भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल ने सौरभ मालवीय को उनके शोधकार्य ‘हिंदी समाचार-पत्रों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की प्रस्तुति का अध्ययन’ विषय पर डाक्टर आफ फिलासिफी की उपाधि प्रदान की गयी। श्री मालवीय ने अपना शोधकार्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला के मार्गदर्शन में संपन्न किया है।












मयंक सक्सेना
October 22, 2011 at 8:04 am
क्या दुनिया का कोई एक भी विश्वविद्यालय इस तरह के अतार्किक विषय पर पीएचडी देगा…मतलब ये हो क्या रहा है…ऐसे तो कोई विश्वविद्यालय भारतीय पत्रकारिता में कांग्रेस के पार्टीगत अखबारों का योगदान….कोई गांव-खलिहान में कम्युनिस्ट पर्चों में पत्रकारिता…इस तरह के विषयों पर पीएचडी देगा…कुठियाला जी माखनलाल को संघ की शाखा में बदल रहे हैं…गुड फॉर नथिंग सौरभ मालवीय को ये पीएचडी इसी का नमूना है…और मज़े की बात साहब कुलपति जी के अंडर में ही पीएचडी कर रहे थे…सो वक्त से पूरी हुई…नियमों को ताक पर रख कर इनको वैसे ही नौकरी मिली जैसे इनके पीएचडी के गाइड को कुलपति बनाया गया…इसी देश में ये सम्भव है कि कोई भी आए…मनमर्ज़ी का ऊल जुलूल विषय चुने…और पीएचडी हासिल कर के चलता बने…बधाई डॉ. सौरभ मालवीय…आप डॉक्टर बन गए…हम इंतज़ार करेंगे आपकी थीसिस के बाज़ार में किताब की शक्ल में आने का…ताकि हम ये जान कर धन्य हो पाएं….कि आपका सांस्कृतिक राष्ट्रवाद न होता, तो हिंदी के अखबार और पत्रिकाएं कितने निर्धन होते…बेकार होते…
sandeep
October 21, 2011 at 6:04 pm
ye to garda ho gaya…..aage aur kya kya hoga….????????
Surender
October 21, 2011 at 10:25 am
बधाई हो… डॉ. सौरभ मालवीय… आखिरकार आपकी मेहनत रंग लाई और आपके नाम के आगे एक और अक्षर जुड़ गया। आप ऐसे ही चमकते रहें मेरी यही मंगलकामना है। … मुँह मीठा कब करवा रहे हैं…
ankita
October 21, 2011 at 12:46 pm
bahut bhaut badhayi sir….
ankita
October 21, 2011 at 12:46 pm
bahut bahut badhayi sir…
Surendra K Verma
November 11, 2011 at 5:06 pm
Huzur Ko Badhi Ho Dr. Banane par. Aur Sir Age Kya-kya karne wae hai.
Jai Ho.
Surendra K Verma
Gorakhpur
Rajesh Ranjan, Narsinghpur
November 19, 2011 at 6:26 pm
Badhai sir ……….
aditya das
December 7, 2011 at 3:24 am
badhai ho malviya ji …aakhir aap ki or sirf aap akele ki hi phd honi hi thi kuthiyala ji …ke aane ke baad se aap din doguni or raat choguni tarakki kar rahe hai …..aakhir ise sanghi hone ka inam kahe ya chaplusi ka nazrana …jo bhi are aap ne ye to bataya nahi ki phd hone ke sath hi aap makahan lal mai jugad se bane ek naye dipartment ke HOD bhi bana diye gaye ho ….waise jab tak bjp ki satta hai tab tak kuthiyala ji or aap jo chae kar lijiye lekin jis din kangresh wapas aayi to ….sab ke band bajna tay hai …isliye bure dino ke liye bhi intzam kar ke rakhiyega