Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

दुख-दर्द

साहित्‍य अकादमी के उपाध्‍यक्ष सतिंदर सिंह नूर का निधन

[caption id="attachment_19557" align="alignleft" width="83"]नूरसतिंदर सिंह[/caption]पंजाबी के वरिष्ठ साहित्यकार, आलोचक और साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष सतिंदर सिंह नूर का दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। वे 70 वर्ष के थे तथा पंद्रह दिन से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी हालत में सुधार हो रहा था पर अचानक बढ़े रक्तचाप से उनकी तबीयत बिगड़ गई और डाक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। पंजाब के कोटकपूरा जिले के रहने वाले नूर ने दिल्ली विश्वविद्यालय में 37 साल तक शिक्षक के तौर पर सेवाएं दीं। वे वहां पंजाबी के विभागाध्यक्ष भी रहे। पंजाबी के प्रसार-प्रसार में उनकी विशेष दिलचस्पी रही थी और उन्होंने अपना सारा जीवन इसी में लगाया।

नूर

सतिंदर सिंह

पंजाबी के वरिष्ठ साहित्यकार, आलोचक और साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष सतिंदर सिंह नूर का दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। वे 70 वर्ष के थे तथा पंद्रह दिन से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी हालत में सुधार हो रहा था पर अचानक बढ़े रक्तचाप से उनकी तबीयत बिगड़ गई और डाक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। पंजाब के कोटकपूरा जिले के रहने वाले नूर ने दिल्ली विश्वविद्यालय में 37 साल तक शिक्षक के तौर पर सेवाएं दीं। वे वहां पंजाबी के विभागाध्यक्ष भी रहे। पंजाबी के प्रसार-प्रसार में उनकी विशेष दिलचस्पी रही थी और उन्होंने अपना सारा जीवन इसी में लगाया।

वर्ष 2004 में उन्हें -कविता दी भूमिका- नामक पुस्तक पर साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया था। उनकी अन्य पुस्तकों में -बिरख निपटारे, सरदल ते आर-पार, नाल-नाल तुरदियां, त चेरी दे फूल और सूरज ते मसीहा नामक प्रमुख है। वे आलोचक के साथ-साथ बेहतरीन कवि भी थे। उनके निधन से पंजाबी साहित्य जगत को ठेस लगी है। पंजाबी में साहित्य शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित डा. फूलचंद मानव और प्रो. योगेश्वर कौर ने आस्ट्रेलिया से नूर के परिवार को संदेश भेजकर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि नूर उनके अच्छे मित्रों में थे उनसे जब भी मुलाकात होती थी तो उसका मुख्य विषय पंजाबी भाषा के प्रचार और प्रसार को लेकर ही होता था। उन्होंने कहा कि पंजाबी साहित्य के लिए उन्होंने बहुत काम किया है जिसकी सराहना समय समय पर होती रही है।

महेन्‍द्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. ankur singh

    February 15, 2011 at 4:50 am

    ss noor ke na rehne ka mujhe bhi dukh hua hai. mai unse kabhi mila to nahi hun. kuch dosto na bataya ki wo punjabi ki leye jayda jane jate hain lakin hindi mai bhi unki acchi pakar thi.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...