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”हमार टीवी की घटिया हरकत से खेल भावना आहत”

पटना में रिलांयस द्वारा आयोजित मीडिया कप विवादों के घेरे में आ गया है। मीडिया कप पर कब्जा करने के लिए हमार टीवी अपनी टीम में कई बाहरी खिलाड़ियों को शामिल किये हुये है। हमार टीवी में शामिल बाहरी खिलाड़ियों पर सबसे पहले देश लाइव टीवी की टीम ने विरोध जताया था। देशलाइव टीम की ओर से आपत्ति जताये जाने पर मैदान में काफी देर तक खेल बाधित रहा था।

पटना में रिलांयस द्वारा आयोजित मीडिया कप विवादों के घेरे में आ गया है। मीडिया कप पर कब्जा करने के लिए हमार टीवी अपनी टीम में कई बाहरी खिलाड़ियों को शामिल किये हुये है। हमार टीवी में शामिल बाहरी खिलाड़ियों पर सबसे पहले देश लाइव टीवी की टीम ने विरोध जताया था। देशलाइव टीम की ओर से आपत्ति जताये जाने पर मैदान में काफी देर तक खेल बाधित रहा था।

आयोजकों की ओर से देशलाइव टीम को आश्वस्त किया गया था कि इस मामले की जांच की जाएगी और न्याय मिलेगा। हमार टीवी की टीम में यदि वाकई में बाहरी खिलाड़ी खेल रहे हैं, तो इस मैच का फैसला देशलाइव के पक्ष में जाएगा। इसके बाद किसी तरह से मैच शुरू हुआ। बाद में आयोजकों ने हमार टीवी में खेलने वाले बाहरी खिलाड़ियों की जांच करने की जरूरत नहीं समझी।

अंदर की जानकारी यह है कि रिलायंस मीडिया कप का आयोजन कराने वाले मनमीत सिंह अलबेला की हमार टीवी के कई अधिकारियों के साथ काफी बनती है। यही कारण है कि आउट आफ वे जाकर वे हमार टीवी का समर्थन करते रहे। तानाशाही रवैया अपनाते हुये अलबेला ने मैच का फैसला हमार टीवी के पक्ष में दे दिया।

इसके बाद हमार टीवी का क्‍वार्टर फाइनल मैच दैनिक हिन्दुस्तान की टीम के साथ हुआ। बाहरी खिलाड़ी की बदौलत एक बार फिर हमार टीवी की टीम जीत गई। हमार टीवी का  जीत अभियान लगातार जारी रहा। इस बीच मनमीत सिंह अलबेला लगातार हमार टीवी की टीम की ओर से आंखें मूंदे रहे, जबकि उनके पास हमार टीवी में बाहरी खिलाड़ियों की शिकायतें लगातार आ रही थी।

अलबेला की तानाशाही और हमार टीवी की चालबाजियों के खिलाफ ईटीवी ने सेमीफाइनल मैच के दौरान मैदान में ही खुली बगावत कर दी। अपनी जीत को जारी रखने के लिए हमार टीवी वाले मंगलवार को पांच बाहरी खिलाड़ी को लेकर मैदान में उतरने की तैयारी में थे। ईटीवी ने हमार टीवी के सभी खिलाड़ियों का पहचान पत्र मांगा और बाहरी खिलाड़ियों के साथ खेलने से साफतौर पर इनकार कर दिया। अंतत अलबेला को मजबूर होकर हमार टीवी से उनके खिलाड़ियों का पहचान पत्र मांगना पड़ा और पहचान पत्र न दे पाने की स्थिति में मैच का फैसला ईटीवी के हक में देना पड़ा।

अब देशलाइव और दैनिक हिन्दुस्तान की टीम के खिलाड़ी अलबेला से पूछ रहे हैं कि जब उन्होंने हमार टीवी में शामिल बाहरी खिलाड़ियों की शिकायत की थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गयी। और अब जब हमार टीवी का पोल खुल चुकी है, तो उन्हें दुबारा क्यों नहीं खेलने का मौका दिया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में अलबेला की छवि निहायत ही एक घटिया व्यवस्थापक के रूप में सामने आई है। उनकी कारगुजारियों के कारण रिलायंस द्वारा आयोजित मीडिया कप की प्रतिष्ठा पर सवालिया निशान लग गया है।

पटना के मीडिया हलकों में यह पूछा जा रहा है कि आखिर इस मीडिया कप का औचित्य क्या है ? जब बाहरी खिलाड़ियों को लेकर ही उतरने की छूट थी तो इसे मीडिया कप का नाम क्यों दिया गया। मनमीत अलबेला की हरकतों से रिलायंस की प्रतिष्ठा को भी धक्का लगा है। इसके साथ ही हमार टीवी की खेल भावना पर भी सवाल उठ रहे हैं। हमार टीवी की हरकतों से मीडिया कप का मजा किरकिरा हो गया है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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0 Comments

  1. rashbihari dubey

    March 15, 2011 at 1:34 pm

    partrakar nahi ,lafange hain bhaiywa

  2. rajesh

    March 15, 2011 at 1:50 pm

    जस करनी तस भोगहू भ्राता, नरक जात है क्यों पछताता।
    हमार टीवी खिलाड़ियों की ट्रैफिकिंग कर रहा था, जर्नलिज्म का एथिक्स भी तोड़ रहा था। अलबेला जी तो ठहरे अलबेला…खा पीके हमार टीवी का बम बम कर रहे थे…और पूछने पर कहते फिर रहे हैं कि जो मन भायेगा वहीं करूंगा….मानों रिलायंस के असली चाचा यही हैं। असली कार्रवाई तो अलबेला जी पर होनी चाहिये…..रिलांयस वालों थोड़ा भी सच्चाई आपमें हैं तो अलबेला जी को काला पानी पर भेजो…इसी काबिल है अलबेली जी…और हमार टीवी तो हमारे टीवी है….खेलने की कुबत है नहीं और चले आते हैं मैदान में दूसरे का डंडा बल्ला लेके

  3. Raman chaurasia

    March 15, 2011 at 2:07 pm

    मीडिया कप के आयोजन का मकसद है इस फिल्ड से जुड़े लोगो का स्वस्थ मनोरंजन हो । लेकिन कुछ लोग इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर इस तरह के घटिया हरकत कर बैठते है । मैच में खेलना तो हमार टीवी को था लेकिन क्रिकेट तोहार टीवी के लोग खेल रहे थे । तमाम तरह के तोहमत झेल रहा हमार टीवी को एक और बदनामी मुबारक ।

  4. sweeta shiwangi

    March 15, 2011 at 2:21 pm

    hamar tv ke sath media balon ko khelna hin nahi chahiye . Hamar tv to कलंक hai media ke nam pe…………

  5. mahtab

    March 15, 2011 at 2:44 pm

    yahshwant g wise aapko hamar tv ka paksh bhi lena tha par aap ne nahi liya …..khair chodia ab main aaplo sachhae se awgat karata hoon ,
    hamar tv aur etv ke sath match hua tha aur us mach main etv ki team 87 rano par simat gae thi …
    jab unkogo ne hamar main achi khiladio ki fauj dekhi to bidak gae bechare aur ab falto ka lanchan laga rahe hain ….
    waise albela ne to pahle hi galati ki thi desh live jaise 1 aise chanel ko khilaya tha jo abhi band pada hai……..
    albela ne sirf isliye etv ko final main jagah dilae hai ki udki news chale kyonki jo jo es match se bahar hua usne albela ki news chapna ya lagana band kar diya tha…
    hamar ko agar bahari khladi khilana tha to wah pahle hi unka i card banwa lete….
    yah hai sachia …samjhe

  6. राजेश

    March 15, 2011 at 2:51 pm

    यशवंत जी आपको दोनो ओर का पक्ष रखना चाहिए था…….सबसे पहली गलती तो रिलायंस ने किया की अलबेला जैसे पटना मीडिया के दला….. को कार्यक्रम के संचालन सौंपा….सो दला….. साहब ठहरे E tv के दला…शुरु कर दी .क्याकि उनकी रोजी रोटी वही से चलती है मैच से शुरु से ही वे उन्हे किसी तरह से जीत का शिल्ड दे देना चाहते थे…….अगर खिलाड़ी के सत्यता पर ही सवाल था तो मैच के शुरु में ही क्या नही विवाद सुलझाया गया …….जब मैच 87 रन पर ETV सिमट गई तो दला…साहब के अंदर बेचैनी शूरु हूई और सारा बखेरा खरा कर दिया….मैच में जो खिलाड़ी शुरु से खेल रहे थे वही इस मैच मे भी खेल रहे थे……तो विवाद क्यो ?????????

  7. neha agrawal

    March 15, 2011 at 3:01 pm

    Hamar tv se behtari ki umeed na karen kyoki isme kam karne bale log afgani mulk ke hai……………………………

  8. जय कुमार, चक्रधरपुर (झारखण्ड)

    March 15, 2011 at 3:20 pm

    इतनी कीच-कीच क्यों भाई !!!!!!!!!!!!
    सीधे कप धरा देते हमार टीवी वालों को…………

  9. rajiv

    March 16, 2011 at 5:10 am

    media cup ho raha hai yeh jaan kar khushi hui. lekin yeh jaan kar afsos bhi huya ki isko hamar tv jaise log ganda karne me lage hai. pehli jab is tournament ko karaya jaata tha to kitna achha lagta tha. saari timen ek jut hokar aur khelbhawna seh khelti thin. hindustaan, jagran jaisi timen hissa leti thi. kuchh khiladi to itne achhe the ki unko khelta dekhkar achha lagta tha. vinayak , anat , alok , hindustaanan ke kuchh kheladi to bahut hi shandar the. ekram ki keeping itni achhi huya karti thi ki bats man aage nikalkar khelne se ghabrata tha.jagran ke dipak aur prabhat khabar ke santosh ki batting to lajawabthi. media cup me ab woh baat hi nahi hai jo pehle huya karti thi.

  10. Ujjwal

    March 16, 2011 at 8:28 am

    नाम : मनमीत सिंह अलबेला, पिता : स्वo जोगिन्दर सिंह अलबेला, निवास:बोरिंग कनाल रोड, पटना, पेशा: मालिक, सिंह विज्ञापन एजेंसी, लव कुश टावर , पटना, मुख्य पेशा: हर तरह की दलाली करके अपने और अपनी महिला मित्रों के लिए काम की तलाश करना वह चाहे विज्ञापन बनाने का हो, या म्यूजिक एलबम या फिर कुछ और …… मीडिया की आर में कई और रोजगार करना….. पकडे जाने पर पिता की नेकनामी का हवाला देकर अपने लिए सहानभूति बटोरना……ऐसे लोग जब किसी कोर्पोरेट जगत का काम हासिल करते हैं तो उसे भी अपने पिता की जागीर समझने लगते हैं…..रिलायंस मीडिया कप इसका जीता जागता उदाहरण हैं……. रिलायंस ने तो यह कार्यक्रम किया था मीडिया के लोगो के बीच अपनी साख बनाने के लिए लेकिन उसे क्या पता था की इवेंट मैनेजमेंट का काम जिस कम्पनी को दिया जा रहा है वो उसकी साख में बट्टा ही लगाएगा ….. यह सबक है दूसरी कम्पनीयों के लिए……….मैं चाहे ये करूँ…मैं चाहे वो करूँ मेरी मर्ज़ी……जय हो अलबेला बाबू की…..

  11. BIHAR NEWS SE

    March 16, 2011 at 8:59 am

    Isme Galti sirf Ayojak Ki hai .prarambh me hi sare Teem ke khilari ka naam praman ke saath lena chahiye tha.Lakin yaesa na hua na hoga kyoki kam kharch me hi achchha prachar prasar hota hai Ayojak co. ka aur ye bhi midea dwara ,to kyo naraj karenge ve midea hous ko bhale viwad me aa jaye Isme bhi charcha ke dwara phayda unhi ko hoga

  12. hhh

    March 16, 2011 at 9:51 am

    hamar tv suru se hi fraud he,isme nayi baat kuch nahi

  13. khadim

    March 17, 2011 at 10:08 am

    arey ye kya kartey ho tum log, aek to vaisey hi desh ko cricket kha gaya hai upar se ab patrakar bhi ismay ladey marey jaa rahey hai….. kaam karo warna sabki naukri chali jaayegi phir kheltey rehna cricket….

  14. ek pidit ladki

    March 19, 2011 at 7:36 am

    नाम : मनमीत सिंह अलबेला, पिता : स्वo जोगिन्दर सिंह अलबेला, निवास:बोरिंग कनाल रोड, पटना, पेशा: मालिक, सिंह विज्ञापन एजेंसी, लव कुश टावर , पटना, मुख्य पेशा: हर तरह की दलाली करके अपने और अपनी महिला मित्रों के लिए काम की तलाश करना वह चाहे विज्ञापन बनाने का हो, या म्यूजिक एलबम या फिर रंडीबाजी का ……मनमीत एक ऐसा भडुआ है जो कब कौन सी लड़की को कहाँ विज्ञापनके खातिर भेज दे कहना मुश्किल है ….शायद मनमीत सिंह अलबेला ने रिलंयांस के लोगों को भी लड़की पहुचाइ होगी तभी उनलोगों ने मनमीत को मीडिया कप के आयोजन करने की अनुमति दी होगी………..

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