: कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर की तैयारी : वाराणसी। हिंदुस्तान से एक खबर आ रही है जो अच्छी नहीं है। खबर यह है कि क्राइम रिपोर्टर पवन सिंह लंबी छुट्टी पर चले गये हैं और देवेंद्र सिंह को कहा गया है कि कमलेश की जो कि क्राइम रिपोर्टिंग भी करते हैं, मदद करें। पवन सिंह का रविवार को आफ रहता है। अचानक बुधवार से उनकी छुट्टी पर जाने के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
दरअसल कोर्ट के आदेश पर पवन सिंह के खिलाफ एफआईआर लिखाने की तैयारी चल रही है। इस बाबत वाराणसी के सभी अखबारों ने बुधवार के अंक में ही खबर छाप दी थी। हिंदुस्तान यह खबर चबा गया था। उसने अपना गला बचाने की नीयत से गुरुवार के अंक में यह खबर छापी है। शीर्षक है- ‘कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर की तैयारी’। दरअसल सभी अख़बारों में यह खबर बुधवार के अंक में आने के बाद किरकिरी से बचने के लिए हिंदुस्तान ने गुरुवार को पेज नंबर पांच पर यह खबर छाप कर अपनी आलोचनाओं को विराम देने की कोशिश की है। हिंदुस्तान ने हालांकि अपनी खबर में पवन सिंह का नाम तो दिया है पर वह उसका रिपोर्टर है, इस तथ्य को गोल कर गया है। खबर है कि स्थानीय संपादकीय प्रभारी राजकुमार सिंह ने इस खबर को पर्सनल इंटरेस्ट लेकर लिखाया है, ताकि छीछालेदर से वे बच सकें। बनारस के अनेक लोग यह देखने को उत्सुक थे कि यह खबर हिंदुस्तान अपने यहां छापेगा भी या नहीं। पहले दिन यह खबर न छपने पर संपादकीय प्रभारी पर जातिवाद का आरोप लगाने से भी लोग नहीं चूके।
अब आते हैं खबर पर- हिंदुस्तान में पूरी खबर इस प्रकार है- ”कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर की तैयारी, वाराणसी। डीआईजी लालजी शुक्ला ने कहा कि सोयेपुर जहरीली शराब कांड के मामले में आरोपित चार नामजद समेत अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। इस मामले की जांच की जा रही है। बता दें कि 17 फरवरी, 10 को यह कांड हुआ था और 27 लोगों की मौत हो गयी थी। मामले में मुख्य आरोपित महेश जायसवाल की पत्नी नीतू ने उसी दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि उसके पति महेश जायसवाल ने सोयेपुर में जमीन रजिस्ट्री की थी। इसी दौरान वंशनारायण, पवन सिंह, अजय गुप्ता व सुरेश पाल आदि ने महेश से 20 लाख रुपये और चार बिस्वा जमीन की मांग की। आरोपितों ने साजिश के तहत सोयेपुर में जहरीली शराब बंटवा दी और महेश को फंसा दिया। इस प्रार्थना पत्र को अदालत ने 15 अक्टूबर को निरस्त कर दिया। फिर नीतू ने हाई कोर्ट में अपील की तो कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। इंस्पेक्टर धर्मवीर ने देर रात रपट दर्ज होने की पुष्टि नहीं की।’’ इस खबर ने बनारस में चर्चाओं का बाजार गरम कर रखा है। साभार : पूर्वांचलदीप











