नवभारत टाइम्स से रिटायर हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप कुमार जी के माता राजकुमारी देवी का आज सुबह निधन हो गया. वे 90 वर्ष की थीं. वे कुछ समय से बीमार थीं. उनका चलना-फिरना भी बंद था. आज सुबह अचानक गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित आवास पर ही उनका निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार आज शाम पांच बजे गाजीपुर स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा. वे अपने पीछे एक बेटा प्रदीप कुमार और दो बेटियों का भरापूरा परिवार छोड़कर गई हैं.
नई दुनिया के झारखंड स्टेट हेड एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता विष्णु राजगढि़या के पिता देवी प्रसाद राजगढि़या का 23 फरवरी को रामगढ़ जिले के भुरकुंडा में निधन हो गया. वे 72 साल के थे तथा सांस की बीमारी से पीडि़त थे. डेढ़ महीने पहले बीमार होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से ठीक होने के बाद वे घर आ गए थे. 23 की सुबह अचानक उनका निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार भुरकुंडा में ही किया गया.
वे भुरकुंडा में सीबीएसई स्कूल के संचालक तथा व्यवसायी थे. उन्होंने अपनी आंखें दान में देने की घोषणा की थी. यह भी संयोग ही था कि उन्होंने अपने नेत्रदान का फार्म 23 फरवरी को ही 2005 में भरा था. वे अपने पीछे चार पुत्रों का भरा-पूरा परिवार छोड़कर गए हैं. इनकी पत्नी का निधन ढाई साल पहले ही हो चुका है.












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February 26, 2011 at 6:00 am
Dear Yashwant ji,
Aap ke portel par bhi galtiya ja rahi hai, pradeep ji ke Mata ji ka nidhan hua hai ya Pita ji ka. heading aur matter ke virodabhas hai.
किशोर कुमार
February 26, 2011 at 4:31 pm
माता-पिता की साया उठ जाने का दर्द सहज समझा जा सकता है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार के लोगों को इस विपत्ति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।