: कोटा में दैनिक नवज्योति के नये भवन का लोकार्पण : कोटा : जब सरकार कोई घोषणा करती है और वह पूरी नहीं होती है, तब मीडिया ही उस ओर सरकार का ध्यानाकर्षण करता है। आज भी गांव की जनता छपे हुए शब्दों पर विश्वास करती है। इसलिए सुशासन में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह विचार राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने व्यक्त किये। वे रावतभाटा रोड़ स्थित दैनिक नवज्योति के नवनिर्मित भवन के उदघाटन के बाद आयोजित स्व. दुर्गा प्रसाद चौधरी पत्रकारिता पुरस्कार समारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के गृह, विधि, नगरीय विकास, आवासन, स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने की। इस मौके पर सांसद इज्यराज सिंह, विधायक ओम बिरला, भवानी सिंह राजावत और महापौर डा. रत्ना जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिॉनिक मीडिया के इस युग में प्रिंट मीडिया का अपना महत्व है। जनता का विश्वास है कि लिखे हुए और छपे हुए शब्द सत्यता पर आधारित होते हैं। उनका विश्वास है कि छपता वही जो वास्तव में सही है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों का समाज में व्याप्त अन्याय उत्पीडऩ, शोषण व समाज की समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ चहुंमुखी विकास में भी योगदान है। जब इस प्रकार के समाचार छपते हैं तो सरकार संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अधिकारियों को भी निर्देश दिये हैं कि समाचार पत्रों में आम जनता की समस्याओं से संबंधित खबरें आती हैं तो उसे अहम का सवाल बनाने के बजाय, उस पर कार्रवाई करें। यदि खबर गलत हो तो उसका खंडन करें। कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को उजागर करने में भी मीडिया को सहयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता को मिशन के रूप में लिया जाना चाहिए। कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी ने मिशन पत्रकारिता कर देश में अंग्रेजी सरकार के खिलाफ अलख जगाई। उनके जमाने में अखबार निकालने की चुनौतियां कम नहीं थी। सीमित संसाधनों के बावजूद मिशन की पत्रकारिता की। स्वतंत्रता आंदोलन के समय कप्तान साहब ने मिशन के रूप में कार्य कर स्वतंत्रता आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज समाचार पत्र व्यवसायिक इकाई के रूप में बदल गए हैं। लेकिन नवज्योति ने अपना मिशन नहीं छोड़ा। हमने नवज्योति के आर्थिक संकट का दौर भी देखा। इसके बाद भी नवज्योति ने जनता की बात प्रभावी तरीके साथ उठाई।
मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले झुंझुनू के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सिंह निर्वाण को कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी पत्रकारिता पुरस्कार-२०१० से सम्मानित किया गया। उन्हें पुरस्कार स्वरूप ३१ हजार रुपये, प्रशस्तिपत्र, शॉल और स्मृति चिह भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय करने वाले ६ अन्य पत्रकार कृष्ण गोपाल शुक्ला करौली, चंद्रकांत पंडित कोटपुतली, मुरलीधर बाचीवाल सरदार शहर मदन लाल माहेश्वरी रानीवाडा, भरत गर्ग पिंडवाडा और श्रीमती सारिका कसारा डंूगरपुर को ११-११ हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र, शॉल एवं स्मृति चिन्ह के साथ सम्मानित किया। समारोह में विज्ञापन क्षेत्र में कार्य करने वाले एजेंसियों के प्रतिनिधि नरेश जैन, अनिल तिवारी, आसिफ खान, राघव भार्गव, नरेंद्र सिंघल, अशोक भदोरिया, यतीन्द्र जैन को भी सम्मानित किया गया। नवनिर्मित भवन के आर्किटेक्ट जे.के. शर्मा और भवन निर्माण कांट्रेक्टर रामगोपाल अग्रवाल का भी अभिनंदन किया गया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए गृह मंत्री शांति धारीवाल ने कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दैनिक नवज्योति समाचारपत्र कप्तान साहब के सिद्धांतों एवं जीवन मूल्यों को अपनाते हुए आर्थिक तंगी के दौरान भी अपने अस्तित्व को कायम रखने में सफल रहा। समाचार पत्र आज भी सत्यता के पथ पर चलते हुए जनता की समस्याओं को प्रकाशित कर स्वास्थ एवं निर्भिक पत्रकारिता को उजागर करने में अपनी भूमिका निभा रहा है।
नवनिर्मित भवन लोकार्पित संबोधन से पूर्व मुख्यमंत्री ने दैनिक नवज्योति के नवनिर्मित भवन का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने समाचार पत्र के भवन के विभिन्न कक्षों का अवलोकन भी किया। समारोह में मुख्यमंत्री ने समाचार पत्र के भवन में बनाये गए विभिन्न कक्षों का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने दैनिक नवज्योति समाचार पत्र की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में नवज्योति के निदेशक नरेंद्र चौधरी ने माला पहनाकर तथा दयाकिशनजी डाटा ने साफा बांधकर मुख्यमंत्री गहलोत का स्वागत किया। स्वागत भाषण दैनिक नवज्योति के प्रधान संपादक दीनबंधु चौधरी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन पुरुषोत्तम शर्मा ने किया।
कोटा से संजय की रिपोर्ट












sachin
October 25, 2010 at 1:37 am
badhai sabko