राजधानी से प्रकाशित हो रहे दैनिक लोकसत्य ने अपने पाठकों के लिए विशेष पहल की है. अब तक अपने खबरों से पाठकों को जागरूक रखने वाला लोकसत्य उनको आसपास के कुछ रोचक एवं नए तथ्यों से रूबरू कराने के लिए बसंतपंचमी से एक नया परिशिष्ट को लांच किया है. सरस नामक यह परिशिष्ट प्रत्येक रविवार को प्रकाशित किया जाएगा. आकर्षक लुक, रोचक और ज्ञानपरक तथ्यों के चलते सरस के पहले अंक को पाठकों का बढि़या रिस्पांस भी मिला है. आठ पेज के इस परिशिष्ट में स्वास्थ्य, बाजार, खान-पान, शिक्षा एवं साहित्य आदि से जुड़े तथ्यों को समाहित किया गया है.












shilendra etarsi
February 7, 2011 at 1:04 pm
:);):D;D>:(:(
Rajbir singh
March 6, 2011 at 7:50 pm
kaya bhai apne muh miyan mithoo ban rahoooooooooo…………………………….hooooooooooooo……eeeeee……….