से वे भास्कर में कॉपी एडिटिंग का काम देख रहे थे. बाद में उनके काम में कमी कर दी गई, जो उनको नागवार लगा. मौका मिलते ही उन्होंने वहां से विदाई ले ली.
अब वे विजय दास के मालिकत्व वाले राष्ट्रीय हिंदी मेल से अपनी नई पारी शुरू की है. अवध आनंद एमपी के वरिष्ठ पत्रकार हैं तथा पिछले कई दशक से पत्रकारिता कर रहे हैं.












umesh shukla
February 17, 2011 at 12:21 pm
Badhai ho Awadhanandji, ummeed hai bahut achcha akhbar nikalenge.
rakesh achal
March 12, 2011 at 9:32 am
बधाई आनंद जी, राख के ढेर में शोला भी है चिंगारी भी. बधाई ;D
rakesh achal
March 12, 2011 at 9:32 am
बधाई आनंद जी, राख के ढेर में शोला भी है चिंगारी भी. बधाई