वरिष्ठ शिक्षाविद, स्तंभकार एवं साहित्यकार सुधीश पचौरी को गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया है. इस समिति का गठन हर तीन साल पर किया जाता है. हिंदी को मजबूती प्रदान करने के लिए केन्द्रीय हिंदी समिति का गठन 1967 में किया गया था. इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं तथा कमेटी के अध्यक्ष केन्द्रीय गृहमंत्री होते हैं. केन्द्रीय हिंदी समिति के निर्देश पर विभिन्न मंत्रालयों एवं डिपार्टमेंटों में संबंधित मंत्रियों की अध्यक्षता में हिंदी सलाहकार समितियों का गठन किया जाता है. जो अपने-अपने अपने मंत्रालयों एवं डिपार्टमेंटों में हिंदी के उपयोग की समीक्षा करती हैं और हिंदी के बढ़ावा के लिए सुझाव देती हैं.
सुधीश पचौरी को हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य बनाए जाने के साथ दिल्ली यूनिवर्सिटी ने भी डीन ऑफ कालेज बना दिया है. गौरतलब है कि पचास से ज्यादा किताबें लिखने वाले श्री पचौरी दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक हैं. डीयू के इतिहास ऐसा पहली बार हो रहा है जब हिंदी विभाग से जुड़ा कोई व्यक्ति डीन बनाया गया है. इनकी प्रमुख किताबों में कविता का अंत, दूरदर्शन की भूमिका दूरदर्शन : स्वायत्तता और स्वतंत्रता, विकास से बाजार तक, मीडिया और साहित्य, टीवी टाइम्स, साहित्य का उत्तरकाण्ड, स्त्री देह के विमर्श, आलोचना से आगे, मीडिया, जनतन्त्र और आतंकवाद, मीडिया की परख आदि शामिल हैं. इन्हें मध्यप्रदेश साहित्य परिषद का रामचन्द्र शुक्ल सम्मान, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार एवं दिल्ली हिंदी अकादमी द्वारा साहित्यकार का सम्मान भी मिल चुका है.












ANUPAM UPADHYAY
December 16, 2010 at 1:31 pm
Aapko Hardik Namaskar,
Please accept our best wishes for you. Could not write in HINDI, As non availability of Fonts here.
With Deep Regards,
Anupam Upadhyay
Shambhu Nath
December 16, 2010 at 3:09 pm
बधाई स्वीकार करें………………………….