: पिता के इलाज के लिए पैसों की जरूरत : यशवंतजी मेरे पिता श्री विनय कुमार पांडेय का एक्सीडेंट अगस्त 2009 में हो गया था. अपनी क्षमता के अनुसार मैंने उनका इलाज पटना के मशहूर डाक्टर से कराया, लेकिन बांए पैर में इंफेक्शन हो जाने के कारण पैर का तीन बार ऑपरेशन हुआ. जिसमें करीब पांच लाख रुपये खर्च हो गए.
अब उनका फाइनल ऑपरेशन होना है, जिसमें पीछे से हड्डी निकालकर इंफेक्टेड एरिया में लगाया जाएगा. इस ऑपरेशन में डॉक्टर ने करीब एक लाख पचीस हजार रुपये का खर्च बताया है. ऑपरेशन मार्च के पहले सप्ताह में होनी थी, लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं हो पाने के कारण इसे टाल दिया गया. पैसे की कमी के चलते ही अब मैं उनका इलाज नहीं करा पा रहा हूं.
मैं हिंदुस्तान, पटना में सुपर स्ट्रिंगर के रूप में कार्य कर रहा हूं. मेरे पिता थियेटर आर्टिस्ट हैं, इस वजह से मैंने कला विभाग को भी मद्द के लिए लिखा. लेकिन मंत्री के अप्लीकेशन फारवर्ड करने के बाद भी उसपर कोई सुनवाई नहीं हुई. यदि कोई पत्रकार साथी मेरी मदद कर सके तो मैं उनका और भड़ास का आभारी रहूंगा. क्योंकि पिताजी का ऑपरेशन जल्दी कराना है.
डाक्टर ने कहा है कि अगर ऑपरेशन में ज्यादा देर हुई तो फिर से इंफेक्शन हो सकता है. इस बार इंफेक्शन हुआ तो पैर काटना पड़ सकता है. मैं हिंदुस्तान पटना से पहले अमर उजाला, वाराणसी में तीन साल स्पोर्टस डेस्क पर किया. प्रभात खबर में भी काम किया. पर शायद हम जैसे पत्रकारों की नियति ही ऐसी होती है कि हमें अपने संस्थानों से कोई मदद नहीं मिलती. अगर आप में से कोई मेरी किसी भी प्रकार की मदद करे तो मैं अपने पिता का इलाज करा सकूंगा.
विकास पांडेय
मोबाइल नम्बर 9128179324
एकाउंट नम्बर – 31319116573
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
पटना













shailendra paashar
March 24, 2011 at 5:36 pm
aapke pita ji jaldi hi tikh ho jayenge aap bharosa rakhiye bas?
Firoz Khan
March 24, 2011 at 9:15 pm
आपके पिता जी जल्दी ठीक हो जाये ….ऐसी दुआ करता हूं…..
हिम्मत बांधे रखिये….
shravan shukla
March 25, 2011 at 8:09 am
bhai saahab….. muskil ki is ghadi me ham sab aapke saath hai.. abhi to kuch nahi hai mere pass.kkyuki mai bhi abhi musibat me hi hoon..lekin 1 ko salary milte hi yathashakti sahyog karunga…
Dr. Manish Kumar
March 25, 2011 at 1:25 pm
. . . ईमानदारी भरे चिकत्सा सलाह के लिये मुझे संपर्क कर सकते हैं . . . चेन्नई में मैं एक ईसाई अस्पताल से भी जुरा हूँ . . . सस्ती सेवा उपलब्ध करवा सकता हूँ . . .
Ghanshyam Krishana
March 27, 2011 at 7:41 am
ईश्वर से प्रार्थना करता हूं, कि आपके पिता जल्द ही ठीक हो जायें ।
Ghanshyam Krishana
March 27, 2011 at 7:44 am
Pls. aap apnee request is web portal per jaroor bhej de.
http://www.samacharxpress.com
POONAMCHAND SHARMA
March 28, 2011 at 1:35 pm
vkids firkth dk LokLF; vfrf’k?kz Bhd gksxkA fgEer vkSj /ks;Z ls gh eafty fey ik,xhA iwuepUn ‘kekZ] jktLFkku if=dk] ijcrlj ftyk & ukxkSj jktLFkku
POONAMCHAND SHARMA
March 28, 2011 at 1:38 pm
aapke papa jaldi hi thik honge, iswer se yehi kamna ha, dharya or himmat hi papa ko thik karange, POONAMCHAND SHARMA, RAJ. PATRIKA, PARBATSAR (DISTRICT – NAGAUR) PARBATSAR
Media
April 8, 2011 at 7:57 am
सेवा में
मीडिया परिवार
निवेदन ये है की हिंदुस्तान(Hindustan Times) के फोटो ग्राफ़र आज़म हुसैन को जान से मारने की धमकी दी जिसकी खबर ७-०४-२०११ के अमर उजाला में छपी है. आज़म हुसैन का दोष सिर्फ इतना था की वोह पूरी इमानदारी से फोटो ग्राफी व रिपोर्टिंग करते है जिसकी तारीफ में हमें कुछ नहीं कहना है उसकी इमानदारी और होसले के बारे में लखनऊ की मीडिया जगत में काफी अच्छी पहचान है. इस वक़्त आवशकता है की मीडिया परिवार को एक होने की. आज़म हुसैन जैसे कितने पत्रकार है जिन्हें समाज के भय से खामोश हो जाना पड़ता है .
घटना उस समय की है जब ६ अप्रैल को दिन में एक बजे नगर निगम के अधिकारी व ठाकुर गंज पोलिस बगैर किसी नोटिस के महजबीं फातिमा पति महताब अली निवासी ४६७/ १५२ क के घर में घुस गए उस समय महजबीं फातिमा की पुत्री रिंकी १९ वर्षीय अकेली थी घर में उसके साथ गली गलोच की और घर के कमरे में धकेल कर बंद कर दिया और घर का बाथरूम व कुछ हिस्सा तोड़ डाला. बड़े अफ़सोस की बात है की इस घटना को नगर निगम के अधिकारी व ठाकुर गंज पोलिस ने इस दूरभागय कम को अंजाम दिया जो देश के सविधान को भूल चुके है.ये अधिकारी मोहम्मद अली जफ़र व उनके तीनो पुत्र मीसम नकवी, शान नकवी, (जो पेशे से खुद को वकील बताते है) मीसम नकवी शिया कॉलेज में दलाली करके स्टुडेंट का एडमीशन करवाते है जबकि इरम नकवी की खुद की परचून की दुकान है से हाथ मिला चुके है जबकि ठाकुरगंज की पुलिस अभी तक शान नकवी और मीसम नकवी का साथ देते आ रहे है. एक वर्ष से ज्यादा वक़्त बीत चुका है अपने पडोसी महजबीं फातिमा के परिवार को परेशान करते हुवे जिसकी रिपोर्ट ठाकुरगंज पोलिस को भी है.
अजाम हुसैन की जान को खतरा है जबकि आज़म हुसैन की माँ काफी समय से बीमार है इस घटना से वोह और ज्यादा बीमार हो गेई है मीडिया से अनुरोध है की वोह मामले की विस्तृत जानकारी लेकर अपने मित्र आज़म हुसैन की मदद करे.इस देश को इमानदार पत्रकार की ज़रुरत है. आशा है की आप सब सहयोग देंगे.
आपका आभारी
थ्रू मीडिया परिवार
Sumeet Dwary
April 22, 2011 at 3:36 am
Dear Vikas
Please forward all documents to [email protected], you may get help from Rajesh Jha who is currently in J&K shooting for a film some rotarians are his friend at Patna. Richa looks this section