अमेठी के कांग्रेस कार्यकर्ता की बेटी से गैंग रेप किए जाने, उस लड़की और उसके परिजनों के अचानक गायब हो जाने के आरोपों के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा राहुल गांधी को नोटिस जारी किए जाने, इस खबर को डेली न्यूज एक्टिविस्ट द्वारा लखनऊ-इलाहाबाद में प्रकाशित किए जाने और फिर अब भड़ास द्वारा इस मामले को वैश्विक स्तर पर उठाने के बाद पूरे देश में हलचल मच गई है. अमेठी से लेकर दिल्ली तक में सनसनी की स्थिति है.
ताजी सूचना ये है कि राहुल गांधी के इस कथित रेप कांड को लेकर यूट्यूब पर कई वीडियो पड़े हुए हैं. आमतौर पर यूट्यूब पर किसी गलत या आधारहीन वीडियो को शिकायत के बाद यूट्यूब के लोग ब्लाक या रिमूव कर देते हैं पर राहुल गांधी के चरित्र पर उंगली उठाने वाले ये वीडियो न सिर्फ यूट्यूब पर पड़े हैं, बल्कि खूब देखे भी जा रहे हैं. यूट्यूब के एक वीडियो में तो पीड़ित लड़की, उसकी मां तक के चेहरे को दिखाया गया है. और, प्रजेंटेशन के जरिए पूरी कथा कही गई है. सच्चाई क्या है, ये तो अभी तक किसी को नहीं पता. ऐसे मामलों में साजिश और सच्चाई के बीच फिफ्टी-फिफ्टी का रेशियो होता है. पूरे प्रकरण का असल सच किसी निष्पक्ष जांच से ही संभव है. कायदे से राहुल गांधी को इस प्रकरण के बारे में सफाई देना चाहिए या फिर यूट्यूब पर पड़े एकतरफा वीडियो को हटाने के लिए यूट्यूब से शिकायत करनी चाहिए. लेकिन संभवतः ऐसा नहीं किया गया है क्योंकि ये वीडियो यथावत मौजूद हैं और देखे जा रहे हैं.
((राहुल रेप स्कैंडल से संबंधित यूट्यूब वीडियोज को देखने के लिए आगे दिए गए नंबरों पर एक-एक कर क्लिक करते जाएं- 1 2 3 4 5 6 7 8 ))
पर एक बड़ा सवाल यहां यह उठता है कि आखिर वो लड़की सुकन्या, उनकी मां और उसके पिता गए कहां. अगर राहुल गांधी व उनके दोस्तों द्वारा रेप किए जाने की बात को निराधार मानते हुए या साजिशन राहुल को फंसाने की कवायद का हिस्सा मानते हुए एक तरफ हटा दें तो भी तो यह सवाल है कि आखिर अमेठी की वो लड़की, उसके मां-बाप हैं कहां. इस देश में लोकतंत्र है और सभी को जीने का अधिकार है. अगर कोई परिवार रातोंरात गायब हो जाता है तो यह बहुत बड़ा मामला है. इस मसले को इस देश के मीडिया हाउसों को उठाना चाहिए और पूरी मिस्ट्री की पड़ताल करनी चाहिए. पर केंद्र में बैठी कांग्रेस सरकार के सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी के पुत्र होने और भावी पीएम होने के कारण राहुल को लेकर कोई निगेटिव स्टोरी चलाने की हिम्मत ही नहीं कर सकता. यह इस देश की नपुंसक और हरामखोर मीडिया का चरित्र है, जिसके अगुवा लोग बातें तो बहुत बड़े बड़े मंचों से करते हैं लेकिन जब करने की बारी आती है तो पूंछ अंदर कर चुपचाप गर्दन इधर-उधर घुमाने लगते हैं.
उस न्यायाधीश की जय जय करनी चाहिए जिसने बिना डरे लापता परिवारों का पता लगाए जाने संबंधी याचिका पर राहुल गांधी को नोटिस जारी कर दिया. जजों को सेट कर लिए जाने के इस दौर में अगर कोई जज केंद्र सरकार और प्रभावशाली लोगों की परवाह किए बिना अपने कर्तव्य पथ पर अपनी आत्मा की पुकार के मुताबिक बढ़ता जाता है तो आज के बेहद बाजारू दौर में बहुत बड़ी परिघटना है. अब जबकि हर आदमी बिकने और बिछ जाने को तैयार हो, बड़ी बड़ी संस्थाएं-कंपनियां-लोग किसी भी असरदार को खरीद कर मुंहमांगी कीमत देने को तैयार हैं तो ऐसे में कुछ लोगों अड़े-डटे रहने चौंकाता भी है, और राहत भी देता है कि उम्मीद अभी बाकी है.
डेली न्यूज एक्टिविस्ट के संपादक निशीथ राय की सराहना करनी चाहिए कि उन्होंने न सिर्फ पहले पन्ने पर इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया बल्कि लगाए गए आरोपों के बारे में भी जानकारी दी. लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी पर आरोप लगना, खासकर पब्लिक सरवेंट्स और पब्लिक फीगर्स पर, आम बात है और इससे कोई बच भी नहीं सकता, चाहें लाख कोशिश करे, लेकिन किसी के मामले में ऐसा हो जाए कि कोई आरोप लगाए और वो आरोप न कहीं छपे न प्रसारित हो तो यह आपातकाल की याद दिलाता है.
इस वक्त देश में आपातकाल तो नहीं है लेकिन केंद्र में कांग्रेस सरकार होने और बड़े मीडिया हाउसों की केंद्र सरकार से दल्लेबाजी के रिश्ते के कारण कोई बड़ा मीडिया हाउस इस खबर को नहीं छापने जा रहा है. ऐसे में तेवरदार अखबारों, नए न्यूज चैनलों और न्यू मीडिया के लोगों से ही उम्मीद है कि वे इस मसले को न सिर्फ उठाएं बल्कि ऐसी स्थिति पैदा करें जिससे केंद्र सरकार और राहुल गांधी को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी एजेंसी से करने कराने को मजबूर होना पड़ा. मैं यहां फिर कह रहा हूं कि मुख्य मामला राहुल पर आरोप लगना नहीं बल्कि मुख्य मसला उस परिवार का कई वर्षों से लापता होना है जिसने आरोप लगाए थे.
यशवंत
संपादक
भड़ास4मीडिया












veer chauhan
March 2, 2011 at 11:35 am
यशवंत जी सही कह रहे हैं आप हमारे देश में बड़े बड़े मीडिया हाउसों की कमान नपुंसकों और दल्लों के हाथ में हैं जिसके चलते हम जैसे लोग जो पत्रकारिता धर्म निभाने इस मैदान में उतरे थे उनके भी हाथ काट दिये गये हैं कलम बेच चुके ये दलाल जब तक देश के चौथे स्तंभ की अगुवाई करते रहेंगे ऐसे ही बलात्कार के बाद परिवार गायब होते रहेंगे राहुल गांधी पर लगा आरोप कितना सच्चा है इस बात का फैसला तो शायद इस देश में कभी नहीं हो पाएगा लेकिन उस परिवार का पता लगाने के लिये अगर ये दलाल अपने कलम का थोड़ा इस्तेमाल कर लें तो नरक में शायद थोड़ कम कष्ट भोगने पड़ेंगे
shashi verma
March 2, 2011 at 12:12 pm
sach saamne aana he chaheye kese be keemat par.
somnath nashik
March 2, 2011 at 12:24 pm
mai veer g ki batose shamat hu.
Ajit Kumar Pandey
March 2, 2011 at 12:46 pm
[b][b][b]Yaswant ji baat solah aame sahi hai ….. sabase pahaley DNA ke editor DR. Nishith Rai ji ko badhaiee deta hu jo unhoney krantikari kaam kiya hai… INDIA KI SARI MEDIA KAMOBES DALALON SE BHAI HAI SABHI DALALI KARTE HAI I DALALO SE KAYA APEKSHA RAKHE…………
AREY DALALO CHULOO BHAR PANI ME DOOB JAO …EK PATRAKAR 20 RUPYA LE LETA HAI TO SINGH JAISI GAJANA KARTE HO AB KAYON BIK GAYE……..SARM KARO AKHIR KAB TELU BANKAR …… CHAT TE RAHOGE……… [/b][/b][/b]
Ajit Kumar Pandey
March 2, 2011 at 12:47 pm
Yaswant ji baat solah aame sahi hai ….. sabase pahaley DNA ke editor DR. Nishith Rai ji ko badhaiee deta hu jo unhoney krantikari kaam kiya hai… INDIA KI SARI MEDIA KAMOBES DALALON SE BHAI HAI SABHI DALALI KARTE HAI I DALALO SE KAYA APEKSHA RAKHE…………
AREY DALALO CHULOO BHAR PANI ME DOOB JAO …EK PATRAKAR 20 RUPYA LE LETA HAI TO SINGH JAISI GAJANA KARTE HO AB KAYON BIK GAYE……..SARM KARO AKHIR KAB TELU BANKAR …… CHAT TE RAHOGE………
Ajit Kumar Pandey
March 2, 2011 at 12:48 pm
Yaswant ji baat solah aame sahi hai ….. sabase pahaley DNA ke editor DR. Nishith Rai ji ko badhaiee deta hu jo unhoney krantikari kaam kiya hai… INDIA KI SARI MEDIA KAMOBES DALALON SE BHAI HAI SABHI DALALI KARTE HAI I DALALO SE KAYA APEKSHA RAKHE…………
AREY DALALO CHULOO BHAR PANI ME DOOB JAO …EK PATRAKAR 20 RUPYA LE LETA HAI TO SINGH JAISI GAJANA KARTE HO AB KAYON BIK GAYE……..SARM KARO AKHIR KAB TELU BANKAR …… CHAT TE RAHOGE………
girish pankaj
March 2, 2011 at 3:16 pm
यह इस देश की नपुंसक और हरामखोर मीडिया का चरित्र है, जिसके अगुवा लोग बातें तो बहुत बड़े बड़े मंचों से करते हैं लेकिन जब करने की बारी आती है तो पूंछ अंदर कर चुपचाप गर्दन इधर-उधर घुमाने लगते हैं. ” aapke is kathan se sahamat hoo mai. is desh me loktantra hai ya nahi,? sach ko pesha karane ka sahas logon me nahi hai. rahul gandhi par ye jo daag lagaa hai, use rahul hi dho sakate hai. unhe khul kar samane aanaa chahiye. rahul se aisi kisi ghatana kee kalpana hi asambhav hai. beshak unkaa naam liyaa ja raha hai, par koi yakeen nahee kar sakataa. rahul ko samane aa kar safaai deni ho hogi. varnaa yah kaand poore parivaar ke hi patan ka karan ban jayega..
xyz
March 3, 2011 at 4:40 am
ye vidio link to khul hi nahi rahe hain. sonia ghandhi ne hatwa diye kya?
bijnedra lunthi
March 3, 2011 at 7:50 am
sabi neta sale ek jaise hai….
GAJENDRA S SISODIA
March 3, 2011 at 7:51 am
[b][/b]MANNEYA AAJKAL BADEI LOGO PAR AAROP LAGAKAR FAMAUS HONEI KA CHALAN HO GAYA HAI.
JAHA MAYAVATI KI SARKAR HO VAHA AAP UMMED KAR SAKTE HAI KI KOI ANAY PARTI KA NETA GALAT KARYA KARE AUR MAYAVATI ASA RAJNETI KARNEI KA MUKA CHOD DEI SAMBAV NAHI……………
Manoj Burnwal
March 3, 2011 at 8:05 am
sharm karo maedia ke dalalon. ab ek baap ke paidaish ho to us pariwar ka pata lagao] jise kamine rahul ne gayab karwa diya hai. dusre desh ke logon ke saath milkar ek Indian ka rape karne wala rahul jab prime minister banega to desh ki bhi ladki surakshit nahin rahegi.
Ravi
March 3, 2011 at 8:36 am
Yashwant ji, ye kya bakwas news daal rhe ho? Mia BJP ka katter follower hu, but ess news me saaf hai ki ye banda jhooth bol rha hai or koe bewkuff badnam karne ke liye interview le rha hai, Rahul Gandhi jaha v jate hai saath me police, bureaucrats, media and public ka jamawra laga hota hai, etna jayada public person hone ke baad koe rafe kar de or baat dabi rah jaye, ab India etna v kamjor nhi hai. Muje lagta hai Yashwant ji, aapko apne shoch me sudhar karni chahiye or thora broad sochna chahiye, etni gatiya news khud se likhna aapke sankochit soch ko darsata hai. Please etne bare leader ke bare me etni gatiya news bina kisi pokhte sabut ka na likhe, esse aapki credibility pe bura asar prega.
rajesh chourasia
March 3, 2011 at 8:55 am
यह इस देश की नपुंसक और हरामखोर लोग है,
जो बातें तो बहुत बड़े बड़े मंचों से करते हैं लेकिन जब करने की बारी आती है तो पूंछ अंदर कर चुपचाप गर्दन इधर-उधर घुमाने लगते हैं.
आरोप कितना सच्चा है इस बात का फैसला तो शायद इस देश में कभी नहीं हो पाएगा लेकिन जो पत्रकारिता धर्म निभाने इस मैदान में उतरे थे उनके भी हाथ काट दिये गये हैं…..!
Akash
March 11, 2011 at 3:02 pm
Ye baat shayad sach ho sakti hai kyo ki bharat me kamine netao ki kami nahi hai
ishwar singh . gorakhpur
March 12, 2011 at 11:52 am
राहुल गांधी और गैंग रेप असंभव! वे भारत के अंदर ऐसा करेंगे यकीन नहीं किया जा सकता।
sachin verma
July 3, 2011 at 6:57 pm
arey bhaiyo kyo rahul gandhi ji k peeche haath dho k pade ho mein khud press mein hu mjhe sb sach pta hai or agr rahul gandhi par aarop lgaya to pure hindustan ke youngster apki achi marammat kr denge and thats try…. dnt worry mr.gandhi we all youngster with you….. jai hind…. and for media plzz show the truth not rumors
umesh
August 30, 2011 at 2:27 pm
Aaj ke kaluge ye aam baat ho gayi hai ki poor admi poor hota ja raha hai is na to sarkar apna kam sahi tarike se karti hai na karbati is liye aam ko hi vistchaer ke khilap utna parta hai
sachinchauhan rampur u.p
August 31, 2011 at 2:34 am
i think
agar rahul gandhi ne ye sab kiya to this is the bad news for india :):)
aadiwasi
September 17, 2011 at 10:33 am
राहुल गांधी पर लगा आरोप नपुंसक और हरामखोर मीडिया का चरित्र है इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा राहुल गांधी को नोटिस जारी किए जाने, इस खबर को उस न्यायाधीश ने निष्पक्ष जांच पड़ताल कि और कहा मामला राहुल पर आरोप लगाना नहीं बल्कि हमारे देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आरोप लगाना है राहुल गांधी व उनके दोस्तों की बात को निराधार मानते हुए और साजिशन राहुल को फंसाने की कवायद का हिस्सा मानते हुए कहा यह इस देश की मीडिया का चरित्र है,भावी पीएम होने के कारण राहुल को लेकर कोई निगेटिव स्टोरी चलाने राहुल गांधी के चरित्र को भड़ास द्वारा चुपचाप गर्दन इधर-उधर घुमा रहे बड़े बड़े मीडिया हाउसों मे सनसनी की स्थिति है की नपुंसकों और दल्लों को कष्ट भोगने पड़ेंगे डेली न्यूज एक्टिविस्ट के संपादक निशीथ राय के खिलाफ विभागीय जांच में फैसला शायद निशीथ राय के खिलाफ पाया गया है कलम का दलाल को साजिश के कारण सजा भोगने पड़ेंगे क्यो कि कलम के गलत इस्तेमाल से मीडिया की छवि खराब होती है : अमेठी के कांग्रेस कार्यकर्ता की बेटी से गैंग रेप किए जाने का मामला पुरी तरह से बेबुनियाद है यह आपातकाल की याद नहीं दिलाता परन्तु इस बात कि याद दिलाता है कि लोगो कि सोच नपुंसकों और दल्लों की पूंछ की स्थिति है