दैनिक भास्कर, श्रीगंगानगर में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार-व्यंग्यकार कृष्णकुमार आशु डॉक्टर हो गए हैं. उनकी पीएचडी पूरी हो गई है. अनेक साहित्यिक किताबों के लेखक आशु ने पीएचडी की उपाधि का अपना शोध ” उदयप्रकाश की कहानियों का शिल्प, परंपरा और प्रयोग ” बीकानेर विश्वविद्यालय से डॉ अन्नाराम शर्मा के निदेंशन में किया है.
उल्लेखनीय है कि उन्होंने प्रायः अध्ययन स्वयंपाठी के रूप में किया है. लगभग दो दशक के करिअर में वे भास्कर से पहले लंबे समय तक राजस्थान पत्रिका से जुडे रहे हैं. खास बात यह है कि पत्रकारिता में रहकर ही कॉलेज से लेकर पीएचडी तक की पढाई की है. उन्हें राजस्थान साहित्य अकादमी सहित अनेक साहित्यिक सम्मान भी मिल चुके हैं.












mahandra singh rathore
December 8, 2010 at 5:44 am
dear Krishna kumar aashu phd ke leye badhi ho. kya abhi bhaskar mai ho? rajasthan se hun or karbi distt se islye kuch janta hun. thanks.
amarpal singh verma
December 9, 2010 at 8:18 am
badhai ho aashu ji…
pramodpal singh meghwal
December 12, 2010 at 1:24 pm
badhi ho.