हजारीबाग में दो फर्जी फोटोग्राफर प्रत्याशियों से फोटो छापने के नाम पर वसूली करते पकड़े गए. इन्हें पत्रकारों ने पकड़ कर सदर पुलिस को सौप दिया, पकड़े गए दोनों फोटोग्राफरों ने खुद को हिन्दुस्तान अखबार से जुड़ा होने का दावा किया, लेकिन यह बात झूठ पाई गई. बताते हैं कि एक अखबार का रिपोर्टर इन दोनों को संरक्षण देकर पैसा वसूली करवा रहा था. संरक्षण देने वाला यह पत्रकार उगाही के आरोप में जेल की हवा खा चुका है.
तीन दिनों तक अखबार में प्रत्याशियों के फोटो छापे जाने के नाम पर 78 प्रत्याशियों से 78 हजार रुपये इन्होंने वसूला. किसी प्रत्याशी द्वारा कोई शिकायत या सूचना ना दिए जाने के चलते पुलिस इन दोनों पर मामला दर्ज नहीं कर पाई. इन दोनों को 24 घंटे उन्हें हिरासत में रखने के बाद बांड भरवा कर छोड़ दिया गया.
हजारीबाग के पत्रकार समाज ने ऐसे ब्लैकमेलिंग करने वाले रिपोर्टर के कारनामें की घोर निंदा की है. पत्रकारों ने हजारीबाग पुलिस कप्तान से आग्रह किया है कि मीडिया के नाम पर फर्जी तरीके से लोगों को ठगने वालों को पकड़ जेल भेजा जाय ताकि प्रेस की प्रतिष्ठा धूमिल ना हो, साथ ही आगे से इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो.












rajiv saara
November 29, 2010 at 11:27 am
यशवंत जी को साधुवाद जो आपने हजारीबाग के फर्जी प्रेस फोटो ग्राफरो की कहानी छापकर लोगो के सामने उन्हें बेनकाब कर दिया जिसने आज तक हजारीबाग के प्रेस मीडिया को धूमिल करने का हर संभव प्रयाश करते रहते है ..
राजीव रंजन
इंडिया टीवी हजारीबाग