: दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज : निज़ामाबाद। नारने नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित तेलगु समाचार चैनल ‘स्टूडियो-एन’ का प्रसारण पिछले 60 घंटों से तेलंगाना के सभी दस जिलों में बंद है. इस संदर्भ में नारने कंपनी ने गुरुवार की शाम सभी निकले गए कर्मचारियों से कहा है कि उन्हें तीन माह का वक्त व सेलरी दी जाएगी, लेकिन वे अपना इस्तीफा प्रबंधन मंडल को सौंप दें.
कर्मचारी इस बात पर तैयार नहीं हैं. इस बीच आंध्र प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ, ईलेक्ट्रोनिक्स मीडिया फेडरेशन आफ आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना समर्थक संगठन भी निकाले गए कर्मचारियों के समर्थन में आ गए हैं. इस बीच कुलदीप सहनी का कहना है कि नारने प्रबंधन मंडल ने साठ और लोगों को फ़ोन पर सूचित किया है कि दो माह तक उनका परफार्मेंस देखा जायेगा, उसके बाद कोई निर्णय लिया जायेगा. इससे अन्य कर्मचारियों में भी नौकरी जाने का भय बैठ गया है. श्री सहनी का कहना है कि जब तक प्रबंधन मंडल कोई ठोस निर्णय कर्मचारियों के प्रति नहीं लेता है, तब तक उनके चैनल का प्रसारण बंद रहेगा.
उधर कंपनी के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को प्रबंधन मंडल ने पुलिस के बल पर भगा दिया है. कर्मचारियों ने रायदुर्गम पुलिस स्टेशन में प्रबंधन के खिलाफ मामला भी दर्ज करा दिया है. दूसरी ओर प्रबंधन मंडल ने भी कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. वहीं बीच-बचाव में लगे कुछ लोगों ने चन्द्र बाबू से मिलकर कर्मचारियों के बारे में हाल निकलने की बात की है, जिस पर बाबू का कहना था कि वह कुछ नहीं कर सकते क्योंकि कंपनी की माली हालत अच्छी नहीं है, दूसरी बात प्रबंधन मंडल से मेरा कोई वास्ता नहीं है. पता हो कि कंपनी के मुखिया बाबू के बेटे लोकेश नायडू हैं.











