जोधपुर में कल रविवार को हेकड़ी दिखाना डीजी केबल न्यूज के एक पत्रकार को भारी पड़ गया। मोइन उल हक नाम के इस पत्रकार को धरनार्थियों ने पहले तो लात-घूंसों से पीटा और फिर उनके खिलाफ साम्प्रदायिकता भड़काने का आरोप लगाते हुए सरदारपुरा थाने में रिपोर्ट भी दी, परन्तु पुलिस ने अभी मामला दर्ज नहीं किया है।
हुआ यूं कि विश्व हिन्दू परिषद ने शहर के जालोरी गेट सर्किल पर कल धरना दिया था। बारिश होने के आसार दिखने पर विहिप कार्यकर्ता धरना जल्दी समेटना चाहते थे। विहिप पदाधिकारी महेन्द्रसिंह राजपुरोहित ने डीजी केबल न्यूज के समाचार प्रभारी मोइन उल हक को फोन किया और कहा कि भाई साहब सभी अखबारों और चैनलों के प्रतिनिधि आकर धरने की कवरेज कर चुके हैं, लेकिन आपके यहां से कोई नहीं आया है। किसी को जल्दी भिजवा दें। यह सुन कर मोइन उल हक बिगड़ गए और कहने लगे कि तुम्हारे कहने से कोई कवरेज थोड़े ही होगा। हमारी सहूलियत से कवरेज करेंगे। हमारा कैमरामैन फ्री होगा तब आएगा। तुम बहुत नेतागिरी कर रहे हो। तुमने फालतू की दुकानदारी लगा रखी है।
महेन्द्रसिंह ने कहा कि भाईसाहब आप कैसे बात कर रहे हो। कृपया तमीज से बात कीजिए। इतना सुनते ही मोइन उल हक बिगड़ गए और गालियां देने लगे। उन्होंने महेन्द्रसिंह से पूछा कि तू कहां है। महेन्द्रसिंह ने कहा कि भाई साहब मैं तो धरने पर ही हूं। मोइन ने कहा कि मैं वहीं आ रहा हूं। मोइन अपनी स्कार्पियो में सवार होकर धरना स्थल पहुंचे और उतर कर गालियां देते हुए महेन्द्रसिंह राजपुरोहित की गुद्दी पकड़ ली। मोइन ने महेन्द्रसिंह को एक थप्पड़ व एक लात मारी ही थी कि वहां मौजूद युवकों ने मोइन उल हक को लातों-घूंसों पर धर लिया। मोइन बड़ी मुश्किल से स्कोर्पियो में सवार होकर भागे। इसके बाद विहिप कार्यकर्ताओं ने सरदारपुरा थाने जाकर मोइन के खिलाफ रिपोर्ट भी दी, जिसमें साम्प्रदायिका भड़काने वाली गालियां देने का आरोप लगाया गया है।
धरने पर मौजूद भाजपा विधायक कैलाश भंसाली और सूर्यकांता व्यास ने भी पुलिस से मोइन के व्यवहार की शिकायत की। इसके बाद डीजी न्यूज़ के स्थानीय संचालक करणीसिंह धुपालिया, भाजपा के पूर्व विधायक जालमसिंह रावलोत को साथ लेकर विहिप कार्यालय गए और माफी मांगी। विहिप पदाधिकारियों ने मोइन के माफी मांगने की मांग करते हुए मामला खत्म करने का आश्वासन दिया है।












babulal
July 25, 2011 at 8:44 am
;D ;D henkdi main rahenge to joot hi khayenge. pata nahi dhupaliya aise logo ko sath rakh kar apne chenal ko barbad kar rahe hain.
arvind khare
July 25, 2011 at 1:47 pm
ये खबर पहली नजर में ही दुर्भावनापूर्ण तरीके से लिखी दिखती है. कोई पत्रकार इतना बेबकूफ नहीं हो सकता की विश्व हिन्दू परिषद् या बजरंग दल जैसे संगठनों के कार्यक्रम में जाकर उन्ही से झगडा करे. इन संगठनों की गुंडागर्दी से सब वाकिफ हैं. पत्रकारों को पीटना इनकी फितरत में शामिल हो चूका है.
govind sharma
July 25, 2011 at 5:52 pm
पत्रकारों को ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए लेकिन जोधपुर में कुछ पत्रकार अपने को खुदा समजने लगे है और उसी का नतीजा है की पत्रकार को वी एच पी के कार्यकर्त्ताओ ने धुनाई कर दी खेर अच्छा हुआ इस पत्रकार के जूते खाने के ही लायक है की खबर से से कुछ और इस तरह के पत्रकार है उनको अकल आ जाएगी
m.k.singh
July 26, 2011 at 6:03 am
muje samajh nahee aa raha ki ye “bhadas 4 media “kab se vhp ya kisi aur sangathan ka portal ban gaya ?? hamne to aaj tak is portal par patrakaro k sath hue dukh dard .halchal ki re dekhi but bye khabar wakai me durbhawana aur vyaktigat ranjish se prerit lagati hai, bhai awwal to khud khabar likhne wale ne kaha ki police ne report darj nahee ki , aur is kalpanik natakiya rupantaran me vhp ke neta ke dialogues me “BHAISAHAB” ka jyada hi istemal kiya gaya lagta hai…..are mere patrakar bhai aap kya chahte ho ki patrakar vhp ya kisi aur sangathan k aage punch hilaye ??? kaha gaya aapka swabhiman ?? khair bhaiya ye khabar dene wala kam se kam patrakar to nahee ho sakta , na to hamni ge jotpur dekha na rajasthan, par is tarah ki khabre dekh kar dukh hota hai ki ” ek kutta dusre kutte ka mans nahe khata par ham patrakaro ko kya ho gaya hai ?????socho ji;D;D;D;D;D;D;D;D
kamal, jaipur
July 30, 2011 at 4:14 pm
इन हजरत के बारे में ज्यादा जानना हो तो नीचे दिये लिंक पर जाकर पढो-
http://www.bhadas4media.com/edhar-udhar/9491-2011-02-26-06-58-30.html