हिंदुस्तान अखबार के दिल्ली समेत कई एडिशनों में आज पहले पेज की लीड खबर है दिव्या को इंसाफ. हिंदुस्तान, दिल्ली में हेडिंग है- हिंदुस्तान की मुहिम रंग लाई, दिव्या को मिला इंसाफ. पूरी खबर इस तरह पेश है जैसे सिर्फ हिंदुस्तान अखबार ने ही दिव्या के लिए अभियान चलाया होगा. उधर, आईबीएन7 की वेबसाइट पर दिव्या को इंसाफ से संबंधित जो खबर है उसमें दिव्या को इंसाफ दिलाने का श्रेय खुद आईबीएन7 ने लिया है.
मीडिया हाउसों में क्रेडिट लेने की जो महत्वाकांक्षा है, वो यह साबित करने के लिए काफी है कि हम दरअसल चुपचाप अच्छा काम करने में भरोसा नहीं रखते बल्कि हमारा सारा काम क्रेडिट लेने, प्रसार बढ़ाने, बिजनेस बढ़ाने पर केंद्रित होता है.
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harinam singh
January 15, 2011 at 6:11 am
“हिन्दुस्तान”अपने कर्मचारियों को समय पर ठीक वेतन देता है क्या ? उसके [u][i]तथाकथित[/i][/u] पत्रकार विशेष कर क्राइम रिपोर्टर की क्या असलियत है ये अपने पहले पेज पर बताये ..फिर दिव्या को इन्साफ दिलाने का दावा करे .
mahesh sharma
January 14, 2011 at 3:59 pm
yah apne muh miyan mitthoo banane jaisa hai
KAMPU TOP
January 14, 2011 at 12:33 pm
DIVYA KO INSAF KA TO PATA NAHI ..HINDUSTAN KE SAMPADAK AUR PATRKARO KO”NIRMAL” SE MAAL JARUR MILA.
मदन कुमार तिवारी
January 14, 2011 at 12:18 pm
भाई जी मैं इस केस को पुरी तरह नही समझ पाया । कानूनन अब बलात्कार के अभियोगी की मेडीकल जांच होती है । मेडीकल जांच में कौन दोषी पाया गया यह जानना जरुरी है। दुसरी बात क्या दिव्या के अंदरुनी अंग की मेडीकल जांच हुई थी और अगर हुई थी तो उसके गुप्तांग में मिले सीमेन का मिलान हुआ और किसका सीमेन पाया गया , यह सबसे अहम है ।
मदन कुमार तिवारी
January 14, 2011 at 11:24 am
श्रीमान जी टी आर पी का सब चक्कर है। वैसे ये सारे अखबार वही खबर छापते है जिसे छापने में विग्यापन खोने का भय न हो। हिन्दुस्तान यह बताये की रुपम पाठक के साथ हुये बलात्कार की खबर क्यों नही छापी थी। पाठको को उल्लू समझते है । अब ज्यादा लिखुंगा तो गाली निकलेगी कलम से , इसलिये अब बस करता हूं।